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कानपुर सेंट्रल से निकलते ही दिल्ली-कटिहार हमसफर में कपलिंग टूटने से अलग हुए 12 कोच, यात्रियों में हड़कंप
Mon, 09 Nov 2020 08:33 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 09 Nov 2020 08:33 AM IST
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ट्रेन की कपलिंग टूटी
- फोटो : amar ujala
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दिल्ली-कटिहार हमसफर क्लोन स्पेशल ट्रेन (05486) के यात्रियों की जान पर उस समय बन आई जब कपलिंग टूटने से गाड़ी दो हिस्सों में बंट गई। झटका लगते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। लापरवाही की हद तो तब हो गई जब जंजीर से जोड़कर ट्रेन को रवाना कर दिया। एक घंटे बाद कानपुर में ही दोबारा ट्रेन वहीं से अलग हो गई।
इंजन के साथ तीन बोगियां करीब 100 मीटर आगे चली गईं और बाकी 12 बोगियां पीछे ही रह गईं। जैसे तैसे प्रयागराज पहुंची ट्रेन से प्रभावित डिब्बे को हटाया गया। ट्रेन दोपहर डेढ़ बजे कानपुर सेंट्रल से निकली तो चंदारी और चकेरी के बीच में इंजन से चौथे कोच बी-12 (एसी) की कपलिंग टूट गई। मरम्मत कराने के बजाय कोच को मोटी जंजीर से बांधकर फिर रवाना कर दिया।
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इंजन के साथ तीन बोगियां करीब 100 मीटर आगे चली गईं और बाकी 12 बोगियां पीछे ही रह गईं। जैसे तैसे प्रयागराज पहुंची ट्रेन से प्रभावित डिब्बे को हटाया गया। ट्रेन दोपहर डेढ़ बजे कानपुर सेंट्रल से निकली तो चंदारी और चकेरी के बीच में इंजन से चौथे कोच बी-12 (एसी) की कपलिंग टूट गई। मरम्मत कराने के बजाय कोच को मोटी जंजीर से बांधकर फिर रवाना कर दिया।
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इसके बाद सरसौल के प्रेमपुर के पास कोच फिर से अलग हो गया। ढाई बजे से लेकर शाम चार बजे तक फिर अस्थायी जुगाड़ कर कोच को जोड़कर ट्रेन को रवाना किया गया। हालांकि यात्रियों में डर बना रहा। उन्हें झटके भी लगते रहे। ट्रेन शाम सात बजे जब प्रयागराज पहुंची तो वहां पर कोच हटाया गया। बी-12 के यात्रियों को बी-5 में शिफ्ट किया गया।
लापरवाही से हो सकता था हादसा, होगी जांच
कोच की कपलिंग टूटी होने से यात्रियों की जान को मुसीबत में डालने की लापरवाही सामने आई है। कानपुर में इस कोच को हटा देना चाहिए था लेकिन अस्थायी व्यवस्था से कोच जोड़ा, जो करीब 30 किमी आगे फिर से अलग हो गया। यात्रियों के विरोध के बाद भी ट्रेन को किसी तरह से प्रयागराज स्टेशन ले जाया गया। रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
कटिहार निवासी मुकेश रंजन ने बताया कानपुर से निकलते ही कोच में झटके लगे थे। इसकी शिकायत की गई लेकिन तब तक बोगी ही अलग हो गई। कानपुर में ही कोच बदल देना चाहिए था।
मोहम्मद यूसुफ बोले एक बार अस्थायी तौर पर कोच जोड़ने के बाद भी झटके लग रहे थे। यात्रियों में दहशत थी। दोबारा कोच अलग होने के बाद यात्रियों ने ट्रेन से उतरना शुरू कर दिया। इससे कोई दूसरी ट्रेन पटरी पर आ रही होती तो हादसा हो सकता था।
लापरवाही से हो सकता था हादसा, होगी जांच
कोच की कपलिंग टूटी होने से यात्रियों की जान को मुसीबत में डालने की लापरवाही सामने आई है। कानपुर में इस कोच को हटा देना चाहिए था लेकिन अस्थायी व्यवस्था से कोच जोड़ा, जो करीब 30 किमी आगे फिर से अलग हो गया। यात्रियों के विरोध के बाद भी ट्रेन को किसी तरह से प्रयागराज स्टेशन ले जाया गया। रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
कटिहार निवासी मुकेश रंजन ने बताया कानपुर से निकलते ही कोच में झटके लगे थे। इसकी शिकायत की गई लेकिन तब तक बोगी ही अलग हो गई। कानपुर में ही कोच बदल देना चाहिए था।
मोहम्मद यूसुफ बोले एक बार अस्थायी तौर पर कोच जोड़ने के बाद भी झटके लग रहे थे। यात्रियों में दहशत थी। दोबारा कोच अलग होने के बाद यात्रियों ने ट्रेन से उतरना शुरू कर दिया। इससे कोई दूसरी ट्रेन पटरी पर आ रही होती तो हादसा हो सकता था।