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Kanpur News: जिला अस्पताल में 12 बेड का डेंगू वार्ड तैयार
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इटावा। मौसम में बदलाव के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। शासन के निर्देशों पर डेंगू वार्ड बनाकर 12 बैड तैयार किए गए हैं। मलेरिया की रोकथाम के लिए भी दवाओं आदि की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक से 31 जुलाई तक संचारी रोग अभियान चलाया गया था। डॉक्टरों का मानना है कि मौसम में बदलाव के साथ ही मलेरिया, डेंगू सहित अन्य संक्रामक रोग पनप सकते हैं। ऐसी स्थिति देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके संक्रामक रोगों के लिए बेहद संवेदनशील हैं। पिछले वर्ष डेंगू, मलेरिया का प्रकोप इन इलाकों में अधिक रहा। इन क्षेत्रों में डेंगू के 20 मामले पाए गए थे। इस बार डेंगू का प्रकोप न बने। इसके लिए अभी से संचारी रोग अभियान के माध्यम से लोगों को पहले की जागरूक कर दिया गया है। साथ ही अस्पताल में 12 बेड का डेंगू वार्ड बना दिया गया है। इसमें छह महिला व छह पुरुषों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि ब्लॉक सैफई के लक्षयवाई निवासी रिषी कुमार नोएडा में काम करते हैं। वहां वह डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। यहां का आधार कार्ड लगाने से पोर्टल पर केस दर्ज हुआ है, हालांकि उनका वहां ही इलाज हुआ है। यहां अभी तक कोई डेंगू का केस नहीं मिला है।
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संचारी रोगों के मरीजों के लिए अलग वार्ड का न होना एक गंभीर समस्या है। संचारी रोग जैसे कि मलेरिया, डायरिया, चिकनगुनिया, आदि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं, इसलिए इन रोगों के मरीजों को अलग वार्ड में रखना आवश्यक है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। संचारी वार्ड न होने से अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के भी संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है।
जिला अस्पताल में 12 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। अभी तक वार्ड में किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है। संचारी रोगों के मरीजों को आपदा वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इसके लिए अलग से कोई वार्ड नहीं बनाया गया है।
-डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक से 31 जुलाई तक संचारी रोग अभियान चलाया गया था। डॉक्टरों का मानना है कि मौसम में बदलाव के साथ ही मलेरिया, डेंगू सहित अन्य संक्रामक रोग पनप सकते हैं। ऐसी स्थिति देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके संक्रामक रोगों के लिए बेहद संवेदनशील हैं। पिछले वर्ष डेंगू, मलेरिया का प्रकोप इन इलाकों में अधिक रहा। इन क्षेत्रों में डेंगू के 20 मामले पाए गए थे। इस बार डेंगू का प्रकोप न बने। इसके लिए अभी से संचारी रोग अभियान के माध्यम से लोगों को पहले की जागरूक कर दिया गया है। साथ ही अस्पताल में 12 बेड का डेंगू वार्ड बना दिया गया है। इसमें छह महिला व छह पुरुषों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि ब्लॉक सैफई के लक्षयवाई निवासी रिषी कुमार नोएडा में काम करते हैं। वहां वह डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। यहां का आधार कार्ड लगाने से पोर्टल पर केस दर्ज हुआ है, हालांकि उनका वहां ही इलाज हुआ है। यहां अभी तक कोई डेंगू का केस नहीं मिला है।
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संचारी रोगों के मरीजों के लिए अलग वार्ड का न होना एक गंभीर समस्या है। संचारी रोग जैसे कि मलेरिया, डायरिया, चिकनगुनिया, आदि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं, इसलिए इन रोगों के मरीजों को अलग वार्ड में रखना आवश्यक है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। संचारी वार्ड न होने से अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के भी संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है।
जिला अस्पताल में 12 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। अभी तक वार्ड में किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है। संचारी रोगों के मरीजों को आपदा वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इसके लिए अलग से कोई वार्ड नहीं बनाया गया है।
-डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस।