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परिजनों ने जिसका किया अंतिम संस्कार, वह नौ माह बाद लौटी
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अचलगंज। नौ माह पहले नाटकीय ढंग से लापता हुई जिस युवती को परिजन मृत मान रहे थे, पुलिस ने उसे गाजियाबाद से ढूंढ निकाला। परिजनों ने बेटी के गायब होने के पांच दिन बाद कानपुर देहात के अकबरपुर में मिले एक युवती के शव को बेटी के रूप में पहचान कर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था।
रविवार को एसपी ने घटना का खुलासा किया। युवती गाजियाबाद में प्रेमी के साथ विवाह करके रह रही थी। एसपी ने बताया कि युवती के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा अकबरपुर में मिले युवती के शव के मामले की जांच की जाएगी।
अचलगंज थानाक्षेत्र के बंदीपुरवा गांव निवासी सिद्धगोपाल शुक्ला की बेटी प्रिया शुक्ला बीए की छात्रा है। वह 23 अप्रैल 2018 को अचलगंज कस्बा स्थित बैंक से पासबुक लेने की बात कहकर घर से निकली थी। घर न लौटने पर अगले दिन पिता ने अचलंगज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
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पांच दिन बाद कानपुर देहात के अकबरपुर थानाक्षेत्र में मिले एक युवती के शव की पहचान पिता सिद्ध गोपाल ने अपनी बेटी प्रिया के रूप में की थी। कानपुर में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने गांव में अंतिम संस्कार कर दिया था। इस दौरान डीआईजी कानपुर की अनुमति से 7 नवंबर 2018 को मुकदमा कानपुर अकबरपुर से अचलंगज थाने को ट्रांसफर हो गया था। पुलिस ने जब जांच की तो उसे चौंकाने वाले तथ्य मिले। लापता होने के तीन माह बाद ही युवती का मोबाइल फोन चालू हो गया था।
पुलिस की जांच में युवती को गाजियाबाद जिले के मोहल्ला झंडापुर थाना लिंकरोड से खोज निकाला। पूछताछ में प्रिया ने बताया कि गांव आने वाले अमरूद व्यापारी एटा जिले के थाना जसरपुर के गांव नगला परशुरामपुर मजरा अमृतपुर निवासी चंद्रपाल यादव से उसकी मित्रता हो गई थी। उसने फर्रुखाबाद में कोर्ट मैरिज कर ली। इसके बाद से वह गाजियाबाद में रहने लगी। पति चंद्रपाल ने फलों का व्यापार छोड़ गाजियाबाद में प्राइवेट नौकरी कर ली थी।
एसपी हरीश कुमार ने बताया कि प्रिया का मेडिकल कराने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराए जाएंगे। उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस शव को अकबरपुर पुलिस ने प्रिया का समझकर विवेचना ट्रांसफर कर दी थी वह किसका था इसकी जांच अकबरपुर पुलिस करेंगी।
इनसेट
वायरल फोटो ने मचाई थी सनसनी
प्रिया के लापता होने के एक महीने बाद उसकी एक फोटो अपने पुरुष मित्र (पति) के साथ वायरल हुई थी। फोटो में वह शादीशुदा दिख रही थी। उसके जीवित होने की चर्चा ने सनसनी फैलाई। पुलिस ने फोटो के आधार पर जांच शुरू की तो घटना का खुलासा हुआ।
इनसेट
बदल लिए थे मोबाइल
घर से भागने के तीन महीने बाद मामला ठंडा हो गया तो प्रिया और चंद्रपाल ने अपने मोबाइल कुछ दिनों के लिए बंद कर लिए थे। उन्होंने अनुमान लगाया था कि कुछ दिन बीतने के बाद मामला ठंड पड़ जाएगा लेकिन मोबाइल आन होते ही पुलिस उन तक पहुंच गई
इनसेट
बदनामी के डर से अंजान बने रहे घरवाले
पुलिस के मुताबिक प्रिया के घरवाले कुछ भी कहने से बच रहे हैं। शादी के बाद की तस्वीर सामने आने के बाद परिजन मामले को दबाने में जुट गए थे। गैर बिरादरी के युवक से शादी करने की चर्चाओं से वह मामले को भूल जाना चाहते थे। उधर तीन माह बाद युवती ने रिश्ते के ताऊ और बुआ से बात की थी लेकिन प्रिया के जिंदा होने की बात पर उन्होंने विश्वास नहीं किया था।
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रविवार को एसपी ने घटना का खुलासा किया। युवती गाजियाबाद में प्रेमी के साथ विवाह करके रह रही थी। एसपी ने बताया कि युवती के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा अकबरपुर में मिले युवती के शव के मामले की जांच की जाएगी।
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अचलगंज थानाक्षेत्र के बंदीपुरवा गांव निवासी सिद्धगोपाल शुक्ला की बेटी प्रिया शुक्ला बीए की छात्रा है। वह 23 अप्रैल 2018 को अचलगंज कस्बा स्थित बैंक से पासबुक लेने की बात कहकर घर से निकली थी। घर न लौटने पर अगले दिन पिता ने अचलंगज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
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पांच दिन बाद कानपुर देहात के अकबरपुर थानाक्षेत्र में मिले एक युवती के शव की पहचान पिता सिद्ध गोपाल ने अपनी बेटी प्रिया के रूप में की थी। कानपुर में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने गांव में अंतिम संस्कार कर दिया था। इस दौरान डीआईजी कानपुर की अनुमति से 7 नवंबर 2018 को मुकदमा कानपुर अकबरपुर से अचलंगज थाने को ट्रांसफर हो गया था। पुलिस ने जब जांच की तो उसे चौंकाने वाले तथ्य मिले। लापता होने के तीन माह बाद ही युवती का मोबाइल फोन चालू हो गया था।
पुलिस की जांच में युवती को गाजियाबाद जिले के मोहल्ला झंडापुर थाना लिंकरोड से खोज निकाला। पूछताछ में प्रिया ने बताया कि गांव आने वाले अमरूद व्यापारी एटा जिले के थाना जसरपुर के गांव नगला परशुरामपुर मजरा अमृतपुर निवासी चंद्रपाल यादव से उसकी मित्रता हो गई थी। उसने फर्रुखाबाद में कोर्ट मैरिज कर ली। इसके बाद से वह गाजियाबाद में रहने लगी। पति चंद्रपाल ने फलों का व्यापार छोड़ गाजियाबाद में प्राइवेट नौकरी कर ली थी।
एसपी हरीश कुमार ने बताया कि प्रिया का मेडिकल कराने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराए जाएंगे। उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस शव को अकबरपुर पुलिस ने प्रिया का समझकर विवेचना ट्रांसफर कर दी थी वह किसका था इसकी जांच अकबरपुर पुलिस करेंगी।
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वायरल फोटो ने मचाई थी सनसनी
प्रिया के लापता होने के एक महीने बाद उसकी एक फोटो अपने पुरुष मित्र (पति) के साथ वायरल हुई थी। फोटो में वह शादीशुदा दिख रही थी। उसके जीवित होने की चर्चा ने सनसनी फैलाई। पुलिस ने फोटो के आधार पर जांच शुरू की तो घटना का खुलासा हुआ।
इनसेट
बदल लिए थे मोबाइल
घर से भागने के तीन महीने बाद मामला ठंडा हो गया तो प्रिया और चंद्रपाल ने अपने मोबाइल कुछ दिनों के लिए बंद कर लिए थे। उन्होंने अनुमान लगाया था कि कुछ दिन बीतने के बाद मामला ठंड पड़ जाएगा लेकिन मोबाइल आन होते ही पुलिस उन तक पहुंच गई
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बदनामी के डर से अंजान बने रहे घरवाले
पुलिस के मुताबिक प्रिया के घरवाले कुछ भी कहने से बच रहे हैं। शादी के बाद की तस्वीर सामने आने के बाद परिजन मामले को दबाने में जुट गए थे। गैर बिरादरी के युवक से शादी करने की चर्चाओं से वह मामले को भूल जाना चाहते थे। उधर तीन माह बाद युवती ने रिश्ते के ताऊ और बुआ से बात की थी लेकिन प्रिया के जिंदा होने की बात पर उन्होंने विश्वास नहीं किया था।