{"_id":"5cde5239bdec2207532a5e74","slug":"1140-account-holders-of-brahmavart-bank-will-be-entitled-to-a-compensation-of-one-lakh-rupees","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इस बैंक के खाताधारकों को बड़ी राहत, 1140 को क्षतिपूर्ति तो 30370 लोगों को मिलेगी 'चैन की सांस'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस बैंक के खाताधारकों को बड़ी राहत, 1140 को क्षतिपूर्ति तो 30370 लोगों को मिलेगी 'चैन की सांस'
Fri, 17 May 2019 04:00 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 17 May 2019 04:00 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
ब्रह्मावर्त बैंक के 1140 खाताधारक ही अपनी जमा रकम के बदले में अधिकतम एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति पाने के हकदार होंगे। इन सभी खाताधारकों का बैंक में एक लाख रुपये से अधिक जमा हैं। इन सभी की कुल जमाराशि 33.22 करोड़ रुपये है। इन्हें एक लाख रुपये से अधिक जमा राशि का नुकसान उठाना पड़ेगा।
कानपुर में ब्रह्मावर्त बैंक में अनियमितताओं और खातों के एनपीए होने की वजह से रिजर्व बैंक ने तीन जुलाई 2018 को इसका लाइसेंस निरस्त कर दिया था। इसके बाद बैंक में लिक्विडेटर की तैनाती की गई थी। सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त एवं सहायक निबंधक अंसल कुमार बैंक के तीसरे लिक्विडेटर हैं।
इनकी कानपुर में तैनाती जनवरी 2019 में हुई थी। अपने साढ़े तीन माह के कार्यकाल में इन्होंने बैंक में जमा धन वाले खाताधारकों की सूची बना ली है। यह सूची किसी रजिस्टर्ड सीए फर्म से ऑडिट कराए जाने की प्रक्रिया में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर में ब्रह्मावर्त बैंक में अनियमितताओं और खातों के एनपीए होने की वजह से रिजर्व बैंक ने तीन जुलाई 2018 को इसका लाइसेंस निरस्त कर दिया था। इसके बाद बैंक में लिक्विडेटर की तैनाती की गई थी। सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त एवं सहायक निबंधक अंसल कुमार बैंक के तीसरे लिक्विडेटर हैं।
विज्ञापन
इनकी कानपुर में तैनाती जनवरी 2019 में हुई थी। अपने साढ़े तीन माह के कार्यकाल में इन्होंने बैंक में जमा धन वाले खाताधारकों की सूची बना ली है। यह सूची किसी रजिस्टर्ड सीए फर्म से ऑडिट कराए जाने की प्रक्रिया में है।
विज्ञापन
एक लाख रुपये से कम जमा वाले खाताधारक 30370 हैं
ऑडिट के बाद संशोधित सूची क्षतिपूर्ति दावे के लिए डिपाजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन(डीआइसीजीसी) मुंबई भेजी जाएगी। इसके बाद क्षतिपूर्ति दावे के लिए लिक्विडेटर का काम खत्म हो जाएगा, लेकिन बैंक के लोन खातों की वसूली का काम चलता रहेगा।
लिक्विडेटर अंसल कुमार ने बताया कि जिन खाताधारकों के बैंक में रुपये जमा हैं उनकी दो कैटेगरी में सूची बनाई गई। एक सूची एक लाख रुपये से अधिक जमा वालों की और दूसरी सूची एक लाख रुपये से कम जमा वालों की। एक लाख रुपये से अधिक जमा वाले 1140 खाताधारक हैं। इनका 33.22 करोड़ रुपये जमा है।
एक लाख रुपये से कम जमा वाले खाताधारक 30370 हैं। इनका 15 करोड़ रुपये जमा है। एक लाख रुपये से अधिक जमा धन वाले अधिकतम एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति के हकदार होंगे। जबकि एक लाख रुपये से कम वाले अपने जमा अनुपात में क्षतिपूर्ति पाएंगे।
लिक्विडेटर अंसल कुमार ने बताया कि जिन खाताधारकों के बैंक में रुपये जमा हैं उनकी दो कैटेगरी में सूची बनाई गई। एक सूची एक लाख रुपये से अधिक जमा वालों की और दूसरी सूची एक लाख रुपये से कम जमा वालों की। एक लाख रुपये से अधिक जमा वाले 1140 खाताधारक हैं। इनका 33.22 करोड़ रुपये जमा है।
एक लाख रुपये से कम जमा वाले खाताधारक 30370 हैं। इनका 15 करोड़ रुपये जमा है। एक लाख रुपये से अधिक जमा धन वाले अधिकतम एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति के हकदार होंगे। जबकि एक लाख रुपये से कम वाले अपने जमा अनुपात में क्षतिपूर्ति पाएंगे।
3075 लोगों पर 32.66 करोड़ रुपये लोन बकाया है
डेटर ने बताया कि बैंक का लोन न चुकाने वालों की भी सूची बना ली गई है। कुल 3075 लोगों पर 32.66 करोड़ रुपये लोन बकाया है। उन्होंने बकायेदारों को सार्वजनिक सूचना जारी करके चेताया है कि लोन की रकम चुकाने के लिए रतनलाल नगर स्थित बैंक के मुख्यालय में लिक्विडेटर कक्ष में ही संपर्क करें। बैंक के किसी व्यक्ति या एजेंट के जरिये लोन न चुकाएं। ऐसे लोग लेनदेन के लिए अधिकृत नहीं हैं। वे धोखाधड़ी के शिकार भी हो सकते हैं।