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10 हजार से अधिक एक्टिवेटेड सिम पकड़ने का मामला, लखनऊ से पकड़ने के बाद पुलिस ने छोड़ा असली गुनहगार
Sat, 24 Aug 2019 11:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 24 Aug 2019 11:39 PM IST
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बीएसएनएल
- फोटो : PTI
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हरदोई जनपद की सर्विलांस, स्वॉट टीम और मल्लावां कोतवाली पुलिस टीम बीएसएनएल के 10 हजार से अधिक प्री एक्टिवेटेड सिम के मामले का खुलासा कर भले ही खुद की पीठ थपथपा रही हो, लेकिन मामले में असली गुनहगार का जिक्र पूरे प्रकरण में नहीं हुआ। जो प्री एक्टिवेटेड सिम पुलिस बरामद करने का दावा कर रही है वह लखनऊ स्थित बीएसएनएल की एक फ्रेंचाइजी से लिए गए हैं।
यह बात और है कि पूरे मामले में पुलिस ने इस तथ्य को छिपा रखा है। शुक्रवार को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान दावा किया था कि सर्विलांस टीम के प्रभारी राकेश उपाध्याय, स्वॉट टीम के प्रभारी अरविंद कुमार यादव और मल्लावां कोतवाल शिवशंकर सिंह ने 22 अगस्त की शाम लगभग साढ़े पांच बजे मल्लावां निवासी गौरव गुप्ता पुत्र राधेश्याम के आवास और प्रतिष्ठान पर दबिश दी।
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यह बात और है कि पूरे मामले में पुलिस ने इस तथ्य को छिपा रखा है। शुक्रवार को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान दावा किया था कि सर्विलांस टीम के प्रभारी राकेश उपाध्याय, स्वॉट टीम के प्रभारी अरविंद कुमार यादव और मल्लावां कोतवाल शिवशंकर सिंह ने 22 अगस्त की शाम लगभग साढ़े पांच बजे मल्लावां निवासी गौरव गुप्ता पुत्र राधेश्याम के आवास और प्रतिष्ठान पर दबिश दी।
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यहां से पुलिस को 10245 प्री एक्टिवेटेड सिम, 35500 रुपये, दो प्रिंटर, तीन लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, फोटो पेपर के आठ पैकेट और एक कार मिली। पुलिस ने मामले में दो एफआईआर दर्ज कर पांच लोगों को आरोपी बनाया। माधौगंज क्रय-विक्रय समिति के अध्यक्ष अमित गुप्ता को एक मामले में आरोपी बनाया गया, जिसमें उन्हें जमानत भी दे दी गई।
दूसरे मामले में अंशुमान उर्फ लकी गुप्ता, जितेंद्र द्विवेदी, अजय कुमार सिंह और गौरव गुप्ता को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। मल्लावां पुलिस ने स्वॉट टीम और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर पूरे खेल के असली खिलाड़ी को बख्श दिया। दरअसल गौरव गुप्ता के प्रतिष्ठान और कार से जो प्री एक्टिवेटेड सिम बरामद हुए हैं, वह लखनऊ में स्थित बीएसएनएल के एक फ्रेंचाइजी से लिए गए थे।
दूसरे मामले में अंशुमान उर्फ लकी गुप्ता, जितेंद्र द्विवेदी, अजय कुमार सिंह और गौरव गुप्ता को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। मल्लावां पुलिस ने स्वॉट टीम और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर पूरे खेल के असली खिलाड़ी को बख्श दिया। दरअसल गौरव गुप्ता के प्रतिष्ठान और कार से जो प्री एक्टिवेटेड सिम बरामद हुए हैं, वह लखनऊ में स्थित बीएसएनएल के एक फ्रेंचाइजी से लिए गए थे।
प्री एक्टिवेटेड सिम फ्रेंचाइजी से भी मिले थे और सर्विलांस टीम ने चार दिन पहले ही तड़के चार बजे लखनऊ में उक्त फ्रेंचाइजी के मालिक को हिरासत में भी लिया था। हिरासत में लेने के बाद उससे पूछताछ भी की गई, लेकिन इसके बाद खुलासा करने में लगी पुलिस टीम खेल पर उतर आई और उसे बख्श दिया गया। पूरे खुलासे में पुलिस ने कहीं भी यह जिक्र नहीं किया कि लखनऊ से भी किसी को हिरासत में लिया गया था। पूरे मामले में पुलिस ने इसका भी जिक्र नहीं किया कि सिम आखिर कहां से आ रहे थे। कुल मिलाकर खुलासे को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
एसपी की भी सुनिए
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि अभी मामले की विवेचना खत्म नहीं हुई है। आगे विवेचना के दौरान आरोपी बढ़ाए भी जा सकते हैं। लखनऊ से किसी फ्रेंचाइजी को लाने और फिर छोड़ दिए जाने की जानकारी नहीं है। इस मामले में वह खुलासा करने वाली पुलिस टीम से पूछताछ करेंगे।
एसपी की भी सुनिए
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि अभी मामले की विवेचना खत्म नहीं हुई है। आगे विवेचना के दौरान आरोपी बढ़ाए भी जा सकते हैं। लखनऊ से किसी फ्रेंचाइजी को लाने और फिर छोड़ दिए जाने की जानकारी नहीं है। इस मामले में वह खुलासा करने वाली पुलिस टीम से पूछताछ करेंगे।