यूपी: 10 राजकीय पॉलिटेक्निक बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव
युवाओं को और बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराने और उनकी स्किल्स में वृद्धि करने के लिए प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश के दस राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। इन संस्थानों को प्रदेश के मॉडल संस्थानों के रूप में प्रदर्शित करने की योजना है। प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने अधिकारियों को जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं।
प्राविधिक शिक्षा निदेशालय के अधिकारी पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और बुंदेलखंड प्राविधिक शिक्षा क्षेत्रों से दो दो संस्थानों को सूची में शामिल करने की तैयारियां कर रहे हैं। संस्थानों के चयन के बाद उनमें एआईसीटीई की से ओर से बताई गईं कमियों को दूर किया जाएगा।
उपलब्ध होंगी ये सुविधाएं
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होने जा रहे पॉलिटेक्निक संस्थानों में छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन संस्थानों में वाईफाई, ई लाइब्रेरी, प्लेसमेंट सेल, सभी लैबों में उपयुक्त यंत्र, स्मार्ट और वर्चुअल क्लास रूम, लैंग्वेज लैब और इनोवेशन सेल आदि बनाई जाएगी। साथ ही शिक्षकों की कमी भी दूर की जाएगी।
यहां बनाए जा सकते हैं सेंटर
निदेशक प्राविधिक शिक्षा मनोज कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा दस संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी तैयारी चल रही हैं। इसके अंतर्गत बनने वाले सेंटर्स के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया जाएगा, जहां प्रदेश के विभिन्न हिस्सों और प्रांतों के छात्र आसानी से पहुंच सकें। उन्होंने आगे बताया कि कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज, झांसी, वाराणसी, गोरखपुर और आगरा के संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाने की योजना है।