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Kannauj News: हम पुलिस वाले हैं....चिल्लाते रहे दरोगा और पीटते रहे ग्रामीण

Wed, 27 May 2026 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 11:39 PM IST
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We are policemen...the inspector kept shouting and the villagers kept beating him.
गुरसहायगंज (कन्नौज)। बढ़ौरा गांव में जैसे ही कानपुर पुलिस ने आरोपी विष्णु को पकड़ा तो वह चिल्लाने लगा कि ये लोग अपहरण कर ले जा रहे हैं...और मेरी हत्या कर देंगे। इसी बात पर ग्रामीण हमलावर हो गए और पुलिस वालों पर टूट पड़े। पनकी मंदिर चौकी प्रभारी दिवाकर पांडेय चिल्लाते रहे कि हम पुलिस वाले हैं...कोई गुंडा या बदमाश नहीं। मगर ग्रामीणों ने एक न सुनीं और दरोगा समेत तीनों सिपाहियों को मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस ने बुधवार को प्राथमिकी में आठ ग्रामीणों को आरोपी बनाया है। इसमें से तीन को पकड़ लिया गया।
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कानपुर नगर कमिश्नरेट के थाना पनकी में तैनात कांस्टेबल हरिओम ने कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पनकी मंदिर चौकी प्रभारी दिवाकर पांडेय, स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल सैयद मोहम्मद इमरान और कांस्टेबल अवधेश कुमार एक निजी वाहन से मंगलवार की शाम को गांव बढ़ौरा पहुंचे थे। पुलिस टीम चोरी की घटनाओं से जुड़े एक मामले में आरोपी की तलाश कर रही थी। गांव में पूछताछ के दौरान उन्हें औरैया के सूरजपुर निवासी राजीव कुमार उर्फ दीपू मिला। पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी।
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आरोप है कि तभी राजीव ने अपने साथियों को बुला लिया। इन साथियों ने लाठियों से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में चौकी प्रभारी दिवाकर पांडेय गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। कोतवाली पुलिस ने हरिओम की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जगदंबा, उनके पुत्र जीतू उर्फ जितेंद्र और रामनरेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस ने संदीप कुमार, बिष्णु दुबे, राम नरेश, जगदंबा, जीतू उर्फ जितेंद्र, दिलीप और राघव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार अवस्थी ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें जगदंबा हिस्ट्रीशीटर है। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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स्थानीय पुलिस को सूचना न देना पड़ा भारी

कानपुर पुलिस की सबसे बड़ी चूक स्थानीय पुलिस को सूचना न देना रही। सादे कपड़ाें में गांव पहुंचने और स्थानीय पुलिस को जानकारी न देने से स्थिति बिगड़ गई। ग्रामीणों ने इन लोगों को पुलिस नहीं समझा। उन्हें लगा कि राजीव अपने साथ गुंडे लेकर आया है। इसी गलतफहमी के कारण पुलिस टीम पर हमला हुआ। बता दें कि इसी तरह की गलत फहमी से दो साल पहले विशुनगढ़ थाने में सिपाही सचिन राठी की जान चली गई थी।
बोला पिता...पुलिस वालों ने जबरदस्ती की
आरोपी विष्णु दुबे के पिता ब्रजेश दुबे ने बताया कि राजीव कुमार उर्फ दीपू अपराधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव उनके बेटे की हत्या कर बहू को ले जाना चाहता है। मंगलवार को राजीव के साथ आए लोगों ने विष्णु को जबरदस्ती गाड़ी में डालने की कोशिश की। ग्रामीणों को लगा कि राजीव कानपुर से बदमाश लेकर आया है। उन्हें डर था कि विष्णु को ले जाकर उसकी हत्या कर दी जाएगी।
पुरुष कर गए पलायन, दिखीं महिलाएं
बढ़ौरा गांव में पुलिस टीम पर हमले की घटना के बाद आरोपियों के घरों में सन्नाटा है। गिरफ्तारी के डर से कई पुरुष गांव छोड़कर भाग गए हैं। घरों पर केवल कुछ महिलाएं ही मौजूद हैं। वे ही जानवरों को चारा-पानी दे रही हैं। रात में कोतवाली पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश में कई बार दबिश दी। कानपुर से आए एसीपी मनोज कुमार सिंह भी कोतवाली में लगातार बैठे रहे।

वर्जन
कानपुर से पुलिस सादे कपड़ों में आई थी और दबिश की जानकारी कोतवाली गुरसहायगंज में नहीं दी थी। आठ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर तीन को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। शेष हमलावरों की गिरफ्तारी को तीन टीमों को लगाया गया है।
-विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक
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