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Kannauj News: दो दिन इंतजार, फिर निकलने लगेगा शेखाना नाले का पानी
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कन्नौज। गाजियाबाद से आई टीम ने छठवें दिन शुक्रवार को मुख्य मैनहोल की सफाई का काम पूरा कर लिया। जल निगम के अधिकारी दावा कर रहे है कि अन्य लाइन को दो दिन में साफ कर दिया जाएगा। इसके बाद शेखाना नाले का पानी सीवर लाइन में डायवर्ट कर दिया जाएगा।
शहर में छह वर्ष पहले गाजियाबाद की फर्म ने 61 किलोमीटर की सीवर लाइन डाली थी। कार्य संतोषजनक नहीं होने पर जल निगम ने फर्म को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अन्य ठेकेदारों से काम पूरा करवाया था। विभाग ने सीवर लाइन को नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया।
इस कारण सीवर लाइन चोक हो गई। वहीं, सदिकापुर में 20 वर्षों से शेखाना नाले का पानी खेतों में भर रहा है। हालात यह हैं कि खेत में जलकुंभी की बेल पसर गई है। लोगों की इस परेशानी पर जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान ही नहीं दिया।
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अमर उजाला ने जब इस मामले को उठाया तो समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने सदिकापुर में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए शेखाना नाले का पानी सीवर लाइन में डायवर्ट करने का आदेश दिया।
इसके बाद पता चला कि सीवरलाइन चोक है। फर्म ने सही से काम नहीं किया फिर भी उसे 86 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में जल निगम के एमडी डॉ. राजशेखर ने जांच के आदेश दिए। वहीं, अधिशाषी अभियंता मोहित चक को 15 दिन में चोक सीवर लाइन को खोलने का आदेश दिया।
मुख्य मैनहोल की सफाई का काम पूरा कर पाई। टीम को 500 मीटर सीवर लाइन साफ करनी है।
जल निगम के अवर अभियंता सौरभ शुक्ला ने बताया कि अन्य मैनहोल पूरी तरह चोक नहीं हैं। इसलिए उनको साफ करने में समय नहीं लग रहा है। दो दिन में काम पूरा करवाकर शेखाना नाला का पानी डायवर्ट करेंगे।
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शहर में छह वर्ष पहले गाजियाबाद की फर्म ने 61 किलोमीटर की सीवर लाइन डाली थी। कार्य संतोषजनक नहीं होने पर जल निगम ने फर्म को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अन्य ठेकेदारों से काम पूरा करवाया था। विभाग ने सीवर लाइन को नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया।
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इस कारण सीवर लाइन चोक हो गई। वहीं, सदिकापुर में 20 वर्षों से शेखाना नाले का पानी खेतों में भर रहा है। हालात यह हैं कि खेत में जलकुंभी की बेल पसर गई है। लोगों की इस परेशानी पर जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान ही नहीं दिया।
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अमर उजाला ने जब इस मामले को उठाया तो समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने सदिकापुर में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए शेखाना नाले का पानी सीवर लाइन में डायवर्ट करने का आदेश दिया।
इसके बाद पता चला कि सीवरलाइन चोक है। फर्म ने सही से काम नहीं किया फिर भी उसे 86 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में जल निगम के एमडी डॉ. राजशेखर ने जांच के आदेश दिए। वहीं, अधिशाषी अभियंता मोहित चक को 15 दिन में चोक सीवर लाइन को खोलने का आदेश दिया।
मुख्य मैनहोल की सफाई का काम पूरा कर पाई। टीम को 500 मीटर सीवर लाइन साफ करनी है।
जल निगम के अवर अभियंता सौरभ शुक्ला ने बताया कि अन्य मैनहोल पूरी तरह चोक नहीं हैं। इसलिए उनको साफ करने में समय नहीं लग रहा है। दो दिन में काम पूरा करवाकर शेखाना नाला का पानी डायवर्ट करेंगे।