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Kannauj News: दीवार बनी नहीं, लाभार्थियाें को मिली चाबी
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संवाद न्यूज एजेंसी
छिबरामऊ। लापरवाही का आलम यह है कि ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थी को अफसरों ने आवास की चाबी दे दी, लेकिन अभी तक घर की दीवारें भी खड़ी नहीं हो पाईं। जिस आवास में अफसरों ने गृहप्रवेश करा दिया, उस घर पर सिर्फ कॉलम ही खड़े हो पाए हैं। अब अफसर मामले की जांच कराए जाने की बात कह रहे हैं।
छिबरामऊ ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिंहपुर में वर्ष 2021-22 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पप्पी को चयनित किया गया था। उसके खाते में तीनों किस्तें भेज दी गईं और बाद में ब्लॉक मुख्यालय पर हुए चाबी वितरण कार्यक्रम में अफसरों ने स्थलीय परीक्षण किए बिना चाबी देकर गृहप्रवेश भी करा दिया। हकीकत यह है कि अभी तक उसके मकान में सिर्फ कॉलम ही खड़े हो पाए हैं। अब तक घर में दीवारें तक नहीं बन पाई हैं। इसी गांव की राखी पत्नी राजपाल जाटव को वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास दिया गया था। तीनों किश्तें पहुंचने के बाद भी उसके मकान की अभी तक न तो छत पड़ पाई है और न ही प्लास्टर हो पाया है। हालांकि ब्लॉक के अफसर इस पर कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। इस संबंध में डीडीओ नरेंद्र देव द्विवेदी ने बताया कि दोनों आवासों की प्रगति की जांच कराई जाएगी।
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तीन किस्तों में मिलते हैं डेढ़ लाख रुपये
प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्ति को आवास निर्माण में नींव के लिए 40 हजार, छत के लिए 70 हजार व प्लास्टर के लिए 10 हजार रुपये उसके खाते में दिए जाते हैं। इसके अलावा लाभार्थी को सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन, उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार व मनरेगा योजना के तहत 90 मानव दिवस दिए जाते हैं। जिसमें लाभार्थी को 20 हजार 700 रुपये मिलते हैं।
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छिबरामऊ। लापरवाही का आलम यह है कि ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थी को अफसरों ने आवास की चाबी दे दी, लेकिन अभी तक घर की दीवारें भी खड़ी नहीं हो पाईं। जिस आवास में अफसरों ने गृहप्रवेश करा दिया, उस घर पर सिर्फ कॉलम ही खड़े हो पाए हैं। अब अफसर मामले की जांच कराए जाने की बात कह रहे हैं।
छिबरामऊ ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिंहपुर में वर्ष 2021-22 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पप्पी को चयनित किया गया था। उसके खाते में तीनों किस्तें भेज दी गईं और बाद में ब्लॉक मुख्यालय पर हुए चाबी वितरण कार्यक्रम में अफसरों ने स्थलीय परीक्षण किए बिना चाबी देकर गृहप्रवेश भी करा दिया। हकीकत यह है कि अभी तक उसके मकान में सिर्फ कॉलम ही खड़े हो पाए हैं। अब तक घर में दीवारें तक नहीं बन पाई हैं। इसी गांव की राखी पत्नी राजपाल जाटव को वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास दिया गया था। तीनों किश्तें पहुंचने के बाद भी उसके मकान की अभी तक न तो छत पड़ पाई है और न ही प्लास्टर हो पाया है। हालांकि ब्लॉक के अफसर इस पर कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। इस संबंध में डीडीओ नरेंद्र देव द्विवेदी ने बताया कि दोनों आवासों की प्रगति की जांच कराई जाएगी।
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तीन किस्तों में मिलते हैं डेढ़ लाख रुपये
प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्ति को आवास निर्माण में नींव के लिए 40 हजार, छत के लिए 70 हजार व प्लास्टर के लिए 10 हजार रुपये उसके खाते में दिए जाते हैं। इसके अलावा लाभार्थी को सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन, उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार व मनरेगा योजना के तहत 90 मानव दिवस दिए जाते हैं। जिसमें लाभार्थी को 20 हजार 700 रुपये मिलते हैं।
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