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Kannauj News: केंद्र खरीदेगा 20 लाख टन आलू, 2.11 लाख किसानों को होगा फायदा
Sun, 19 Apr 2026 12:55 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:55 AM IST
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कन्नौज। सब्जियों का राजा कहा जाने वाला आलू, अन्नदाताओं के लिए फायदे का नहीं नुकसान का सौदा साबित हो रहा है। इसको लेकर केंद्र सरकार यूपी से 20 लाख टन आलू खरीदेगी। केंद्र सरकार 650 रुपये प्रति क्विंटल आलू खरीद करेगी। इससे इत्र नगरी के करीब 2.11 लाख किसानों को फायदा होगा। हालांकि कई किसानों ने मक्का की बोआई के लिए आलू पहले की बेच दिया था।
केंद्र सरकार ने आलू की खरीद के लिए 6,500.90 रुपये प्रति टन (यानी 650.09 रुपये प्रति क्विंटल) का बाजार हस्तक्षेप मूल्य तय किया है। इस खरीद प्रक्रिया पर सरकारी खजाने से लगभग 203.15 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाजार में कीमतों में गिरावट के कारण किसानों को होने वाली डिस्ट्रेस सेल (मजबूरी में कम दाम पर बिक्री) से बचाना और उन्हें उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना है। कन्नौज जिले को आलू उत्पादक क्षेत्र माना जाता है। पिछले कुछ समय से यहां के किसान कम बाजार भाव और भंडारण की समस्याओं से जूझ रहे थे।
वर्तमान में ठठिया मंडी में आलू का औसत भाव लगभग 635 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है, जबकि न्यूनतम भाव 450 रुपये तक गिर गया था। सरकारी खरीद शुरू होने से खुले बाजार में भी कीमतों में सुधार होने की उम्मीद है।
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जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने बताया कि इस बार जिले में 56 हजार हेक्टेयर में आलू हुआ है और जिले भर में करीब 197 शीतगृह संचालित हैं। किसानों अपनी आलू की फसल को शीतगृहों में रखवा दिया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बेहतर उपज व उत्पादन उत्पादन हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को घाटा न उठाना पड़े, इसके लिए आलू विपणन व निर्यात के लिए उद्यान विभाग के अधिकारियों विभिन्न राज्यों में जाकर आलू खपत के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। सरकार की खरीद से जिले के करीब 2.11 लाख किसानों को सीधा फायदा होगा।
इस तरह होगी खरीद की प्रक्रिया
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि यह खरीद आगामी कृषि वर्ष 2025-26 के लिए मान्य होगी। सरकार सीधे किसानों और सहकारी समितियों के माध्यम से आलू खरीदेगी ताकि बिचौलियों की भूमिका को खत्म किया जा सके। यह निर्णय राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक के बाद लिया गया है।
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केंद्र सरकार ने आलू की खरीद के लिए 6,500.90 रुपये प्रति टन (यानी 650.09 रुपये प्रति क्विंटल) का बाजार हस्तक्षेप मूल्य तय किया है। इस खरीद प्रक्रिया पर सरकारी खजाने से लगभग 203.15 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाजार में कीमतों में गिरावट के कारण किसानों को होने वाली डिस्ट्रेस सेल (मजबूरी में कम दाम पर बिक्री) से बचाना और उन्हें उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना है। कन्नौज जिले को आलू उत्पादक क्षेत्र माना जाता है। पिछले कुछ समय से यहां के किसान कम बाजार भाव और भंडारण की समस्याओं से जूझ रहे थे।
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वर्तमान में ठठिया मंडी में आलू का औसत भाव लगभग 635 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है, जबकि न्यूनतम भाव 450 रुपये तक गिर गया था। सरकारी खरीद शुरू होने से खुले बाजार में भी कीमतों में सुधार होने की उम्मीद है।
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जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने बताया कि इस बार जिले में 56 हजार हेक्टेयर में आलू हुआ है और जिले भर में करीब 197 शीतगृह संचालित हैं। किसानों अपनी आलू की फसल को शीतगृहों में रखवा दिया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बेहतर उपज व उत्पादन उत्पादन हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को घाटा न उठाना पड़े, इसके लिए आलू विपणन व निर्यात के लिए उद्यान विभाग के अधिकारियों विभिन्न राज्यों में जाकर आलू खपत के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। सरकार की खरीद से जिले के करीब 2.11 लाख किसानों को सीधा फायदा होगा।
इस तरह होगी खरीद की प्रक्रिया
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि यह खरीद आगामी कृषि वर्ष 2025-26 के लिए मान्य होगी। सरकार सीधे किसानों और सहकारी समितियों के माध्यम से आलू खरीदेगी ताकि बिचौलियों की भूमिका को खत्म किया जा सके। यह निर्णय राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक के बाद लिया गया है।