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Kannauj News: बीबी हलीमा के जारी मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदक की हो चुकी है मौत
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छिबरामऊ। बीबी हलीमा संपत्ति प्रकरण में जारी हुआ मृत्यु प्रमाण पत्र नगर पालिका के गले की फांस बन चुका है। कार्यालय स्तर पर प्रमाण पत्र की जांच शुरू हो चुकी है। गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए पालिका ने रविवार को नोटिस जारी कर साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत होने के निर्देश दिए गए हैं।
ईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बीबी हलीमा का मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मोहल्ला बिरतिया निवासी मोहम्मद शफी ने आवेदन किया था पर उनकी मौत हो चुकी है। 20 मई 1981 में मोहल्ला बिरतिया में बीबी हलीमा की मौत की पुष्टि करने वाले दोनों गवाहों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन दोनों को किन साक्ष्यों के आधार पर गवाही दी है। उन सभी के साथ प्रस्तुत होने को कहा गया है पर अभी तक दोनों गवाही देने के लिए पालिका में प्रस्तुत नहीं हुए हैं। इनकी गवाही होते ही बीबी हलीमा के मृत्यु प्रमाण पत्र की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
शत्रु संपत्ति की जांच के लिए गृह मंत्रालय को लिखा पत्र
नगर के मोहल्ला बिरतिया निवासी काजी अब्दुल कयूम की छिबरामऊ देहात, दीपकपुर मोहम्मदाबाद, सरायसुंदर, बहवलपुर, हरिवल्लभपुर में 150 बीघा की जमीन थी। पुत्र न होने पर उन्होंने वर्ष 1923 में वसीयत कर सारी भूमि की देखरेख की जिम्मेदारी बेटी बीबी हलीमा को सौंप दी। वसीयत में बीबी हलीमा को जमीन बिक्री करने का हक नहीं दिया गया था। बंटवारे के बाद वर्ष 1948 में हलीमा परिवार के साथ जमीन छोड़ कर पाकिस्तान चली गई थी। इसका फायदा नगर के कुछ लोगों ने उठाया और फर्जीवाड़ा कर हलीमा बेगम की जमीनों पर कब्जा कर लिया। भाकियू (औनू) के राष्ट्रीय महासचिव गोपाल दुबे व जिलाध्यक्ष संजीव ठाकुर की शिकायत पर एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने पाकिस्तान गई बीबी हलीमा व उनकी शत्रु संपत्ति की जांच के लिए गृह मंत्रालय पत्र लिखा था।
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ईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बीबी हलीमा का मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मोहल्ला बिरतिया निवासी मोहम्मद शफी ने आवेदन किया था पर उनकी मौत हो चुकी है। 20 मई 1981 में मोहल्ला बिरतिया में बीबी हलीमा की मौत की पुष्टि करने वाले दोनों गवाहों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन दोनों को किन साक्ष्यों के आधार पर गवाही दी है। उन सभी के साथ प्रस्तुत होने को कहा गया है पर अभी तक दोनों गवाही देने के लिए पालिका में प्रस्तुत नहीं हुए हैं। इनकी गवाही होते ही बीबी हलीमा के मृत्यु प्रमाण पत्र की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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शत्रु संपत्ति की जांच के लिए गृह मंत्रालय को लिखा पत्र
नगर के मोहल्ला बिरतिया निवासी काजी अब्दुल कयूम की छिबरामऊ देहात, दीपकपुर मोहम्मदाबाद, सरायसुंदर, बहवलपुर, हरिवल्लभपुर में 150 बीघा की जमीन थी। पुत्र न होने पर उन्होंने वर्ष 1923 में वसीयत कर सारी भूमि की देखरेख की जिम्मेदारी बेटी बीबी हलीमा को सौंप दी। वसीयत में बीबी हलीमा को जमीन बिक्री करने का हक नहीं दिया गया था। बंटवारे के बाद वर्ष 1948 में हलीमा परिवार के साथ जमीन छोड़ कर पाकिस्तान चली गई थी। इसका फायदा नगर के कुछ लोगों ने उठाया और फर्जीवाड़ा कर हलीमा बेगम की जमीनों पर कब्जा कर लिया। भाकियू (औनू) के राष्ट्रीय महासचिव गोपाल दुबे व जिलाध्यक्ष संजीव ठाकुर की शिकायत पर एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने पाकिस्तान गई बीबी हलीमा व उनकी शत्रु संपत्ति की जांच के लिए गृह मंत्रालय पत्र लिखा था।
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