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गेहूं की गुणवत्ता अच्छी पर बारदाना खराब
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Wed, 04 Jan 2017 11:49 PM IST
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गेहूं के ढेर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली में 19 कोटेदारों को राशन नहीं मिल सका था। अब उन्हें राशन देने के लिए हरियाणा से गेहूं की तीसरी खेप आने के बाद एसएमआई ने पूर्ति निरीक्षक को पत्र भेजा है। वहीं हरियाणा से आए गेहूं की गुणवत्ता तो अच्छी है परंतु बारदाना खराब होने के कारण अनलोडिंग के समय कई क्विंटल गेहूं बर्बाद हो जाता है।
बुधवार को निगम मंडी स्थित विपणन शाखा की गोदाम पर हरियाणा से 1870 क्विंटल गेहूं आया। ट्रकों से जब पल्लेदार गेहूं उतारकर गोदाम में जमा कर रहे थे, तब अधिकांश बोरे फटे निकल रहे थे। वरिष्ठ विपणन निरीक्षक अभय कटियार ने बताया कि इस गेहूं की गुणवत्ता तो अच्छी है, पर बारदाना खराब है।
उन्होंने बताया कि कई राज्यों में गेहूं भारतीय खाद्य निगम खरीदता है। बारदाना भी एफसीआई ही लगाता है, जिस पर राज्य सरकार अपनी मोहर लगाती है। इस बार जो बारदाना आया है, उसमें जूट और प्लास्टिक का है। कांटे से उठाने पर प्लास्टिक की बोरी फट जाती है और काफी गेहूं फैल जाता है। एसएमआई ने पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि अब गोदाम में चावल व गेहूं की कोई कमी नहीं है। कोटेदारों को बुलाकर आवंटन के हिसाब से पूरा राशन दिया जाएगा। वारदाना की गुणवत्ता खराब होने पर एफसीआई को पत्र भेजा जाएगा।
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बुधवार को निगम मंडी स्थित विपणन शाखा की गोदाम पर हरियाणा से 1870 क्विंटल गेहूं आया। ट्रकों से जब पल्लेदार गेहूं उतारकर गोदाम में जमा कर रहे थे, तब अधिकांश बोरे फटे निकल रहे थे। वरिष्ठ विपणन निरीक्षक अभय कटियार ने बताया कि इस गेहूं की गुणवत्ता तो अच्छी है, पर बारदाना खराब है।
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उन्होंने बताया कि कई राज्यों में गेहूं भारतीय खाद्य निगम खरीदता है। बारदाना भी एफसीआई ही लगाता है, जिस पर राज्य सरकार अपनी मोहर लगाती है। इस बार जो बारदाना आया है, उसमें जूट और प्लास्टिक का है। कांटे से उठाने पर प्लास्टिक की बोरी फट जाती है और काफी गेहूं फैल जाता है। एसएमआई ने पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि अब गोदाम में चावल व गेहूं की कोई कमी नहीं है। कोटेदारों को बुलाकर आवंटन के हिसाब से पूरा राशन दिया जाएगा। वारदाना की गुणवत्ता खराब होने पर एफसीआई को पत्र भेजा जाएगा।
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