फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Smoke neem leaves to save crops

Kannauj News: फसलों को बचाने के लिए करें नीम की पत्तियों से धुआं

Thu, 25 Jan 2024 01:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Thu, 25 Jan 2024 01:16 AM IST
विज्ञापन
Smoke neem leaves to save crops
कन्नौज। पाला और सर्दी से लगातार फसलों को नुकसान हो रहा है। इसलिए फसल को बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिक किसानों को बचाव के तरीके बताकर जागरूक कर रहे हैं। ताकि फसल में होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
विज्ञापन

कृषि रक्षा अधिकारी अविशांक सिंह चौहान ने बताया कि पाला पड़ने की संभावना होने पर रात में आठ से 10 बजे सर्द हवा आने वाली दिशा में खेत की मेड़ पर कूड़ा डालकर जला दें। आग जलने पर उस पर नीम की पत्तियां डालकर धुआं करें, जो फसलें पंक्तियों में बोई गई हैं, उनकी पंक्तियों में धुआं प्रवेश करें। इसका ध्यान रखें और आठ से 10 फीट के अंतर से यही विधि अपनाकर धुआं कर दें। इस प्रकार फसल का तापमान कुछ हद तक नियंत्रित होगा तथा नीम कीटनाशक गुण भी देगी।
विज्ञापन


टपक और स्प्रिंकलर से करें सिंचाई
जिन खेतों में टपक सिंचाई और स्प्रिंकलर सिंचाई की सुविधा हो, वहां सुबह फसलों पर गर्म पानी की बौछार मारी जाए तो ही पाले से बचाव होता है। साथ ही पाले की संभावना के समय की फसलों में हल्की सिंचाई करने से जमीन में नमी रहती और भूमि का तापमान एकदम कम नहीं होता है। इससे शीतलहर और पाले से फसल की सुरक्षा हो जाती है, सिंचाई से मृदा का तापमान 0.5 डिग्री से 02 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक हजार लीटर पानी में घोलकर एक लीटर गंधक के तेजाब का करें छिड़काव
फसलों पर पाला की संभावना अधिक से उन दिनों गंधक के तेजाब का 0.1 प्रतिशत घाेल का छिड़काव करें। इसके लिए एक लीटर गंधक के तेजाब को एक हजार लीटर पानी में घोलकर एक हेक्टेयर क्षेत्र में डालें। ध्यान रहे कि यह फुहार फसल पर अच्छी तरह से पड़े। इसका असर दो हफ्तों तक रहता है और यदि इस अवधि के बाद भी पाले का संभावना हो तो लगातार दोहराव भी करते रहें।


थायो यूरिया एक ग्राम प्रति दो लीटर पानी में फसलों पर छिड़काव करें
सरसों, गेहूं, चना, मटर में इस छिड़काव से पाला बचाव के साथ ही पौधे में लौह तत्व की जैविक व रसायनिक सक्रियता बढ़ जाती है। इससे पौधों की रोग प्रतिरोधकता बढ़ाने के साथ ही जल्दी पकने में सहायता भी करती है। फसलों पर थायो यूरिया एक ग्राम प्रति दो लीटर पानी में फसलों पर छिड़काव करें तथा इसे आवश्यकतानुसार दोहराया भी जा सकता है। दीर्घकालीन उपायों के रूप में खेत का उत्तर-पश्चिमी दिशा में वायु अवरोधक पेड़ जैसे शीशम, खेजड़ी, शहतूत, बबूल, जामुन आदि लगाए जा सकते हैं, जो पाले, ठंडी हवाओं को रोककर फसल को सुरक्षा देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed