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शस्त्र से नहीं, कानूनी शास्त्र से लड़ाई लड़ेंगे अधिवक्ता

Sat, 28 Sep 2019 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2019 12:33 AM IST
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shastr se nahin, kaanoonee shaastr se ladaee ladenge adhivakta
जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद अधिवक्ता। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। उत्तर प्रदेश बार कौंसिल की दो सदस्यीय टीम ने वकीलों-लेखपालों के बीच हुए टकराव के बाद तीनों तहसीलों का दौरा किया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में बवाल के लिए कन्नौज, तिर्वा कोतवाल और एसडीएम छिबरामऊ को दोषी ठहराया। कहा कि अधिवक्ता शस्त्र से नहीं, कानूनी शास्त्र से लड़ाई लड़ेंगे। सर्किट हाउस में डीएम रवींद्र कुमार व पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले को लेकर चर्चा की। अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने मांग रखी कि अधिवक्ताओं पर दर्ज झूठे मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए। अलग जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाए। अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए।
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समिति के सदस्य प्रदीप कुमार सिंह व अंकज मिश्रा ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि तीनों तहसीलों का दौरा कर अधिवक्ताओं से पूरे मामले की जानकारी ली गई। प्रशासन व अधिकारियों की कमी से विवाद की स्थित उत्पन्न हुई है। कहा कि जनता से भी राय ली गई तो किसी ने अधिवक्ताओं की शिकायत नहीं की। कन्नौज में अधिवक्ताओं-लेखपालों के बीच हुए टकराव में जिलाधिकारी की कार्यप्रणाली को सराहा। कन्नौज व तिर्वा कोतवाल को मामले में दोषी ठहराया। कहा कि इनके खिलाफ पुलिस प्रशासन को निलंबन व लाइन हाजिर करने की कार्रवाई करनी चाहिए। छिबरामऊ तहसील में एसडीएम छिबरामऊ की भूमिका को संदिग्ध बताया। कहा कि वहां पर हुए विवाद को एसडीएम वार्ता कराकर सुलझा सकते थे, उन्होंने लाठीचार्ज का आदेश दे दिया। कहा कि हर जगह भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी पुलिस प्रशासन की नाकामी को दर्शा रहा है, तिर्वा में अधिवक्ताओं से ज्यादा पुलिस फोर्स थी। बार काउंसिल अधिवक्ताओं को दंड देने में सक्षम है। कहा कि आगरा में दरवेश यादव की हत्या के बाद सरकार के पास आवेदन किया था। इसमें सुरक्षा समितियां बनाए जाने की बात कही गई थी। कन्नौज में समिति का गठन नहीं हुआ है। विवाद को सुलझाने के लिए प्रशासन कोर कमेटी का गठन कराकर निष्पक्ष जांच कराए। किसी भी मामले की जांच के लिए न्यायिक प्रक्रिया है। लेखपालों को यहां भरोसा नहीं है तो जांच को गैर जनपद स्थानांतरण करा लें। सदस्यों ने कहा कि वे अपनी जांच रिपोर्ट को कौंसिल की बैठक व महाधिवक्ता को सौंपेंगे। इस विवाद को किसी तरह से निपटाना है। इससे तमाम वादकारियों को दिक्कत हो रही है। यदि विधि मंत्री से मिलना पड़ा तो उनसे भी मुलाकात की जाएगी।
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छिबरामऊ में बार कौंसिल की कमेटी ने सुनी वकीलों की व्यथा
छिबरामऊ(कन्नौज) लेखपालों व अधिवक्ताओं के बीच मारपीट की घटना के बाद बार कौंसिल के चेयरमैन की ओर से गठित दो सदस्यीय टीम छिबरामऊ पहुंची। समिति ने वकीलों को संयम बरतने की सलाह दी। अधिवक्ता सभागार में बैठक को संबोधित करते हुए कमेटी के सदस्य अंकज मिश्रा ने कहा कि कन्नौज में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से फेल साबित हुई है। प्रशासन का लेखपालों पर कोई प्रभाव नहीं है। वकील अनुशासित और संयमित ढंग से अपनी बात रखें। अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाएगा व एसडीएम का ट्रांसफर कराया जाएगा।वकील कानून के जानकार हैं, कर्मयोगी हैं, उन्हें हीनभावना का शिकार नहीं होना चाहिए। प्रदीप सिंह ने कहा कि कौंसिल के निर्देश पर वह वकीलों की व्यथा को सुनने आए हैं। वकील किसी से भी हाथापाई नहीं करें। इससे पहले कन्नौज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष फहीम जमा खां व तिर्वा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने कहा कि जब तक वकीलों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं होते, तब तक वकील हड़ताल वापस नहीं लेंगे। छिबरामऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव जीतू ने 20 सितंबर को हुई घटनाक्रम की जानकारी दी। वकील देवेंद्र वर्मा ने लेखपाल से हुए पूरे विवाद की जानकारी समिति को दी।
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तिर्वा तहसील पहुंचकर वकीलों को दिया आश्वासन
तिर्वा(कन्नौज)। बार कौंसिल के सदस्य अंकज मिश्रा ने वकीलों को मुकदमे वापस होने का अश्वासन दिया। वकीलों ने उन्हें ज्ञापन देकर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से अवगत कराया। तहसील में करीब 17 वकीलों पर मुकदमे दर्ज होने से नाराज अधिवक्ता बेमियादी हड़ताल कर मुकदमा वापसी की मांग कर रहे थे। अंकज मिश्रा ने वकीलों के साथ बैठक कर उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही मुकदमे वापस किए जाएंगे। अगर प्रशासन वकीलों पर लगे मुकदमों को वापस नहीं करता है और वकीलों को पुलिस गिरफ्तार करती है तो वकील अपनी जमानत नहीं कराएंगे। सभी वकील गिरफ्तारी दे देंगे। बैठक में तहसील के पूर्व अध्यक्ष संजय शुक्ला ने बार कौंसिल सदस्य को बताया कि चार सितंबर को एक भू माफिया की तहरीर पर पुलिस ने 17 वकीलों पर बिना जांच किए मुकदमा दर्ज किए। तबसे वकील हड़ताल पर हैं। तिर्वा वकीलों को छिबरामऊ व कन्नौज के वकीलों ने भरपूर सहयोग किया। कन्नौज में अधिवक्ता ज्ञापन देने जा रहे थे। उसी दौरान धरने पर बैठे लेखपालों ने वकीलों पर केले के छिलके फेंक दिए। इस पर विवाद हो गया। पुलिस ने वकीलों पर मुकदमा दर्ज किया है। अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसील में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ, फिर भी जिला प्रशासन ने तहसील में वकीलों व जनता में भय व्याप्त करने के लिए भारी फोर्स की तैनाती करा रखी है। वकीलों ने सदस्य से मांग की कि मुकदमा वापस कराया जाए। सदस्य ने वकीलों की बात को सुनकर आश्वासन दिया कि जल्द ही उन पर लगे मुकदमे वापस होंगे। इस मौके पर अध्यक्ष फहीम जमा खां, मुन्नू सिंह, शिवांक बाजपेयी, राजेश श्रीवास्तव, सतीश राजपूत, परमानंद तिवारी, कलेक्टर सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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