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पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन व डीपीआरओ को फटकार
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Wed, 04 Mar 2015 11:33 PM IST
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सीएम की तरफ से तैनात जिले के नोडल अफसर डा. हरिओम ने कलेक्ट्रेट में विकास कार्यों की प्रगति समीक्षा की। इस दौरान लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभिंयता और जिला पंचायत राज अधिकारी को जमकर फटकार लगाई गई। सचिव ने अफसरों को रवैया सुधारने और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। डीएम व सीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी कि बनवाई गई पानी की टंकियों से घरों में पानी पहुंच रहा है कि नहीं।
समीक्षा के दौरान मार्च शुरू हो जाने के बावजूद करीब 20 सड़कों की प्रगति 50 फीसदी होने पर उन्होंने चिंता जताई। डीएम व सीडीओ ने भी सड़कों की गुणवत्ता पर असंतोष जताया। सचिव ने अधिशासी अभियंताओं अंबिका सिंह व संजय श्रीवास्तव की क्लास लगाते हुए कहा कि लगातार लिखापढ़ी के बावजूद कार्यशैली में सुधार न होना शर्मनाक है।
आला अफसरों को मोटी बुद्धि का न समझें। उन्होंने हर बार सड़कें खुदवाकर चेक कीं, लेकिन हर बार गुणवत्ता गड़बड़ निकली। इससे स्पष्ट हो रहा है कि इंजीनियर काम में सुधार नहीं ला रहे। उन्होंने एक्सईएन से पूछा कि अब तक उन्होंने किसी इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की? काम में सुधार के लिए आखिर वे कार्रवाई क्यों नहीं करते।
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उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता समितियों का गठन व उन्हें सक्रिय न करने पर डीपीआरओ जेके केसरवानी को डांट पिलाई। उन्होंने कहा कि प्रधान से मिलकर हर गांव में 5 से 8 सदस्य समिति में रखें। जब डीएम व सीडीओ पहुंचें तो समिति के सदस्य उन्हें खड़े नजर आने चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी में 38 फीसदी लोगों को शौचालय से संतृप्त दिखाया गया है जबकि 2011 की जनगणना सत्यापन
के दौरान 21 फीसदी लोगों के घरों में ही शौचालय पाया गया। सचिव ने सेतु, राजकीय निर्माण निगम, जल निगम, उ.प्र. आवास विकास परिषद, आरईएस,पैक्सफेड, यूपीपीसीएल की तरफ से चल रहे अधूरे कार्यों को फटाफट पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित विभागों के अफसरों को दिए। इस दौरान डीएम अनुज कुमार झा, सीडीओ उदयराज यादव, सीएमओ डा. पीएन वाजपेयी, एसडीएम सदर सुनील शुक्ला आदि अफसर मौजूद रहे।
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घंटे भर में हो गई समीक्षा
सचिव पीडब्ल्यूडी की ओर से ली गई समीक्षा बैठक इस बार रस्म अदायगी तक सीमित रही। एक घंटे के अंदर ही दर्जनों विभागों की तरफ से कई सैकड़ा योजनाओं की समीक्षा पूरी कर ली गई। बैठक दोपहर एक बजे से शुरू होनी थी, लेकिन सचिव के देरी से पहुंचने के कारण दो बजे शुरू हुई और तीन बजते ही समाप्त हो गई। कई विभागों का नंबर तो आया, लेकिन जल्द कार्य पूर्ण कराने की बात कहते ही समीक्षा संपन्न हो गई।
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खोदकर चेक की सड़कों की गुणवत्ता
बैठक के बाद सचिव डा. हरिओम ने तिलपई से गुगरापुर तथा जीटी रोड से गोवर्धनी मंदिर होते हुए तहसीपुर तक जाने वाली सड़क को खुदवाकर उसकी गुणवत्ता की स्थलीय जांच की। सड़क किनारे पुलिया के पास मिट्टी का कटान देखकर उनका पारा चढ़ गया। फौरन इसकी मरम्मत कराने का फरमान सुनाया।
सड़क किनारे जगह-जगह कटान होने पर भी नाराजगी जताई और सुधार करने के निर्देश दिए। मानीमऊ, ठठिया होते हुए ककरघटा तक जाने वाले रोड, तिलपई डिगसरा में बनी पानी टंकी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यदाई संस्था को गुणवत्ता युक्त काम करने व निर्माण के दौरान खुद मौके पर मौजुद रहकर क्वालिटी चेक करने को कहा।
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आज करेंगे वनपुरा नरायनपुर गांव का निरीक्षण
सीडीओ उदयराज यादव ने बताया कि सचिव डा. हरिओम गुरुवार को वनपुरा नरायनपुर गांव का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इस दौरान विकास कार्य की जमीनी हकीकत परखेंगे।
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समीक्षा के दौरान मार्च शुरू हो जाने के बावजूद करीब 20 सड़कों की प्रगति 50 फीसदी होने पर उन्होंने चिंता जताई। डीएम व सीडीओ ने भी सड़कों की गुणवत्ता पर असंतोष जताया। सचिव ने अधिशासी अभियंताओं अंबिका सिंह व संजय श्रीवास्तव की क्लास लगाते हुए कहा कि लगातार लिखापढ़ी के बावजूद कार्यशैली में सुधार न होना शर्मनाक है।
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आला अफसरों को मोटी बुद्धि का न समझें। उन्होंने हर बार सड़कें खुदवाकर चेक कीं, लेकिन हर बार गुणवत्ता गड़बड़ निकली। इससे स्पष्ट हो रहा है कि इंजीनियर काम में सुधार नहीं ला रहे। उन्होंने एक्सईएन से पूछा कि अब तक उन्होंने किसी इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की? काम में सुधार के लिए आखिर वे कार्रवाई क्यों नहीं करते।
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उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता समितियों का गठन व उन्हें सक्रिय न करने पर डीपीआरओ जेके केसरवानी को डांट पिलाई। उन्होंने कहा कि प्रधान से मिलकर हर गांव में 5 से 8 सदस्य समिति में रखें। जब डीएम व सीडीओ पहुंचें तो समिति के सदस्य उन्हें खड़े नजर आने चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी में 38 फीसदी लोगों को शौचालय से संतृप्त दिखाया गया है जबकि 2011 की जनगणना सत्यापन
के दौरान 21 फीसदी लोगों के घरों में ही शौचालय पाया गया। सचिव ने सेतु, राजकीय निर्माण निगम, जल निगम, उ.प्र. आवास विकास परिषद, आरईएस,पैक्सफेड, यूपीपीसीएल की तरफ से चल रहे अधूरे कार्यों को फटाफट पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित विभागों के अफसरों को दिए। इस दौरान डीएम अनुज कुमार झा, सीडीओ उदयराज यादव, सीएमओ डा. पीएन वाजपेयी, एसडीएम सदर सुनील शुक्ला आदि अफसर मौजूद रहे।
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घंटे भर में हो गई समीक्षा
सचिव पीडब्ल्यूडी की ओर से ली गई समीक्षा बैठक इस बार रस्म अदायगी तक सीमित रही। एक घंटे के अंदर ही दर्जनों विभागों की तरफ से कई सैकड़ा योजनाओं की समीक्षा पूरी कर ली गई। बैठक दोपहर एक बजे से शुरू होनी थी, लेकिन सचिव के देरी से पहुंचने के कारण दो बजे शुरू हुई और तीन बजते ही समाप्त हो गई। कई विभागों का नंबर तो आया, लेकिन जल्द कार्य पूर्ण कराने की बात कहते ही समीक्षा संपन्न हो गई।
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खोदकर चेक की सड़कों की गुणवत्ता
बैठक के बाद सचिव डा. हरिओम ने तिलपई से गुगरापुर तथा जीटी रोड से गोवर्धनी मंदिर होते हुए तहसीपुर तक जाने वाली सड़क को खुदवाकर उसकी गुणवत्ता की स्थलीय जांच की। सड़क किनारे पुलिया के पास मिट्टी का कटान देखकर उनका पारा चढ़ गया। फौरन इसकी मरम्मत कराने का फरमान सुनाया।
सड़क किनारे जगह-जगह कटान होने पर भी नाराजगी जताई और सुधार करने के निर्देश दिए। मानीमऊ, ठठिया होते हुए ककरघटा तक जाने वाले रोड, तिलपई डिगसरा में बनी पानी टंकी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यदाई संस्था को गुणवत्ता युक्त काम करने व निर्माण के दौरान खुद मौके पर मौजुद रहकर क्वालिटी चेक करने को कहा।
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आज करेंगे वनपुरा नरायनपुर गांव का निरीक्षण
सीडीओ उदयराज यादव ने बताया कि सचिव डा. हरिओम गुरुवार को वनपुरा नरायनपुर गांव का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इस दौरान विकास कार्य की जमीनी हकीकत परखेंगे।