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माडल स्कूल को नहीं मिल पा रही सुविधाएं
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:26 AM IST
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सुविधाओं के अभाव से माडल स्कूल जूझ रहा है। यहां पर
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बच्चों के खेलने को प्ले ग्राउंड नहीं है, वहीं मिड-डे मील के लिए पूरा
राशन भी नहीं मिलता है। इतना ही नहीं विद्यालय के ऊपर से निकले बिजली के
तारों में अक्सर होने वाली स्पार्किंग से बच्चे भयभीत रहते हैं।
ग्राम कुड़रीपुर्वा में बने प्राइमरी पाठशाला को गत वर्ष माडल स्कूल में तब्दील कर दिया गया था। इसके लिए अब तक कोई अतिरिक्त बजट नहीं दिया गया, जिससे यहां सुविधाओं का अभाव है। हेड टीचर मीनू सिंह ने बताया कि स्कूल का परिसर छोटा होने से सभी बच्चों को एक साथ खड़ा कर प्रार्थना कराने में कठिनाई आती है।
प्ले ग्राउंड न होने से बच्चों का शारीरिक विकास नहीं हो पा रहा है। रंगाई पुताई के लिए अब तक कोई बजट नहीं दिया गया है। अपने निजी धन से साफ-सफाई की व्यवस्था की है। विद्यालय में नियुक्त सफाई कर्मी महीनों से नहीं आ रहा, जिससे वह अपने स्तर से सफाई कर्मी का खर्चा उठा रही हैं। स्कूल में चार कमरे हैं, जिसमें पांच कक्षाएं चलती हैं।
स्थान के अभाव से एक कक्षा को प्रधानाध्यापक कक्ष में संचालित करना पड़ रहा है। कहा कि मिड-डे मील के लिए संबंधित कोटेदार पूरा राशन भी नहीं भेजता है। शिकायत कई बार की जा चुकी है। स्कूल के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। रसोइया लक्ष्मी देवी व मीना ने बताया कि जुलाई से अब तक मानदेय नहीं मिला है।
ग्राम कुड़रीपुर्वा में बने प्राइमरी पाठशाला को गत वर्ष माडल स्कूल में तब्दील कर दिया गया था। इसके लिए अब तक कोई अतिरिक्त बजट नहीं दिया गया, जिससे यहां सुविधाओं का अभाव है। हेड टीचर मीनू सिंह ने बताया कि स्कूल का परिसर छोटा होने से सभी बच्चों को एक साथ खड़ा कर प्रार्थना कराने में कठिनाई आती है।
प्ले ग्राउंड न होने से बच्चों का शारीरिक विकास नहीं हो पा रहा है। रंगाई पुताई के लिए अब तक कोई बजट नहीं दिया गया है। अपने निजी धन से साफ-सफाई की व्यवस्था की है। विद्यालय में नियुक्त सफाई कर्मी महीनों से नहीं आ रहा, जिससे वह अपने स्तर से सफाई कर्मी का खर्चा उठा रही हैं। स्कूल में चार कमरे हैं, जिसमें पांच कक्षाएं चलती हैं।
स्थान के अभाव से एक कक्षा को प्रधानाध्यापक कक्ष में संचालित करना पड़ रहा है। कहा कि मिड-डे मील के लिए संबंधित कोटेदार पूरा राशन भी नहीं भेजता है। शिकायत कई बार की जा चुकी है। स्कूल के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। रसोइया लक्ष्मी देवी व मीना ने बताया कि जुलाई से अब तक मानदेय नहीं मिला है।