कन्नौज। जिले का माहौल बिगाड़ने की कोशिश पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही है। माहौल बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई तो दूर पुलिस इनका सुराग तक नहीं लगा पाई। पुलिस का खुफिया तंत्र भी फेल नजर आया। यह हाल तब है जब डीएम और एसपी रात-दिन जिले का भ्रमण कर हालात नियंत्रित रखने की हर संभव कोशिश करते हैं।
बीते चार जुलाई को शहर के मोहल्ला शेखाना में आपत्तिजनक और भड़काऊ होर्डिंग्स लगा दी गईं थी। दिन में लगभग एक बजे पुलिस को इसका पता चला और मोहल्ले के छह अलग-अलग स्थानों से होर्डिंग्स हटवाई गईं। पुलिस और एलआईयू मामले को लेकर सक्रिय रहे, लेकिन अबतक यह नहीं पता चल पाया कि होर्डिंग्स किसने लगाईं थी। हद तो यह है कि होर्डिंग्स किस फ्लैक्स मशीन पर बनी थी, इसका भी पता नहीं चला। इसके बाद 10 जुलाई को शहर के मोहल्ला पंसारियान में एक धार्मिक स्थल में मवेशी के अवशेष फेंक दिए गए थे। बकरीद के दिन हुई यह घटना कहीं न कहीं माहौल बिगाड़ने की बड़ी साजिश थी। डीएम राकेश मिश्र और एसपी राजेश श्रीवास्तव हालात संभालने को न सिर्फ पंसारियान की गलियों में घूमे बल्कि लगातार मामले पर निगाह रखी। यहां भी पुलिस का खुफिया तंत्र फेल हो गया। घटना के दस दिन बाद भी पुलिस यह नहीं पता कर पाई कि घटना को किसने अंजाम दिया था। कुल मिलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश लगातार हो रही थी, लेकिन पुलिस के थाना और कोतवाली स्तर के अफसर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।