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Kannauj News: झमाझम बारिश, उफनाईं गलियां, सड़कों पर जलभराव

Wed, 30 Jul 2025 12:10 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jul 2025 12:10 AM IST
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Heavy rain, flooded streets, waterlogging on roads
समधन की गलियों में बह रहा बारिश का पानी। - फोटो : समधन की गलियों में बह रहा बारिश का पानी।
कन्नौज। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के मुताबिक जिले में भारी बारिश हुई। इससे गलियां उफनाकर चलने लगीं तो सड़कों पर भी जलभराव हो गया। खेताें से लेकर घरों तक, शहर से लेकर देहात तक पानी ही पानी है। इस सीजन की यह सबसे अधिक बारिश है, जो एक दिन 50 मिमी तक दर्ज की गई है। हालांकि पिछले कई वर्षों की तुलना में यह कम है। बारिश के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। कई दिनों से बारिश के लिए तरस रहे लोगों को मंगलवार खासी राहत मिली है। झमाझम बारिश से फसलों को संजीवनी मिल गई है। पानी की कमी से खेतों में दरार आ गई थीं, वह खत्म हो गई है। बारिश का सिलसिला जारी रहने से उमस भरी गर्मी से भी राहत मिली है। (संवाद)
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इत्रनगरी में बारिश से उफनाईं गलियां
इत्र और इतिहास की नगरी में बारिश के बाद नजारा बिल्कुल ही बदल गया। ऊंचाई पर बसे मोहल्लों में ऐसा लग रहा था कि जैसे पानी बरसा ही न हो। वहीं निचले मोहल्लों में नाली और सड़क में अंतर करना मुश्किल हो रहा था। शहर के मोहल्ला शेखपुरा, हम्मालीपुरा, शेखाना के अलावा सरायमीरा के मोहल्ला कृष्णानगर में तालाब का पानी घरों में घुसने लगा। हर गली में घुटनों तक पानी भरा होने से लोगों को दिक्कत हो रही थी। इसी तरह तिर्वा रोड पर भी जगह-जगह पानी भरा होने से लोगों को निकलने में परेशानी हुई तो मानपुर रोड पर भी पानी भरने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगह जलनिकासी की व्यवस्था न होने से लोगों को जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा।
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पिछले चार साल में अपेक्षाकृत कम गिरा पानी
जनपद में जहां इस महीने बाढ़ की स्थिति रहती थी, वहां टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में भूजल स्तर 25-30 फीसदी तक गिर गया है। हैंडपंप सूख गए हैं। हालांकि पिछले दो-तीन दिनों में हुई बारिश ने थोड़ी राहत जरूर दी है। जुलाई खत्म होने में अब सिर्फ दो दिन ही बचे हैं। मानसून की सक्रियता अभी भी पूरी तरह से नहीं दिख रही है। इस वजह से सामान्य बारिश का रिकॉर्ड टूटने की संभावना कम है। मौसम विभाग द्वारा पिछले चार वर्षों का आंकड़ा तैयार किया गया है। बताया गया कि वर्ष 2022 में सबसे कम बारिश दर्ज की गई थी। उस दौरान वर्ष 2023 में 432 मिमी और 2024 में 264.8 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। वर्ष 2025 में 261.6 मिमी जुलाई माह में बारिश दर्ज की गई है। जो पिछले चार वर्षों में सबसे कम है।
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पिछले चार वर्षों में जुलाई में वर्षा का रिकॉर्ड



वर्ष वर्षा

2022 149.73 मिमी

2023 432 मिमी
2024 264.8 मिमी

2025 261.6 मिमी
झमाझम बारिश से फसल को संजीवनी
तालग्राम। पूरे दिन धूप नहीं निकली और लोगों ने बारिश के मौसम का आनंद लिया। किसानों को भी राहत मिली क्योंकि जुलाई में कम बारिश से धान की रोपाई को झटका लगा था। किसानों को निजी नलकूपों की मदद से रोपाई करनी पड़ी थी। उसके बाद सिंचाई का प्रबंध न होने से फसल सूख रही थी। बारिश से फसल को फायदा हुआ है। हालांकि अभी कई किसानों के खेत में मक्के की फसल , जिसको काटने और सुखाने के लिए किसानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। रोहली निवासी किसान अनिल सिंह कहते हैं कि इस बार समय पर भरपूर बारिश हुई है। यदि इसी तरह मौसम साथ देता रहा तो इस साल पैदावार दोगुनी होगी। नैपालपुर निवासी किसान रामप्रकाश मिश्रा ने कहा कि बारिश से बैंगन, भिंडी, कद्दू और लौकी की फसल को फायदा हुआ है। इस बार अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है।

मौसम वैज्ञानिक डॉ.अमरेंद्र कुमार का कहना है कि बारिश से धान की फसल को लाभ मिला है। शेष बची रोपाई भी हो जाएगी। बारिश होने से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है। जब तक बारिश नहीं हो रही थी, किसानों को रोपाई के लिए पानी का प्रबंध करना पड़ रहा था। अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वर्षा 50 मिमी दर्ज की गई। 31 जुलाई तक जिले में भारी बारिश की संभावना है।
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