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Kannauj News: दो वक्त की रोटी की आस में गए थे बहराइच, हादसे ने ली जान
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सौरिख। बहराइच में शुक्रवार को राइस मिल में आग लगने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। तीनों मजदूर एक ही गांव के रहने वाले हैं और परिवार के पालन पोषण के लिए दो वक्त की रोटी की आस में बहराइच गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीखपुकार मच गई और गांव में मातम छा गया।
बहराइच के दरगाह इलाके में स्थित एक राइस मिल में शुक्रवार को आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गई। इसमें सकरावा के ग्राम डड़ौना निवासी तीन मजदूर रजनेश (30), अंकित उर्फ बबलू (28) और गफ्फार (32) भी शामिल हैं। रजनेश की पत्नी रीमा देवी ने बताया कि गुरुवार शाम को वीडियो कॉल कर बात की थी। 10 दिन पहले ही घर से बहराइच गए थे। परिवार में दो बेटी और एक बेटा है। वहीं, अंकित की पत्नी गीता देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। मां रामबेटी ने बताया कि कित होली के बाद काम पर गया था। उसकी पांच बेटियों हैं। बेटे ने बहू से फोन पर बात की थी और जल्द घर आने की बात कही थी। इसके अलावा गफ्फार की पत्नी राबिया ने बताया कि सुबह छह बजे बात हुई थी। मां कुरेशा बेगम का कहना था कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी गफ्फार पर ही थी। गांव में तीनों मजदूरों के शव के आने का इंतजार हो रहा है।
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बहराइच के दरगाह इलाके में स्थित एक राइस मिल में शुक्रवार को आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गई। इसमें सकरावा के ग्राम डड़ौना निवासी तीन मजदूर रजनेश (30), अंकित उर्फ बबलू (28) और गफ्फार (32) भी शामिल हैं। रजनेश की पत्नी रीमा देवी ने बताया कि गुरुवार शाम को वीडियो कॉल कर बात की थी। 10 दिन पहले ही घर से बहराइच गए थे। परिवार में दो बेटी और एक बेटा है। वहीं, अंकित की पत्नी गीता देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। मां रामबेटी ने बताया कि कित होली के बाद काम पर गया था। उसकी पांच बेटियों हैं। बेटे ने बहू से फोन पर बात की थी और जल्द घर आने की बात कही थी। इसके अलावा गफ्फार की पत्नी राबिया ने बताया कि सुबह छह बजे बात हुई थी। मां कुरेशा बेगम का कहना था कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी गफ्फार पर ही थी। गांव में तीनों मजदूरों के शव के आने का इंतजार हो रहा है।
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