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गोशाला में छह गोवंशों की मौत, पंचायत सचिव निलंबित
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पशु चिकित्साधिकारी से नोकझोंक करते युवक। संवाद
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ(कन्नौज)। रंधीरपुर गांव में संचालित गोशाला में छह गोवंशों की मौत हो गई। इस बाबत पता चलने पर गांव के लोग हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंचे एसडीएम की संस्तुति पर पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया। ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया गया। बताया गया कि पेट फूलने से गोवंशों की मौत हुई है। गोशाला के रिकार्ड में 40 गोवंश दर्ज हैं। मौके पर 23 जीवित मिले।
शुक्रवार को रंधीरपुर गांव के कुछ युवक गोशाला के पास खेतों की ओर जा रहे थे। इन्होंने गोशाला में झांककर देखा। छह गोवंशों के शव इधर-उधर पड़े थे। कौवे इन्हें नोच रहे थे। गोवंशों के शव की दुर्दशा देख गांव के पुरुषोत्तम तिवारी एडवोकेट, बंटी दीक्षित, आनंद शुक्ला, विकास पाठक, कार्तिक पाठक सहित मौजूद युवक हंगामा करने लगे। मामले की सूचना एसडीएम देवेश कुमार गुप्त को दी गई। इस दौरान युवक गेट पर धरने पर बैठ गए। गोशाला में गोवंशों की मौत से प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम आनन फानन मौके पर पहुंचे। इस बीच एडीओ (सहायक विकास अधिकारी)समाज कल्याण सुनील कुमार मिश्रा भी पहुंच गए। पंचायत सचिव मनोज शर्मा को मौके पर बुलाया गया। सचिव को सामने देख ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इस पर एसडीएम ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। एसडीएम की संस्तुति पर पंचायत सचिव मनोज शर्मा को निलंबित कर दिया गया। पूछताछ में केयरटेकर अनिल जाटव ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी दस गोवंशों की मौत हो चुकी है। इन्हें बिना सूचना के दफन करवा दिया गया था। इस बीच जिला उद्यान अधिकारी एवं प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार चतुर्वेदी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनिल कुमार, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मोहन सिंह, राजस्व निरीक्षक आदित्य दीक्षित भी मौके पर पहुंचे। इन्होंने छानबीन की।
बगैर पोस्टमार्टम के दफन किए जाने पर भड़के युवक
पंचायत सचिव मनोज शर्मा ने गोवंशों के शव दफनाने के लिए जेसीबी मशीन बुलाई थी। गोशाला परिसर के बाहर जेसीबी से गड्डा खुदवाकर सभी के शव दफन करवा दिए। बिना पोस्टमार्टम के गोवंशों के शव दफन करने से ग्रामीण भड़क गए। यह एसडीएम की मौजूदगी में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मोहन सिंह पर भड़क गए। एसडीएम ने समझाकर लोगों को शांत किया। इसके बाद तालग्राम पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह के साथ डॉ. मोहन सिंह ने सभी शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई। डॉ. मोहन सिंह ने सभी गोवंशों की मौत पेट फूलने से होने की पुष्टि की है।
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प्रशासन ने कराई भूसा व दाने की व्यवस्था
गोवंशों की मौत की सूचना पर पहुंचे एसडीएम देवेश गुप्त के सामने युवकों ने गोशाला में भूसा व दाने की व्यवस्था न होने का आरोप लगाया। चारे की नाद सूखी मिलीं। अव्यवस्था देख एसडीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने पंचायत सचिव को कड़ी फटकार लगा दी। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर भूसा और दाने की व्यवस्था कराई गई। भूसा पहुंचने के बाद गोवंशों के सामने डलवाया गया।
अव्यवस्थाओं को लेकर युवकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष ऋषभ मिश्रा ने गोशाला में अव्यवस्थाओें को लेकर एसडीएम देवेश गुप्त को ज्ञापन सौंपा। भाजपा नेता ने बताया कि गोवंशों की मौत लगभग चार दिन पहले हो गई थी। सूचना के बाद भी पंचायत सचिव ने मौके पर पहुंचना मुनासिब नहीं समझा। इससे पहले भी कई बार गोवंशों की मौत हो चुकी है। इन्हें सूचना दिए बिना दफन करवा दिया गया। केयर टेकर को ढाई साल से मानदेय नहीं मिला है। एसडीएम ने सभी समस्याओं का अतिशीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया।
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शुक्रवार को रंधीरपुर गांव के कुछ युवक गोशाला के पास खेतों की ओर जा रहे थे। इन्होंने गोशाला में झांककर देखा। छह गोवंशों के शव इधर-उधर पड़े थे। कौवे इन्हें नोच रहे थे। गोवंशों के शव की दुर्दशा देख गांव के पुरुषोत्तम तिवारी एडवोकेट, बंटी दीक्षित, आनंद शुक्ला, विकास पाठक, कार्तिक पाठक सहित मौजूद युवक हंगामा करने लगे। मामले की सूचना एसडीएम देवेश कुमार गुप्त को दी गई। इस दौरान युवक गेट पर धरने पर बैठ गए। गोशाला में गोवंशों की मौत से प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम आनन फानन मौके पर पहुंचे। इस बीच एडीओ (सहायक विकास अधिकारी)समाज कल्याण सुनील कुमार मिश्रा भी पहुंच गए। पंचायत सचिव मनोज शर्मा को मौके पर बुलाया गया। सचिव को सामने देख ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इस पर एसडीएम ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। एसडीएम की संस्तुति पर पंचायत सचिव मनोज शर्मा को निलंबित कर दिया गया। पूछताछ में केयरटेकर अनिल जाटव ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी दस गोवंशों की मौत हो चुकी है। इन्हें बिना सूचना के दफन करवा दिया गया था। इस बीच जिला उद्यान अधिकारी एवं प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार चतुर्वेदी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनिल कुमार, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मोहन सिंह, राजस्व निरीक्षक आदित्य दीक्षित भी मौके पर पहुंचे। इन्होंने छानबीन की।
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बगैर पोस्टमार्टम के दफन किए जाने पर भड़के युवक
पंचायत सचिव मनोज शर्मा ने गोवंशों के शव दफनाने के लिए जेसीबी मशीन बुलाई थी। गोशाला परिसर के बाहर जेसीबी से गड्डा खुदवाकर सभी के शव दफन करवा दिए। बिना पोस्टमार्टम के गोवंशों के शव दफन करने से ग्रामीण भड़क गए। यह एसडीएम की मौजूदगी में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मोहन सिंह पर भड़क गए। एसडीएम ने समझाकर लोगों को शांत किया। इसके बाद तालग्राम पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह के साथ डॉ. मोहन सिंह ने सभी शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई। डॉ. मोहन सिंह ने सभी गोवंशों की मौत पेट फूलने से होने की पुष्टि की है।
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प्रशासन ने कराई भूसा व दाने की व्यवस्था
गोवंशों की मौत की सूचना पर पहुंचे एसडीएम देवेश गुप्त के सामने युवकों ने गोशाला में भूसा व दाने की व्यवस्था न होने का आरोप लगाया। चारे की नाद सूखी मिलीं। अव्यवस्था देख एसडीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने पंचायत सचिव को कड़ी फटकार लगा दी। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर भूसा और दाने की व्यवस्था कराई गई। भूसा पहुंचने के बाद गोवंशों के सामने डलवाया गया।
अव्यवस्थाओं को लेकर युवकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष ऋषभ मिश्रा ने गोशाला में अव्यवस्थाओें को लेकर एसडीएम देवेश गुप्त को ज्ञापन सौंपा। भाजपा नेता ने बताया कि गोवंशों की मौत लगभग चार दिन पहले हो गई थी। सूचना के बाद भी पंचायत सचिव ने मौके पर पहुंचना मुनासिब नहीं समझा। इससे पहले भी कई बार गोवंशों की मौत हो चुकी है। इन्हें सूचना दिए बिना दफन करवा दिया गया। केयर टेकर को ढाई साल से मानदेय नहीं मिला है। एसडीएम ने सभी समस्याओं का अतिशीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया।