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गढ़िया, बलीदासपुर के पास पहुंची काली नदी
अमर उजाला/कन्नौज
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:04 AM IST
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किसानों के खेतों में घुसा काली नदी का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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झमाझम बारिश के बाद अब नदियों में उफान आने लगा है। काली नदी का पानी बढ़ना शुरू हो गया है। कटरी क्षेत्र में बसे गांव गढ़िया बलीदासपुर के मजरों के नजदीक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। मल्लपुरवा, छबीलेपुरवा के खेतों मे पानी भर जाने से किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं हैं। प्रशासन अधिकारियों के न आने पर ग्रामीणों में रोष है। बुधवार सुबह से काली नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। काली नदी का जल स्तर 125.100 मीटर जा पहुंचा है।
मजरा मल्लपुरवा के माखन सिंह कुशवाह, जयुदान सिंह, लाखन सिंह, रामाधार, परशुराम, मुन्नू, जयसिंह, करन सिंह, धर्मेंद्र राकेश आदि ने बताया कि उन्हें मक्का व धान बोया था। काली नदी बढ़ने से फसल जलमग्न होनी शुरू हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुर्रा से नौरंगखेड़ा जाने वाले मार्ग पर सलेमपुर गांव तक पानी पहुंच गया है। लेकिन अभी लोगों के घरों से दूर है।
छबीलेपुरवा के ग्रामीण परशुराम, आछेलाल, महेश चंद्र, इतवारीलाल, रामअवतार, प्रताप यादव का कहना है कि बाढ़ जैसे हालात होने के बाद भी प्रशासन का कोई अधिकारी गांव देखने नहीं आता है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि पानी बढ़ा तो वह कहां जाएंगे। अभी तक लेखपाल भी गांव की हालत देखने नहीं आया है। प्रधान अनिल यादव ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी है। वह गांव में नजर रखे हुए है। जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन व नामित अधिकारी को सूचित कर देंगे। फिलहाल बाढ़ का पानी अभी दूर है।
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मजरा मल्लपुरवा के माखन सिंह कुशवाह, जयुदान सिंह, लाखन सिंह, रामाधार, परशुराम, मुन्नू, जयसिंह, करन सिंह, धर्मेंद्र राकेश आदि ने बताया कि उन्हें मक्का व धान बोया था। काली नदी बढ़ने से फसल जलमग्न होनी शुरू हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुर्रा से नौरंगखेड़ा जाने वाले मार्ग पर सलेमपुर गांव तक पानी पहुंच गया है। लेकिन अभी लोगों के घरों से दूर है।
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छबीलेपुरवा के ग्रामीण परशुराम, आछेलाल, महेश चंद्र, इतवारीलाल, रामअवतार, प्रताप यादव का कहना है कि बाढ़ जैसे हालात होने के बाद भी प्रशासन का कोई अधिकारी गांव देखने नहीं आता है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि पानी बढ़ा तो वह कहां जाएंगे। अभी तक लेखपाल भी गांव की हालत देखने नहीं आया है। प्रधान अनिल यादव ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी है। वह गांव में नजर रखे हुए है। जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन व नामित अधिकारी को सूचित कर देंगे। फिलहाल बाढ़ का पानी अभी दूर है।
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