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कुपोषित वार्ड की हकीकत जांची
अमर उजाला, ब्यूरो, कन्नौज
Updated Sat, 24 Jan 2015 12:09 AM IST
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर निकलने वाले कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल स्थित कुपोषित वार्ड में भर्ती कराया जाएगा। जिसको लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी व डिप्टी सीएमओ ने कुपोषित वार्ड पहुंचकर हकीकत जांची।
शुक्रवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रमेशचंद्रा के साथ जिला अस्पताल स्थित कुपोषित वार्ड पहुंचे। वहां मौजूद स्टाफ नर्स से कुपोषित बच्चों की जांच के तरीके पूछे। इस दौरान बताया गया कि वजन और उम्र के आधार पर कुपोषण निकाला जा सकता है।
इसके अलावा एमवीएसी (मिड अपर आर सरकम फ्रेश) के द्वारा हाथ की नाप लेकर भी कुपोषण जांचा जा सकता है। इस दौरान अधिकारियों ने पाया कि कुपोषण वार्ड में कई बेड खाली पड़े हैं। कुछ ही बच्चे भर्ती हैं। रिकार्ड देखने पर पता चला कि 9 ब्लाकों में सबसे अधिक बच्चे कन्नौज ब्लाक क्षेत्र से भर्ती कराए गए हैं।
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इनमें कुछ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और कुछ आशा बहुओं द्वारा भर्ती कराए गए हैं। अन्य ब्लाकों में कुपोषित बच्चे होने के वावजूद भर्ती नहंी कराए जा रहे हैं। वार्ड की स्टाफ नर्स ने बताया कि कई कुपोषित बच्चों के परिजन कुछ दिन बच्चों को वार्ड में रोकने के बाद काम का बहाना बताकर बच्चों को लेकर घर चले जाते हैं।
इस कारण बच्चे वार्ड में कम हो जाते हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में पाया गया कि कई केंद्रों की वजन मशीन खराब है। इस कारण वजन नहीं हो पा रहा है। इस तरह के केंद्रों के लिए एमयूएसी (स्केल) मंगाने के लिए शासन से लिखा-पढ़ी की जाएगी।
जिससे बच्चों का सही कुपोषण निकल सके। उन्होंने बताया कि अनौगी आंगनबाड़ी केंद्र की दो कुपोषित बालिकाओं को जल्द वार्ड में भर्ती कराया जाएगा। जिससे उनका कुपोषण समाप्त हो सके। सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कड़े निर्देश दिए जाएंगे कि वह अपने क्षेत्र के सभी कुपोषित बच्चों को वार्ड में भर्ती कराएं।
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शुक्रवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रमेशचंद्रा के साथ जिला अस्पताल स्थित कुपोषित वार्ड पहुंचे। वहां मौजूद स्टाफ नर्स से कुपोषित बच्चों की जांच के तरीके पूछे। इस दौरान बताया गया कि वजन और उम्र के आधार पर कुपोषण निकाला जा सकता है।
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इसके अलावा एमवीएसी (मिड अपर आर सरकम फ्रेश) के द्वारा हाथ की नाप लेकर भी कुपोषण जांचा जा सकता है। इस दौरान अधिकारियों ने पाया कि कुपोषण वार्ड में कई बेड खाली पड़े हैं। कुछ ही बच्चे भर्ती हैं। रिकार्ड देखने पर पता चला कि 9 ब्लाकों में सबसे अधिक बच्चे कन्नौज ब्लाक क्षेत्र से भर्ती कराए गए हैं।
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इनमें कुछ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और कुछ आशा बहुओं द्वारा भर्ती कराए गए हैं। अन्य ब्लाकों में कुपोषित बच्चे होने के वावजूद भर्ती नहंी कराए जा रहे हैं। वार्ड की स्टाफ नर्स ने बताया कि कई कुपोषित बच्चों के परिजन कुछ दिन बच्चों को वार्ड में रोकने के बाद काम का बहाना बताकर बच्चों को लेकर घर चले जाते हैं।
इस कारण बच्चे वार्ड में कम हो जाते हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में पाया गया कि कई केंद्रों की वजन मशीन खराब है। इस कारण वजन नहीं हो पा रहा है। इस तरह के केंद्रों के लिए एमयूएसी (स्केल) मंगाने के लिए शासन से लिखा-पढ़ी की जाएगी।
जिससे बच्चों का सही कुपोषण निकल सके। उन्होंने बताया कि अनौगी आंगनबाड़ी केंद्र की दो कुपोषित बालिकाओं को जल्द वार्ड में भर्ती कराया जाएगा। जिससे उनका कुपोषण समाप्त हो सके। सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कड़े निर्देश दिए जाएंगे कि वह अपने क्षेत्र के सभी कुपोषित बच्चों को वार्ड में भर्ती कराएं।