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Kannauj News: नहर परियोजना आठ साल से अधूरी, किसान निराश

Mon, 02 Sep 2024 03:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2024 03:07 AM IST
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Canal project incomplete for eight years, farmers disappointed
तालग्राम। ब्लाॅक तालग्राम-जलालाबाद में सिंचाई के लिए 161 करोड़ से बन रही सतही सिंचाई डार्कजोन परियोजना का काम साढ़े आठ साल से अधूरा पड़ा है। नहर से निकलने वाले माइनर और पुलिया भी अधूरे हैं। जिन किसानों की जमीन अधिकृत की गई, वो भी निराश हैं। बारिश न होने से हजारों एकड़ भूमि पर खड़ी धान-मक्का की फसल प्रभावित हो रही है। समुचित बिजली न आने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है।
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भूगर्भ जलस्तर में कमी आने के कारण तालग्राम और जलालाबाद ब्लाॅक को डार्कजोन घोषित किया गया था। इन ब्लॉकों में नलकूप बोरिंग पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। किसानों की समस्या को देखते हुए 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मैनपुरी के बेवर से कन्नौज के जलालाबाद तक सतही नहर डार्कजोन परियोजना को मंजूरी दी थी। परियोजना के लिए 161 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की थी।
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इस नहर को छिबरामऊ, मिघौली, डिबाई से विस्तार कर तालग्राम के अतरौली, बिरौली, तेरारब्बू से जलालाबाद के नरायनपुर गांव के बरसाती नाले तक बना है। जो काली नदी में मिलता है। पहले किसानों की जमीन अधिग्रहण रोड़ा बनी, वन विभाग की जमीन भी बाधक बनी। किसानों को मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहण की गई। कार्य शुरू हुआ, लेकिन सरकार बदल गई, फिर बजट रोड़ा बन गया। बरसात से पहले आधी-अधूरी नहर में पानी छोड़ा गया, जिससे किसानों की फसलें डूब गई थी और नुकसान हुआ था। इस नहर का काम अधूरा होने से किसान निराश हैं।
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इनसेट

खोदाई में लेवलिंग मानक नहीं

मिघौली से जो नहर की खोदाई की गई, उसमें लेवलिंग मानक का ध्यान नहीं रखा गया। तालग्राम के रोहली गांव के पास तक नहर गहरी खोद दी गई है। इसके बाद उथली खुदाई हुई है, जिससे कुछ दिन पहले छोड़ा गया पानी आगे नहीं बढ़ा और रोहिली के पास नहर फट गई, जिससे पानी तालाबों में भर गया था।

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इनसेट

30 किलोमीटर लंबी 150 क्यूसेक क्षमता नहर

सतही सिंचाई परियोजना के तहत पूर्ववर्ती सरकार ने मैनपुरी के बेवर से तालग्राम-जलालाबाद तक 30 किलोमीटर लंबाई 150 क्यूसेक क्षमता की नहर निर्माण का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन साढ़े आठ साल में परियोजना का लाभ किसानों को नहीं मिल सका है।




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फोटो :03: सर्वेश कुमार। संवाद



किशनपुर के किसान सर्वेश कुमार का कहना है कि नहर का काम अधूरा है। किसानों की जमीन भी चली गई और फसलों को सिंचाई का लाभ भी नहीं मिल रहा है।

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फोटो :4: मूलचंद्र। संवाद



रोहली के मूलचंद्र सक्सेना का कहना है कि नहर से सिंचाई की उम्मीद जगी थी, लेकिन आधी अधूरी नहर में पानी दो बार छोड़ा गया। किसानों की फसलें डूब गई।

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फोटो :5: सुआलाल। संवाद



पिड़ारी खेड़ा के सुआलाल का कहना है कि बिजली भी समय से नहीं आती है, जिससे किसानों के सामने सिंचाई की समस्या खड़ी है। नहर का काम जल्द पूरा कराया जाए।



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फोटो :6: इंद्रपाल। संवाद



रोहली गांव निवासी इंद्रपाल का कहना है कि डार्कजोन में बोरिंग प्रतिबंध है, ऐसे में नहर का सहारा था।



कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने तय समय में काम पूरा नहीं किया।



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वर्जन--



एक-डेढ़ माह में पूरा हो जाएगा काम



नहर विभाग अधिशासी अभियंता सूर्यमणि सिंह का कहना है कि नहर परियोजना का जो काम बाकी है, एक-ढेड़ माह में पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद सुचारु रूप से पानी छोड़ा जाएगा। नहर खोदाई में लेवलिंग की जांच कराई जाएगी। यदि कार्य मानक के अनुरूप नहीं मिला तो कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई की जाएगी।
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