{"_id":"5dfbc3248ebc3e880968f402","slug":"blast-kannauj-news-knp533282373","type":"story","status":"publish","title_hn":"विस्फोट में घायल महिला ने भी दम तोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विस्फोट में घायल महिला ने भी दम तोड़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छिबरामऊ/हसेरन(कन्नौज)। आवास विकास कालोनी निवासी मंडी निरीक्षक के मकान हुए विस्फोट में घायल हुए किरायेदार महिला की भी मौत हो गई। शव हसेरन स्थित ससुराल में पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। इससे पहले हादसे के बाद दूसरे दिन ही महिला की पुत्री आकांक्षा की भी मौत हो चुकी थी।
कस्बा नादेमऊ निवासी आशा पत्नी रामकुमार चौहान, अपनी पुत्री आकांक्षा के साथ आवास विकास कालोनी में मंडी निरीक्षक सुरेश चौहान के मकान में किराये पर रहती थी। रविवार को मंडी निरीक्षक के घर हुए भीषण विस्फोट में सुरेश की पत्नी आरती, पुत्र अंकुर, पुत्री आस्था व पुत्रवधू सोनम के अलावा किराएदार आशा देवी व उनकी पुत्री आकांक्षा घायल हो गई थी। सभी घायलों का इलाज एसपीजीआई लखनऊ में चल रहा था। गुरुवार की सुबह लगभग सात बजे इलाज के दौरान आशा देवी ने दम तोड़ दिया। उनके निधन की जानकारी मिलते ही नादेमऊ स्थिति उनकी ससुराल में कोहराम मच गया। दोपहर बाद लगभग साढे़ चार बजे जैसे ही शव उनके आवास पहुंचा, लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। रामकुमार व उनके पुत्र विकास का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। इससे पहले सोमवार को आशा देवी की बेटी आकांक्षा की भी लखनऊ में ही मौत हो गई थी।
कस्बा नादेमऊ निवासी रामकुमार ने पुत्री आकांक्षा की मौत के बाद उसकी समाधि अपने गांव में ही खेत में बनवा दी थी। गुरुवार को बेटी के समाधिस्थल के पास ही आशा देवी को उनके पति रामकुमार ने मुखाग्नि दी। यह देख हर आंख नम हो गई। कभी पुत्री को याद कर तो कभी पत्नी के वियोग में रामकुमार दहाड़े मार-मार कर रो रहे थे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास किया लेकिन उनकी आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं दे रहे थे। कुछ ऐसी ही हालत आशा देवी के पुत्र विकास की भी थी।
विज्ञापन
आशा देवी दस वर्ष पहले अपने पुत्र विकास व पुत्री आकांक्षा की पढ़ाई के लिए छिबरामऊ आई थी। इस बीच वह कई मकानों में किराये पर रहीं। लगभग नौ वर्ष पहले उन्होंने सुरेश चौहान के मकान में कमरा किराये पर लिया था। सरल स्वभाव की आशा देवी ने अपने पुत्र व पुत्री की परवरिश भी बड़ी ही सादगी के साथ कर रही थी। उनका पुत्र विकास कानपुर में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, जबकि पुत्री आकांक्षा सिटी चिल्ड्रंस एकेडमी में कक्षा दस की छात्रा था। पति रामकुमार नादेमऊ में ही रहकर खाद बीज की दुकान किए हुए हैं।
विज्ञापन
कस्बा नादेमऊ निवासी आशा पत्नी रामकुमार चौहान, अपनी पुत्री आकांक्षा के साथ आवास विकास कालोनी में मंडी निरीक्षक सुरेश चौहान के मकान में किराये पर रहती थी। रविवार को मंडी निरीक्षक के घर हुए भीषण विस्फोट में सुरेश की पत्नी आरती, पुत्र अंकुर, पुत्री आस्था व पुत्रवधू सोनम के अलावा किराएदार आशा देवी व उनकी पुत्री आकांक्षा घायल हो गई थी। सभी घायलों का इलाज एसपीजीआई लखनऊ में चल रहा था। गुरुवार की सुबह लगभग सात बजे इलाज के दौरान आशा देवी ने दम तोड़ दिया। उनके निधन की जानकारी मिलते ही नादेमऊ स्थिति उनकी ससुराल में कोहराम मच गया। दोपहर बाद लगभग साढे़ चार बजे जैसे ही शव उनके आवास पहुंचा, लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। रामकुमार व उनके पुत्र विकास का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। इससे पहले सोमवार को आशा देवी की बेटी आकांक्षा की भी लखनऊ में ही मौत हो गई थी।
विज्ञापन
कस्बा नादेमऊ निवासी रामकुमार ने पुत्री आकांक्षा की मौत के बाद उसकी समाधि अपने गांव में ही खेत में बनवा दी थी। गुरुवार को बेटी के समाधिस्थल के पास ही आशा देवी को उनके पति रामकुमार ने मुखाग्नि दी। यह देख हर आंख नम हो गई। कभी पुत्री को याद कर तो कभी पत्नी के वियोग में रामकुमार दहाड़े मार-मार कर रो रहे थे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास किया लेकिन उनकी आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं दे रहे थे। कुछ ऐसी ही हालत आशा देवी के पुत्र विकास की भी थी।
विज्ञापन
आशा देवी दस वर्ष पहले अपने पुत्र विकास व पुत्री आकांक्षा की पढ़ाई के लिए छिबरामऊ आई थी। इस बीच वह कई मकानों में किराये पर रहीं। लगभग नौ वर्ष पहले उन्होंने सुरेश चौहान के मकान में कमरा किराये पर लिया था। सरल स्वभाव की आशा देवी ने अपने पुत्र व पुत्री की परवरिश भी बड़ी ही सादगी के साथ कर रही थी। उनका पुत्र विकास कानपुर में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, जबकि पुत्री आकांक्षा सिटी चिल्ड्रंस एकेडमी में कक्षा दस की छात्रा था। पति रामकुमार नादेमऊ में ही रहकर खाद बीज की दुकान किए हुए हैं।