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हक और हितों के लिए गरजे इंजीनियर
Kannauj
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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कन्नौज। उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के निर्देश पर जिले के इंजीनियरों ने कलेक्ट्रेट में हक व हितों की आवाज बुलंद की। विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा।
महासंघ के अध्यक्ष इंजीनियर आरके सिंह, जनपद सचिव आरएम वर्मा के नेतृत्व में शनिवार को इंजीनियर विकास भवन स्थित आरईडी दफ्तर पहुंचे। यहां आदोलन की रणनीति तैयार की। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां इंजीनियर सुनील आनंद, बृजेंद्र मोहन, एसपी सिंह, हेमवीर कसाना, लवकुश, विनोद यादव, सुधीर, अशोक, आदर्श कटियार,मनोज कुमार रमन, एसके वर्मा, सोमलता व्यास, अरुण कुशवाहा, अमर वर्मा आदि ने कलेक्ट्रेट में विभिन्न मांगें उठाईं।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में अभियंताओं ने अराजकता समाप्त कर भयमुक्त वातावरण बनाने व डिप्लोमा इंजीनियर्स की समस्याओं का समाधान कराने की गुहार लगाई। आरोप लगाया कि अनेक बिंदुओं पर सहमति के बावजूद दो वर्षों से सुनवाई नहीं हो रही है। अपराधिक प्रवृत्ति के ठेकेदार काम कर रहे हैं। इनको सफेदपोश नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। अभियंताओं का कहना है कि सही काम कराने की कोशिश करने पर अभियंताओं के साथ मारपीट, गालीगलौज की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। इस वजह से अभियंताओं को अकारण अपमानित होना पड़ता है। निर्दोष होने के बावजूद इंजीनियरों को दोषी मानकर कार्रवाई की जाती है, जिससे आपराधिक किस्म के ठेकेदारों की अराजकता बढ़ती जा रही है।
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महासंघ के अध्यक्ष इंजीनियर आरके सिंह, जनपद सचिव आरएम वर्मा के नेतृत्व में शनिवार को इंजीनियर विकास भवन स्थित आरईडी दफ्तर पहुंचे। यहां आदोलन की रणनीति तैयार की। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां इंजीनियर सुनील आनंद, बृजेंद्र मोहन, एसपी सिंह, हेमवीर कसाना, लवकुश, विनोद यादव, सुधीर, अशोक, आदर्श कटियार,मनोज कुमार रमन, एसके वर्मा, सोमलता व्यास, अरुण कुशवाहा, अमर वर्मा आदि ने कलेक्ट्रेट में विभिन्न मांगें उठाईं।
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मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में अभियंताओं ने अराजकता समाप्त कर भयमुक्त वातावरण बनाने व डिप्लोमा इंजीनियर्स की समस्याओं का समाधान कराने की गुहार लगाई। आरोप लगाया कि अनेक बिंदुओं पर सहमति के बावजूद दो वर्षों से सुनवाई नहीं हो रही है। अपराधिक प्रवृत्ति के ठेकेदार काम कर रहे हैं। इनको सफेदपोश नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। अभियंताओं का कहना है कि सही काम कराने की कोशिश करने पर अभियंताओं के साथ मारपीट, गालीगलौज की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। इस वजह से अभियंताओं को अकारण अपमानित होना पड़ता है। निर्दोष होने के बावजूद इंजीनियरों को दोषी मानकर कार्रवाई की जाती है, जिससे आपराधिक किस्म के ठेकेदारों की अराजकता बढ़ती जा रही है।
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