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वकीलों को पीटने वाले कचहरी में धुने गए

Sat, 19 Jul 2014 05:30 AM IST
Kannauj
Kannauj Updated Sat, 19 Jul 2014 05:30 AM IST
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बचाने पहुंचे जसोदा चौकी इंचार्ज से धक्कामुक्की
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लूट की धारा हटा देने पर भड़क गए थे अधिवक्ता
एसडीएम व सीओ ने पहुंचकर मामला शांत कराया
अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। जलालाबाद में अधिवक्ताओं के साथ की गई मारपीट, लूटपाट व तोड़फोड़ के मामले में पकड़े गए दो अभियुक्तों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया। लूटपाट की धारा हटाने की जानकारी मिलने पर वकील भड़क गए और अभियुक्तों को पीटा। बचाने पहुंचे दारोगा से भी धक्कामुक्की की। सीओ, एसडीएम समेत भारी पुलिस बल के पहुंचने के बाद लूट की धारा बढ़ाकर मामला शांत कराया गया।
जसोदा चौकी प्रभारी समर बहादुर सिंह जलालाबाद कसबा निवासी नदीम पुत्र बाबू हसन और भल्लू पुत्र भूरा को गिरफ्तार करके कोर्ट में अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम के सामने पेश करने के लिए पहुंचे। साथियों के साथ मारपीट करने वाले अभियुक्तों के आने की सूचना मिलते ही कचहरी में दर्जनों की तादात में वकील एकत्र हो गए। इसी दौरान पता चला कि अभियुक्तों के ऊपर लगी लूट की धारा को पुलिस ने लिखापढ़ी में हटा दिया है, जिससे वकील भड़क गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वकीलों ने कोर्ट परिसर के अंदर ही नदीम और भल्लू को घेरकर पीटना शुरू कर दिया।
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चौकी प्रभारी ने दोनों को बचाने की कोशिश की तो अधिवक्ता उनसे भी उलझ गए। चारों ओर से घेरकर उनसे जमकर धक्कामुक्की की। यह देख सिपाहियों ने तत्काल सूचना उच्चाधिकारियों को दी। आननफानन में एसडीएम सदर सुनील शुक्ला, सीओ करन सिंह, कोतवाल भुल्लन यादव थाने के तमाम दारोगाओं के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। देखते ही देखते कचहरी छावनी जैसी बन गई। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरु की है।
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घूस लेकर लूट की धारा हटाने का आरोप
कन्नौज। मामले में मुकदमा लिखाने वाले अधिवक्ता यूनुस हुसैन समेत अन्य वकीलों का आरोप है कि मामले की विवेचना कर रहे दारोगा ने उनके बयान नहीं लिए। मनमाने तरीके से लूट की बात ही हटा दी। आरोपियों से घूस में मोटी रकम लेने के बाद दारोगा ने मामले की लीपापोती कर दी। लूट की धारा को हटाकर गैर जमानती धाराएं लगाईं ताकि अभिुयक्तों को जल्दी जमानत मिल जाए। पूरे मामले में विवेचक की भूमिका ही संदिग्ध हो गई है।
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