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18,481 मामले निपटाए गए
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:35 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायालय में शनिवार को जनपद न्यायाधीश
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जयमंगल शर्मा की अगुवाई में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस
मौके पर सुलह समझौते पर 18,481 मामले निस्तारित किए गए। जिला न्यायाधीश ने
बताया कि लोक अदालत में वादकारियों को सुलभ व सस्ता न्याय मिलता है।
कहा कि निस्तारित वादों के विरुद्ध कोई अपील नहीं हो सकती। कहा कि लोक अदालत के जरिए हजारों लोगों को तमाम प्रकार की समस्याओं से समाधान मिलता है। उधर, लोक अदालत में शामिल होने के लिए सुबह से ही लोक कचहरी की ओर पहुंचने लगे। न्यायालय परिसर की अलग-अलग अदालतों में न्यायाधीशों ने एक-एक करके मामलों की सुनवाई की।
इस दौरान लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारियां भी दी गईं। हर किसी ने लोक अदालत को सराहा। वहीं जिन लोगों के वादों का निस्तारण हुए वे खिलखिलाते चेहरे के साथ अपने घरों के लिए रवाना हुए। लोक अदालत में पारिवारिक वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, बांट माप, विद्युत अधिनियम सहित अन्य कई प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया।
कुल 21,790 मामले आए। इनमें से 18481 मामलों का निस्तारण करने में सफलता मिली। इस दौरान तीन करोड़ 25 लाख 17 हजार 366 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र व बैंक रिकवरी भी की गई। एडीजे प्रथम चंद्रभूषण सिंह, एडीजे द्वितीय सूर्यप्रकाश, एडीजे तृतीय संजीव कुमार तिवारी, एडीजे चतुर्थ दिवाकर चतुर्वेदी, परिवार न्यायाधीश डा. अनुपमा गोयल, सीजेएम अमित कुमार प्रजापति, सिविल जज सीनियर डिवीजन रामविलास आदि मौजूद थे।
कहा कि निस्तारित वादों के विरुद्ध कोई अपील नहीं हो सकती। कहा कि लोक अदालत के जरिए हजारों लोगों को तमाम प्रकार की समस्याओं से समाधान मिलता है। उधर, लोक अदालत में शामिल होने के लिए सुबह से ही लोक कचहरी की ओर पहुंचने लगे। न्यायालय परिसर की अलग-अलग अदालतों में न्यायाधीशों ने एक-एक करके मामलों की सुनवाई की।
इस दौरान लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारियां भी दी गईं। हर किसी ने लोक अदालत को सराहा। वहीं जिन लोगों के वादों का निस्तारण हुए वे खिलखिलाते चेहरे के साथ अपने घरों के लिए रवाना हुए। लोक अदालत में पारिवारिक वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, बांट माप, विद्युत अधिनियम सहित अन्य कई प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया।
कुल 21,790 मामले आए। इनमें से 18481 मामलों का निस्तारण करने में सफलता मिली। इस दौरान तीन करोड़ 25 लाख 17 हजार 366 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र व बैंक रिकवरी भी की गई। एडीजे प्रथम चंद्रभूषण सिंह, एडीजे द्वितीय सूर्यप्रकाश, एडीजे तृतीय संजीव कुमार तिवारी, एडीजे चतुर्थ दिवाकर चतुर्वेदी, परिवार न्यायाधीश डा. अनुपमा गोयल, सीजेएम अमित कुमार प्रजापति, सिविल जज सीनियर डिवीजन रामविलास आदि मौजूद थे।