{"_id":"6a84ca41725f84139b0668f0","slug":"women-now-have-equal-participation-in-milk-production-jhansi-news-c-11-jhs1019-857625-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: दुग्ध उत्पादन में अब महिलाओं की बराबर भागीदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: दुग्ध उत्पादन में अब महिलाओं की बराबर भागीदारी
Wed, 19 Aug 2026 02:40 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Wed, 19 Aug 2026 02:40 AM IST
विज्ञापन
झांसी। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मिनी कृषक नंदिनी योजना में इस बार 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत अब तीन महिलाओं और तीन पुरुषों का चयन किया जाएगा। जनपद में योजना के लिए 456 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 160 आवेदन महिलाओं के हैं।
तीन वर्ष पहले शुरू हुई इस योजना में शुरुआती दो वर्षों तक पुरुष पशुपालकों का ही दबदबा रहा। इस बार महिला पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए आधे लाभार्थी महिलाओं के चयन का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत चयनित प्रत्येक लाभार्थी को स्वदेशी नस्ल की 10 गायें पालनी होंगी।
योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसमें कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान सरकार देगी, जबकि 35 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। शेष 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं लगानी होगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास कम से कम 0.2 एकड़ स्वयं की भूमि होना आवश्यक है।
विज्ञापन
लखनऊ से एक क्लिक पर खुलेगी लॉटरी
योजना के लिए निर्धारित अंतिम तिथि 31 जुलाई तक 456 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। छह लाभार्थियों का चयन इसी सप्ताह लखनऊ स्थित निदेशालय से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों के लाभार्थियों का चयन एक साथ किया जाएगा।
कोट
लाभार्थियों को जर्सी या अन्य विदेशी नस्ल की गायें खरीदने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी उच्च नस्ल की स्वदेशी गायें ही रखनी होंगी। इससे अच्छी नस्ल का संरक्षण और दुग्ध उत्पादन इकाइयों को मजबूती मिलेगी। - डॉ. संजय कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
तीन वर्ष पहले शुरू हुई इस योजना में शुरुआती दो वर्षों तक पुरुष पशुपालकों का ही दबदबा रहा। इस बार महिला पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए आधे लाभार्थी महिलाओं के चयन का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत चयनित प्रत्येक लाभार्थी को स्वदेशी नस्ल की 10 गायें पालनी होंगी।
विज्ञापन
योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसमें कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान सरकार देगी, जबकि 35 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। शेष 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं लगानी होगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास कम से कम 0.2 एकड़ स्वयं की भूमि होना आवश्यक है।
विज्ञापन
लखनऊ से एक क्लिक पर खुलेगी लॉटरी
योजना के लिए निर्धारित अंतिम तिथि 31 जुलाई तक 456 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। छह लाभार्थियों का चयन इसी सप्ताह लखनऊ स्थित निदेशालय से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों के लाभार्थियों का चयन एक साथ किया जाएगा।
कोट
लाभार्थियों को जर्सी या अन्य विदेशी नस्ल की गायें खरीदने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी उच्च नस्ल की स्वदेशी गायें ही रखनी होंगी। इससे अच्छी नस्ल का संरक्षण और दुग्ध उत्पादन इकाइयों को मजबूती मिलेगी। - डॉ. संजय कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी