{"_id":"5746019f4f1c1bd140690aee","slug":"when-not-working-in-the-head-post-office-commotion","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम न होने पर हेड पोस्ट ऑफिस में हंगामा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम न होने पर हेड पोस्ट ऑफिस में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2016 01:18 AM IST
विज्ञापन
post office, jhansi news
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। डाकघर की समस्या सुलझने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को जैसे -तैसे नेट कनेक्टिविटी तो मिल गई, लेकिन स्पीड इतनी स्लो रही कि कामकाज ठीक ढंग से शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद जेनरेटर खराब होने की वजह से दो घंटे तक काम पूरी तरह से ठप रहा। इससे लोग हंगामा करने लगे। आक्रोश को बढ़ते देख पोस्ट मास्टर अपना चैंबर छोड़कर भाग खड़े हुए।
नेट कनेक्टिविटी न मिलने की वजह से हेड पोस्ट आफिस की सीबीएस प्रणाली पिछले बारह दिनों से ठप है। जमा निकासी न हो पाने की वजह से डाकघर के खाताधारकों के साथ-साथ बचत एजेंट भी परेशान हैं। कई दिनों से लगातार चक्कर काटने के बाद भी लोगों के यहां काम नहीं हो पा रहे हैं। व्यवस्थाएं ठीक कराने को एजेंटों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था, जबकि बीते रोज प्रवर डाक अधीक्षक को घेरा था। इसका असर भी हुआ।
बुधवार को सुबह पोस्ट ऑफिस को नेट कनेक्टिविटी मिल गई, लेकिन उसकी स्पीड बेहद स्लो रही। यहां जैस - तैसे काम शुरू हो पाया कि जेनरेटर ने जवाब दे दिया, जिससे एक बार फिर काम ठप पड़ गया। इससे खाताधारक आक्रोशित हो गए। वह नारेबाजी करते हुए पोस्टमास्टर के कार्यालय में घुस गए। उन्होंने जमकर खरीखोटी सुनाई। लोगों का गुस्सा बढ़ते देख पोस्टमास्टर चैंबर से निकल लिए। इससे यहां करीब दो घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। दोपहर बाद जेनरेटर चलने पर काम शुरू हो गया, परंतु इसकी गति बेहद धीमी रही।
विज्ञापन
इलाज के भी नहीं मिल पा रहा अपना पैसा
सिविल लाइन मनु बिहार कालोनी निवासी अंजू के परिवार का एक सदस्य अस्पताल में भर्ती है। उन्हें इलाज के लिए पैसों की सख्त आवश्यकता है। पोस्ट ऑफिस में उनका खाता है, इसमें उनकी रकम जमा है। इस खाते से वह पैसा निकालना चाहती हैं। इसके लिए वह पिछले एक सप्ताह से यहां चक्कर काट रही हैं, परंतु उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है। बुधवार को भी अंजू इसी काम से पोस्ट आफिस पहुंची थीं।
नेट कनेक्टिविटी आने पर उन्हें उम्मीद थी कि आज पैसा मिल जाएगा। लेकिन, स्पीड स्लो होने की वजह से उन्हें काफी देर इंतजार करना पड़ा। इसके बाद जब तक उनकी बारी आती, डाकघर का जेनरेटर बैठ गया, जिससे कामकाज ठप पड़ गया। उन्होंने डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा आक्रोश जताते हुए डाक कर्मियों को जमकर खरीखोटी सुनाईं।
विज्ञापन
नेट कनेक्टिविटी न मिलने की वजह से हेड पोस्ट आफिस की सीबीएस प्रणाली पिछले बारह दिनों से ठप है। जमा निकासी न हो पाने की वजह से डाकघर के खाताधारकों के साथ-साथ बचत एजेंट भी परेशान हैं। कई दिनों से लगातार चक्कर काटने के बाद भी लोगों के यहां काम नहीं हो पा रहे हैं। व्यवस्थाएं ठीक कराने को एजेंटों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था, जबकि बीते रोज प्रवर डाक अधीक्षक को घेरा था। इसका असर भी हुआ।
विज्ञापन
बुधवार को सुबह पोस्ट ऑफिस को नेट कनेक्टिविटी मिल गई, लेकिन उसकी स्पीड बेहद स्लो रही। यहां जैस - तैसे काम शुरू हो पाया कि जेनरेटर ने जवाब दे दिया, जिससे एक बार फिर काम ठप पड़ गया। इससे खाताधारक आक्रोशित हो गए। वह नारेबाजी करते हुए पोस्टमास्टर के कार्यालय में घुस गए। उन्होंने जमकर खरीखोटी सुनाई। लोगों का गुस्सा बढ़ते देख पोस्टमास्टर चैंबर से निकल लिए। इससे यहां करीब दो घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। दोपहर बाद जेनरेटर चलने पर काम शुरू हो गया, परंतु इसकी गति बेहद धीमी रही।
विज्ञापन
इलाज के भी नहीं मिल पा रहा अपना पैसा
सिविल लाइन मनु बिहार कालोनी निवासी अंजू के परिवार का एक सदस्य अस्पताल में भर्ती है। उन्हें इलाज के लिए पैसों की सख्त आवश्यकता है। पोस्ट ऑफिस में उनका खाता है, इसमें उनकी रकम जमा है। इस खाते से वह पैसा निकालना चाहती हैं। इसके लिए वह पिछले एक सप्ताह से यहां चक्कर काट रही हैं, परंतु उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है। बुधवार को भी अंजू इसी काम से पोस्ट आफिस पहुंची थीं।
नेट कनेक्टिविटी आने पर उन्हें उम्मीद थी कि आज पैसा मिल जाएगा। लेकिन, स्पीड स्लो होने की वजह से उन्हें काफी देर इंतजार करना पड़ा। इसके बाद जब तक उनकी बारी आती, डाकघर का जेनरेटर बैठ गया, जिससे कामकाज ठप पड़ गया। उन्होंने डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा आक्रोश जताते हुए डाक कर्मियों को जमकर खरीखोटी सुनाईं।