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आज और कल कभी धूप, कभी बादल

Tue, 14 Jun 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 14 Jun 2016 01:14 AM IST
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weather in city, sometime sun light or rainee
weather, jhansi hindi news - फोटो : demo
झांसी। आगामी 14 और 15 जून को कभी बादल छाए रहेंगे, तो कभी धूप बनी रहेगी। सूरज और बादलों की इस लुकाछिपी में आर्द्रता काफी बढ़ी रहेगी, जिससे लोगों के पसीने छूट सकते हैं। वहीं, अगले सप्ताह तक प्री-मानसून के दस्तक देने की संभावना है।
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मंगलवार को उत्तर-पश्चिमी दिशा में 29 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मध्यम बादल छाए रहने की संभावना भी मौसम विभाग जता रहा है। अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 32 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। आर्द्रता का बढ़ना लोगों के लिए परेशानी भरा रहेगा। मौसम विभाग ने अधिकतम आर्द्रता 63 और न्यूनतम आर्द्रता 51 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है। हालांकि, बुधवार को घने बादल रहने की संभावना गर्मी से राहत के संकेत मिले हैं।
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26 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पश्चिमी हवाएं चलेंगी। मंगलवार की तरह अधिकतम तापमान में तो कोई कमी नहीं रहेगी, जबकि, न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरकर 30 रह सकता है। आर्द्रता अधिकतम 69 और न्यूनतम 54 प्रतिशत रह सकती है। क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, भरारी की कृषि मौसम इकाई के तकनीकी अधिकारी डॉ. मुकेश चंद्र के मुताबिक 22 से 25 के बीच मानसून झांसी और आसपास के जनपदों में दस्तक दे सकता है।
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किसानों के लिए यह है सुझाव
- खरीफ में बोई जाने वाली फसलों के उन्नत बीजों की व्यवस्था कर लें।
- वर्षा जल संरक्षण के लिए ढाल के विपरीत जुताई, बुआई व मजबूत मेड़बंदी करें।
- खाली खेतों की ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई करें।
- मिट्टी परीक्षण के लिए सही नमूने निकालकर प्रयोगशाला भेजें।
- खेत तालाब खुदवाने के लिए संबंधित विभागों से संपर्क साधें।
- बोई गई ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें।
- खरपतवार, कीट से बचाव करें साथ ही पकी फलियों की तुड़ाई करते रहें।

बागवानी के लिए सुझाव
- वर्षा ऋतु में नए पौधे लगाने के लिए स्थान का चयन करके गड्ढों की खुदाई करें।
- पपीता के पेड़ पर लगे फलों को कपड़े से ढाक दें, ताकि पक्षियों से बचाव हो।
- सभी फलदार वृक्षों जैसे आम, पपीता, बेर तथा वानिकी वृक्षों की सिंचाई करें।
 
शाक-भाजी के लिए यह करें
जायद ऋतु के लिए लगाई गई सब्जियों खीरा, लौकी, तोरई, भिंडी, मिर्च की देखभाल करें। पछेती, फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, धनिया, पालक व पूर्व में लगी सब्जियों की सिंचाई करें। सभी सब्जी फसलों में कीटों के नियंत्रण के लिए निम्बीसिडीन दवा दो लीटर तथा फलों की तुड़ाई 10 से 15 दिन बाद करनी हो तो मोनोक्रोटोफॉस दवा एक लीटर को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।


हरे, सूखे चारे को मिलाकर पशुओं को खिलाएं
दिन में तापमान की अधिकता को देखते हुए मवेशियों को छायादार स्थानों पर बांधे। हरे व सूखे चारे को तय मात्रा में मिलाकर खिलाएं। साथ ही तय मात्रा में दाना, खली, नमक, खड़िया आदि देते रहें। स्वच्छ पानी पिलाएं, सुबह-शाम को नहलाएं। खुरपका, मुंहपका बीमारी के टीके लगवाएं। अन्य बीमारी पर पशु चिकित्सालय लेकर जाएं। पशुओं को छुट्टा न छोड़े।
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