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Jhansi News: चुनाव से पहले गांवों की सड़कों की सुध
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कस्बा मोंठ के मोहल्ला मनभारण पूरा फोटो 10
झांसी। गांवों में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों की बदहाली अब शासन-प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। झांसी में जल जीवन मिशन के लिए 1656 किलोमीटर सड़कें खोदी गईं, लेकिन अब तक 1579 किलोमीटर की ही बहाली हो सकी है। कई गांवों में पाइपलाइन डालने के दो-तीन साल बाद भी खोदी गईं सड़कों की स्थिति जस की तस है।
विधानसभा चुनाव का साल शुरू होने के पहले अब शासन ने इन सड़कों की मरम्मत के लिए 40 दिन का विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले अभियान में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। सड़कों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
सबसे ज्यादा स्थिति निर्माणाधीन तीन ग्राम समूह पेयजल परियोजनाओं के गांवों में खराब है। इमलौटा परियोजना के तहत 87 गांवों में 242 किलोमीटर सड़क काटी गई, लेकिन 215 किलोमीटर की ही बहाली दर्ज है। टेहरका परियोजना में 93 गांवों के लिए 162 किलोमीटर सड़क काटी गई, जिसमें 135 किलोमीटर बहाल हुई। वहीं बरथरी परियोजना के 106 गांवों में 179 किलोमीटर सड़क काटी गई और अब तक 160 किलोमीटर की बहाली हुई है। तीनों परियोजनाओं में कुल 583 किलोमीटर सड़क काटी गई, जबकि 510 किलोमीटर ही बहाल हो सकी है।
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मोंठ के बेलमा कलां, खिल्ला, ढेरा और सेसा समेत कई गांवों में अंदरूनी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। मऊरानीपुर के गढ़वां, मदवान, धमना पायक और चकरा में भी सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। गुरसराय के लिथौरा, शाहपुरा खुर्द, मारकुआं और पूछी में भी लंबे समय से सड़कें खराब हैं। बारिश के दौरान इन सड़कों पर जलभराव से ग्रामीणों की मुश्किल और बढ़ गई।
40 दिन में दुरुस्त होंगी सड़कें
अधिशासी अभियंता एमके सिंह के मुताबिक, झांसी में करीब 74 किलोमीटर लंबाई में सड़कों की मरम्मत कराने की योजना है। जल सारथी एप पर क्षतिग्रस्त सड़क की फोटो अपलोड होने के बाद उसे भी अभियान के तहत 40 दिन में ठीक कराया जाएगा। गुरसराय के खिरिया गांव निवासी बृजेंद्र राजपूत के मुताबिक, करीब तीन साल पहले पाइपलाइन डालने के दौरान सीसी सड़क खोदी गई थी, लेकिन अब तक उसे ठीक नहीं किया गया।
पानी भी नहीं पहुंच रहा, पोर्टल पर शिकायतें
एक तरफ पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कें बदहाल हैं तो दूसरी तरफ कई गांवों में नियमित जलापूर्ति भी नहीं हो पा रही है। जल जीवन मिशन पोर्टल पर 30 सितंबर को टेहरका परियोजना के अड़जरा, टेहरका समेत कई गांवों में पानी न मिलने की शिकायत दर्ज है। बरथरी परियोजना के बुडेराघाट, बुडेरी कलां, बुडेरी खुर्द और बुड़ेरा कलां के ग्रामीणों ने भी पानी नहीं मिलने की शिकायत की है। इमलौटा परियोजना के पंडवाहा, छिरौरा बुजुर्ग, बगरौनी, गरहा और डुगारा से भी नियमित पानी न आने की शिकायतें दर्ज हैं। अभी इमलौटा परियोजना के 87 में से 66 गांवों, टेहरका के 93 में से 59 गांवों और बरथरी के 106 में से 45 गांवों में ही नियमित जलापूर्ति हो रही है।
ग्रामीण बोले- काम चलाऊ मरम्मत के बाद फिर उखड़ी सड़क
पिछले दो साल से गांव की सड़क की हालत खराब है। कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई। - रामकिशोर, मोंठ
पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की कामचलाऊ मरम्मत कराई गई थी। वह फिर खराब हो गई। बारिश में पूरी सड़क पर पानी भरा रहा। - पप्पू कुशवाहा, मऊरानीपुर
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विधानसभा चुनाव का साल शुरू होने के पहले अब शासन ने इन सड़कों की मरम्मत के लिए 40 दिन का विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले अभियान में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। सड़कों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
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सबसे ज्यादा स्थिति निर्माणाधीन तीन ग्राम समूह पेयजल परियोजनाओं के गांवों में खराब है। इमलौटा परियोजना के तहत 87 गांवों में 242 किलोमीटर सड़क काटी गई, लेकिन 215 किलोमीटर की ही बहाली दर्ज है। टेहरका परियोजना में 93 गांवों के लिए 162 किलोमीटर सड़क काटी गई, जिसमें 135 किलोमीटर बहाल हुई। वहीं बरथरी परियोजना के 106 गांवों में 179 किलोमीटर सड़क काटी गई और अब तक 160 किलोमीटर की बहाली हुई है। तीनों परियोजनाओं में कुल 583 किलोमीटर सड़क काटी गई, जबकि 510 किलोमीटर ही बहाल हो सकी है।
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मोंठ के बेलमा कलां, खिल्ला, ढेरा और सेसा समेत कई गांवों में अंदरूनी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। मऊरानीपुर के गढ़वां, मदवान, धमना पायक और चकरा में भी सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। गुरसराय के लिथौरा, शाहपुरा खुर्द, मारकुआं और पूछी में भी लंबे समय से सड़कें खराब हैं। बारिश के दौरान इन सड़कों पर जलभराव से ग्रामीणों की मुश्किल और बढ़ गई।
40 दिन में दुरुस्त होंगी सड़कें
अधिशासी अभियंता एमके सिंह के मुताबिक, झांसी में करीब 74 किलोमीटर लंबाई में सड़कों की मरम्मत कराने की योजना है। जल सारथी एप पर क्षतिग्रस्त सड़क की फोटो अपलोड होने के बाद उसे भी अभियान के तहत 40 दिन में ठीक कराया जाएगा। गुरसराय के खिरिया गांव निवासी बृजेंद्र राजपूत के मुताबिक, करीब तीन साल पहले पाइपलाइन डालने के दौरान सीसी सड़क खोदी गई थी, लेकिन अब तक उसे ठीक नहीं किया गया।
पानी भी नहीं पहुंच रहा, पोर्टल पर शिकायतें
एक तरफ पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कें बदहाल हैं तो दूसरी तरफ कई गांवों में नियमित जलापूर्ति भी नहीं हो पा रही है। जल जीवन मिशन पोर्टल पर 30 सितंबर को टेहरका परियोजना के अड़जरा, टेहरका समेत कई गांवों में पानी न मिलने की शिकायत दर्ज है। बरथरी परियोजना के बुडेराघाट, बुडेरी कलां, बुडेरी खुर्द और बुड़ेरा कलां के ग्रामीणों ने भी पानी नहीं मिलने की शिकायत की है। इमलौटा परियोजना के पंडवाहा, छिरौरा बुजुर्ग, बगरौनी, गरहा और डुगारा से भी नियमित पानी न आने की शिकायतें दर्ज हैं। अभी इमलौटा परियोजना के 87 में से 66 गांवों, टेहरका के 93 में से 59 गांवों और बरथरी के 106 में से 45 गांवों में ही नियमित जलापूर्ति हो रही है।
ग्रामीण बोले- काम चलाऊ मरम्मत के बाद फिर उखड़ी सड़क
पिछले दो साल से गांव की सड़क की हालत खराब है। कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई। - रामकिशोर, मोंठ
पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की कामचलाऊ मरम्मत कराई गई थी। वह फिर खराब हो गई। बारिश में पूरी सड़क पर पानी भरा रहा। - पप्पू कुशवाहा, मऊरानीपुर