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पर्यटन विकास को लगेंगे पंख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:44 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। बुंदेलखंड में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, जरूरत तो बस इसे संवारने भर की है। अब यही काम प्रदेश सरकार करने जा रही है। सरकार ने प्रदेश की नई पर्यटन नीति में बुंदेलखंड को विशेष तरजीह दी है। खासतौर पर पर्यटक सुविधाओं के विकास पर फोकस किया गया है।
पिछले सात माह के दरम्यान झांसी में सिर्फ ढाई सौ विदेशी पर्यटक आए। जबकि, इस अवधि में डेढ़ लाख से अधिक देशी पर्यटकों ने यहां के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। यह स्थिति तब है जब रोजाना राजधानी व शताब्दी जैसी ट्रेनों से विदेशी पर्यटकों के जत्थे झांसी रेलवे स्टेशन पर उतरते हैं। इसके अलावा बाहर से आने वाली विदेशी पर्यटकों की बसें भी शहर की सड़कों पर नजर आ जाती हैं। लेकिन, यह पर्यटक यहां रुकते नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के ओरछा, खजुराहो आदि स्थानों के लिए रवाना हो जाते हैं। पर्यटक सुविधाओं के अभाव के चलते यह स्थिति बनी हुई है।
लेकिन, अब इस कमी को पूरा करने की प्रदेश सरकार ने तैयारी कर ली है। इसके लिए प्रदेश की नई पर्यटन नीति में बुंदेलखंड के लिए विशेष योजनाएं तैयार की गई हैं। इनके साकार रूप लेने पर यहां पर्यटन को उद्योग के रूप में विकसित होने में देर नहीं लगेगी।
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पर्यटकों को मिलेगी एयर कनेक्टिविटी
बुंदेलखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए झांसी में सिविल एयरपोर्ट बनाने की योजना बनाई गई है। जबकि, चित्रकूट में हवाई पट्टी के विस्तार की योजना है। इसके लिए वन विभाग से जमीन लेने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके अलावा यहां से उड़ान भरने के लिए निजी विमानन कंपनियों को प्रोत्साहन स्वरूप विशेष रियायतें दी जाएंगी।
प्रशिक्षण देकर तैयार किए जाएंगे गाइड
पर्यटन विकास के लिए अच्छे गाइडों का होना बेहद जरूरी है। जबकि, वर्तमान में स्थिति यह है कि यहां केवल एक गाइड ही है। नई पर्यटन नीति में इस पर भी ध्यान दिया गया है। इसके तहत यहां एक पर्यटन प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा, जिसमें देश के उच्च स्तरीय पर्यटन संस्थानों के विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे भी खुलेंगे।
चमकेगा बुंदेलखंड टूरिस्ट सर्किट
साल 1998 की पर्यटन नीति में बुंदेलखंड टूरिस्ट सर्किट का प्रावधान किया गया था। इसके तहत यहां कई काम भी हुए थे, लेकिन अब नई पर्र्र्यटन नीति में भी इसे शामिल किया गया है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डा. कल्याण सिंह यादव ने बताया कि टूरिस्ट सर्किट में बुुंदेलखंड के सातों जनपदों के प्रमुुख पर्यटक स्थलों को जोड़ने वाले मार्ग पर सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
पैरा ग्लाइडिंग और वाटर स्पोर्ट्स भी होंगे
नई पर्यटन नीति में बुंदेलखंड में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़वा देने का भी प्रावधान रखा गया है। इसके तहत कालिंजर में पर्यटकों के लिए पैरा ग्लाइडिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा ललितपुर के बंदरगुढ़ा में पर्यटकों के लिए वाटर स्पोर्ट्स की व्यवस्था की जाएगी। जबकि, जाखलौन पंप कैनाल में वोट क्लब की व्यवस्था की गई है।
पर्यटकों की सुरक्षा का भी है ध्यान
नई पर्यटन नीति के तहत पर्यटकों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। इसके तहत पर्यटन पुलिस का गठन किया गया है। पर्यटकों की सुरक्षा व उन्हें शोषण से बचाने के लिए पर्यटन पुलिस कर्मियों को नगर के रेलवे स्टेशन, रानी महल व किला में तैनात किया गया है। इसे आगे और भी विस्तार देने की योजना है।
ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग की है सुविधा
पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को भ्रमण के लिए ऑनलाइन टैक्सी व बस बुकिंग की सुविधा भी दे रखी है। www.uptourism.gov.in पर पर्यटक कहीं से भी बस व टैक्सी की बुकिंग कर सकते हैं। पर्यटन निगम द्वारा बताई गई जगह पर वाहन उपलब्ध करा दिया जाएगा। पर्यटन निगम के वीरांगना होटल के संचालक मुकुल गुप्ता ने बताया कि पर्यटकों से किराया सरकार द्वारा तय की गईं दरों के अनुसार लिया जाएगा।
आज से शुरू होगी झांसी दर्शन बस सेवा
झांसी के पर्यटन स्थलों के भ्रमण कराने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम मंगलवार से झांसी दर्शन बस सेवा शुरू करेगा। एसी डीलक्स बस के टूर पैकेज तीन श्रेणी में होंगे। भारतीय नागरिकों से फुल डे टूर का टिकट 650 व विदेशी नागरिक का 1200 रुपये का होगा। मार्निंग हाफ डे टिकट भारतीय को 450 तथा विदेशी पर्यटक को 500 रुपये का मिलेगा। जबकि, ईवनिंग हाफ टिकट भारतीय को 550 व विदेशी नागरिकों को 1100 रुपये में दिया जाएगा। फुल डे टिकट में बस सुबह 8:30 बजे होटल वीरांगना से रेलवे स्टेशन और यहां से ओरछा के लिए प्रस्थान करेगी। इसके बाद बरुआसागर, जराय मठ, सेंट ज्यूड श्राइन, राजकीय संग्रहालय, दोपहर दो बजे होटल वीरांगना में लंच कराने के उपरांत तीन बजे झांसी का किला, रानी महल, दतिया, फिर किला में लाइट एंड साउंड शो दिखाने के बाद रात 8:30 बजे होटल वीरांगना और रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों को छोड़ेगी।
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पिछले सात माह के दरम्यान झांसी में सिर्फ ढाई सौ विदेशी पर्यटक आए। जबकि, इस अवधि में डेढ़ लाख से अधिक देशी पर्यटकों ने यहां के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। यह स्थिति तब है जब रोजाना राजधानी व शताब्दी जैसी ट्रेनों से विदेशी पर्यटकों के जत्थे झांसी रेलवे स्टेशन पर उतरते हैं। इसके अलावा बाहर से आने वाली विदेशी पर्यटकों की बसें भी शहर की सड़कों पर नजर आ जाती हैं। लेकिन, यह पर्यटक यहां रुकते नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के ओरछा, खजुराहो आदि स्थानों के लिए रवाना हो जाते हैं। पर्यटक सुविधाओं के अभाव के चलते यह स्थिति बनी हुई है।
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लेकिन, अब इस कमी को पूरा करने की प्रदेश सरकार ने तैयारी कर ली है। इसके लिए प्रदेश की नई पर्यटन नीति में बुंदेलखंड के लिए विशेष योजनाएं तैयार की गई हैं। इनके साकार रूप लेने पर यहां पर्यटन को उद्योग के रूप में विकसित होने में देर नहीं लगेगी।
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पर्यटकों को मिलेगी एयर कनेक्टिविटी
बुंदेलखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए झांसी में सिविल एयरपोर्ट बनाने की योजना बनाई गई है। जबकि, चित्रकूट में हवाई पट्टी के विस्तार की योजना है। इसके लिए वन विभाग से जमीन लेने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके अलावा यहां से उड़ान भरने के लिए निजी विमानन कंपनियों को प्रोत्साहन स्वरूप विशेष रियायतें दी जाएंगी।
प्रशिक्षण देकर तैयार किए जाएंगे गाइड
पर्यटन विकास के लिए अच्छे गाइडों का होना बेहद जरूरी है। जबकि, वर्तमान में स्थिति यह है कि यहां केवल एक गाइड ही है। नई पर्यटन नीति में इस पर भी ध्यान दिया गया है। इसके तहत यहां एक पर्यटन प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा, जिसमें देश के उच्च स्तरीय पर्यटन संस्थानों के विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे भी खुलेंगे।
चमकेगा बुंदेलखंड टूरिस्ट सर्किट
साल 1998 की पर्यटन नीति में बुंदेलखंड टूरिस्ट सर्किट का प्रावधान किया गया था। इसके तहत यहां कई काम भी हुए थे, लेकिन अब नई पर्र्र्यटन नीति में भी इसे शामिल किया गया है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डा. कल्याण सिंह यादव ने बताया कि टूरिस्ट सर्किट में बुुंदेलखंड के सातों जनपदों के प्रमुुख पर्यटक स्थलों को जोड़ने वाले मार्ग पर सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
पैरा ग्लाइडिंग और वाटर स्पोर्ट्स भी होंगे
नई पर्यटन नीति में बुंदेलखंड में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़वा देने का भी प्रावधान रखा गया है। इसके तहत कालिंजर में पर्यटकों के लिए पैरा ग्लाइडिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा ललितपुर के बंदरगुढ़ा में पर्यटकों के लिए वाटर स्पोर्ट्स की व्यवस्था की जाएगी। जबकि, जाखलौन पंप कैनाल में वोट क्लब की व्यवस्था की गई है।
पर्यटकों की सुरक्षा का भी है ध्यान
नई पर्यटन नीति के तहत पर्यटकों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। इसके तहत पर्यटन पुलिस का गठन किया गया है। पर्यटकों की सुरक्षा व उन्हें शोषण से बचाने के लिए पर्यटन पुलिस कर्मियों को नगर के रेलवे स्टेशन, रानी महल व किला में तैनात किया गया है। इसे आगे और भी विस्तार देने की योजना है।
ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग की है सुविधा
पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को भ्रमण के लिए ऑनलाइन टैक्सी व बस बुकिंग की सुविधा भी दे रखी है। www.uptourism.gov.in पर पर्यटक कहीं से भी बस व टैक्सी की बुकिंग कर सकते हैं। पर्यटन निगम द्वारा बताई गई जगह पर वाहन उपलब्ध करा दिया जाएगा। पर्यटन निगम के वीरांगना होटल के संचालक मुकुल गुप्ता ने बताया कि पर्यटकों से किराया सरकार द्वारा तय की गईं दरों के अनुसार लिया जाएगा।
आज से शुरू होगी झांसी दर्शन बस सेवा
झांसी के पर्यटन स्थलों के भ्रमण कराने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम मंगलवार से झांसी दर्शन बस सेवा शुरू करेगा। एसी डीलक्स बस के टूर पैकेज तीन श्रेणी में होंगे। भारतीय नागरिकों से फुल डे टूर का टिकट 650 व विदेशी नागरिक का 1200 रुपये का होगा। मार्निंग हाफ डे टिकट भारतीय को 450 तथा विदेशी पर्यटक को 500 रुपये का मिलेगा। जबकि, ईवनिंग हाफ टिकट भारतीय को 550 व विदेशी नागरिकों को 1100 रुपये में दिया जाएगा। फुल डे टिकट में बस सुबह 8:30 बजे होटल वीरांगना से रेलवे स्टेशन और यहां से ओरछा के लिए प्रस्थान करेगी। इसके बाद बरुआसागर, जराय मठ, सेंट ज्यूड श्राइन, राजकीय संग्रहालय, दोपहर दो बजे होटल वीरांगना में लंच कराने के उपरांत तीन बजे झांसी का किला, रानी महल, दतिया, फिर किला में लाइट एंड साउंड शो दिखाने के बाद रात 8:30 बजे होटल वीरांगना और रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों को छोड़ेगी।