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समय गंवाया, धक्का भी खाया, तब नोट पाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Nov 2016 12:53 AM IST
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mony ,jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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एक हजार और पांच सौ के अमान्य नोट बदलने के लिए बृहस्पतिवार को बैंकों में दिनभर मारामारी के हालात रहे। सुबह आठ बजे से ही बैंकों में कतारें लग गईं। कई लोगों की बारी तो चार घंटे बाद आई। नोट बदलने के लिए फार्म भरने की जानकारी न होने और दोपहर होते तक कुछ बैंकों में नोट खत्म होने पर लोगों ने हंगामा किया। नोट बदलने की होड़ के बीच धक्कामुक्की हुई। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने लोगों को समझाबुझाकर शांत किया। कुल मिलाकर जरूरतमंदों को सौ, पचास, बीस और दस के नोट उपलब्ध करवा दिए गए। अमर उजाला टीम ने शहर के बैंकों का जायजा लिया। प्रस्तुत है रिपोर्ट-
भारतीय स्टेट बैंक
ध्यानचंद स्टेडियम के सामने स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा में सुबह आठ बजे से ही नोट बदलवाने के लिए लोगों की भीड़ लग गई थी। बैंक खुलते ही बैंक के अंदर घुसने और नोट बदलने की होड़ मच गई। वहां तैनात पुलिस बल ने लोगाें को समझाबुझाकर शांत किया। दोपहर के बाद भीड़ कम हो गई और फिर आराम से नोट बदलने का काम होता रहा। मुख्य प्रबंधक गिरीश अग्रवाल ने बताया कि नोट बदलने के लिए छह काउंटर बनाए गए हैं। शाखा में लगभग एक हजार लोगों के नोट बदले गए। इसी तरह फोर्ट शाखा, सिविल लाइंस शाखा सहित सभी शाखाओं में भी देर शाम तक काम होता रहा।
इलाहाबाद बैंक
इलाहाबाद बैंक चौराहा स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा में सुबह से ही रुपये बदलने के लिए लंबी लाइन लग गई। अमान्य नोटों को जमा करने और बदलने के लिए लोगों में होड़ बनी रही। मुख्य प्रबंधक जयपाल सिंह यादव ने बताया कि ग्राहकों के लिए चार अतिरिक्त काउंटर बनाए गए हैं। दो काउंटर पर भुगतान और दो काउंटरों पर जमा करने का काम हो रहा है। इसी तरह शहर की अन्य शाखाओं पर भी शांति पूर्वक काम होता रहा।
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पंजाब नेशनल बैंक
बृहस्पतिवार को पीएनबी की शाखाओं पर नोट बदलने के लिए भारी भीड़ जमी रही। बैंक खुलते ही तेजी से नोट बदलने का काम शुरू हो गया था। खंडेराव गेट स्थित बैंक की शाखा में सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जो शाम तक बनी रही। इसी तरह पीएनबी की अन्य शाखाओं में भी मारामारी के हालात रहे। सिटी शाखा के मुख्य प्रबंधक सुधीर शर्मा ने बताया कि शाखा में नोट बदलने के लिए छह काउंटर बनाए गए हैं जिनमें लगभग पांच सौ लोगों के नोट बदले गए।
एचडीएफसी बैंक
बैंक के अंदर ग्राहकों की लाइनें लगी हुई थीं और बाहर कई लोग लाइन में लगने के इंतजार में खड़े थे। बैंक कर्मी लोगों के फार्म चेक करके उसकी खामियों को दूर करवा रहे थे। दोपहर तक बैंक के अंदर काफी भीड़ छट गई। दोपहर तक रुपये खत्म होने लगे बैंक अधिकारियों ने तत्काल चेस्ट से रुपये मंगवाए। शाम पांच बजे तक बैंक से लोग नोटों को बदलते रहे। इस दौरान हर जरूरतमंद को रुपये उपलब्ध हुए।
यूको बैंक
जीवन शाह तिराहा के पास यूको बैंक में सुबह से नोट बदलने वालों की भीड़ लगी रही। दोपहर तीन बजे बैंक के अंदर रुपये खत्म हो गए, जिसको लेकर लाइन में लगे लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बैंक के अंदर मौजूद लोगों को समझाबुझाकर बाहर किया। बैंक के गेट को लोहे की चेन डालकर बंद कर दिया गया। इसके बाद सुचारु रूप से रुपये बदले गए।
अब मिली राहत
चार घंटे से धूप में खड़ा हूं, अब नंबर आया है। छोटे नोट न होने के कारण कुछ खा भी नहीं पाया था। पांच सौ के नोट से कुछ मिल ही नहीं रहा था। बहुत परेशान हो गया था। अब राहत मिल गई।
अंकित रेजा, पंचकुईंया
बुरी तरह फंस गया था
जालौन से एक काम के चक्कर में आठ नवंबर को आया था। जेब में सिर्फ तीन सौ रुपये ही फुटकर थे। नोट बंद होने से कोई भी काम नहीं हो पाया और खाना भी नहीं खा पा रहा था। तीन घंटे लाइन में लगकर पैसे मिल पाए हैं।
हाफिज आबिद, जालौन
परेशान कर दिया
ग्यारह हजार रुपये जमा करने के लिए ग्वालियर रोड स्थित बैक ऑफ इंडिया में गया। वहां रुपये जमा करने के लिए पहचानपत्र मांग रहे थे। काफी बहस के बाद रुपये जमा किए।
बीएन मिश्रा, सीपरी बाजार
सुबह आठ बजे से लाइन में लगा हूं। चार घंटे बाद नंबर आया है। दस के नोटों की गड्डी दे दी है। छोटे नोट न होने के कारण कोई काम ही नहीं कर पा रहा था। खाना पीना भी मुश्किल हो गया था। उधारी से काम चला रहा था।
शिवा, सैंयर गेट बाहर
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भारतीय स्टेट बैंक
ध्यानचंद स्टेडियम के सामने स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा में सुबह आठ बजे से ही नोट बदलवाने के लिए लोगों की भीड़ लग गई थी। बैंक खुलते ही बैंक के अंदर घुसने और नोट बदलने की होड़ मच गई। वहां तैनात पुलिस बल ने लोगाें को समझाबुझाकर शांत किया। दोपहर के बाद भीड़ कम हो गई और फिर आराम से नोट बदलने का काम होता रहा। मुख्य प्रबंधक गिरीश अग्रवाल ने बताया कि नोट बदलने के लिए छह काउंटर बनाए गए हैं। शाखा में लगभग एक हजार लोगों के नोट बदले गए। इसी तरह फोर्ट शाखा, सिविल लाइंस शाखा सहित सभी शाखाओं में भी देर शाम तक काम होता रहा।
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इलाहाबाद बैंक
इलाहाबाद बैंक चौराहा स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा में सुबह से ही रुपये बदलने के लिए लंबी लाइन लग गई। अमान्य नोटों को जमा करने और बदलने के लिए लोगों में होड़ बनी रही। मुख्य प्रबंधक जयपाल सिंह यादव ने बताया कि ग्राहकों के लिए चार अतिरिक्त काउंटर बनाए गए हैं। दो काउंटर पर भुगतान और दो काउंटरों पर जमा करने का काम हो रहा है। इसी तरह शहर की अन्य शाखाओं पर भी शांति पूर्वक काम होता रहा।
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पंजाब नेशनल बैंक
बृहस्पतिवार को पीएनबी की शाखाओं पर नोट बदलने के लिए भारी भीड़ जमी रही। बैंक खुलते ही तेजी से नोट बदलने का काम शुरू हो गया था। खंडेराव गेट स्थित बैंक की शाखा में सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जो शाम तक बनी रही। इसी तरह पीएनबी की अन्य शाखाओं में भी मारामारी के हालात रहे। सिटी शाखा के मुख्य प्रबंधक सुधीर शर्मा ने बताया कि शाखा में नोट बदलने के लिए छह काउंटर बनाए गए हैं जिनमें लगभग पांच सौ लोगों के नोट बदले गए।
एचडीएफसी बैंक
बैंक के अंदर ग्राहकों की लाइनें लगी हुई थीं और बाहर कई लोग लाइन में लगने के इंतजार में खड़े थे। बैंक कर्मी लोगों के फार्म चेक करके उसकी खामियों को दूर करवा रहे थे। दोपहर तक बैंक के अंदर काफी भीड़ छट गई। दोपहर तक रुपये खत्म होने लगे बैंक अधिकारियों ने तत्काल चेस्ट से रुपये मंगवाए। शाम पांच बजे तक बैंक से लोग नोटों को बदलते रहे। इस दौरान हर जरूरतमंद को रुपये उपलब्ध हुए।
यूको बैंक
जीवन शाह तिराहा के पास यूको बैंक में सुबह से नोट बदलने वालों की भीड़ लगी रही। दोपहर तीन बजे बैंक के अंदर रुपये खत्म हो गए, जिसको लेकर लाइन में लगे लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बैंक के अंदर मौजूद लोगों को समझाबुझाकर बाहर किया। बैंक के गेट को लोहे की चेन डालकर बंद कर दिया गया। इसके बाद सुचारु रूप से रुपये बदले गए।
अब मिली राहत
चार घंटे से धूप में खड़ा हूं, अब नंबर आया है। छोटे नोट न होने के कारण कुछ खा भी नहीं पाया था। पांच सौ के नोट से कुछ मिल ही नहीं रहा था। बहुत परेशान हो गया था। अब राहत मिल गई।
अंकित रेजा, पंचकुईंया
बुरी तरह फंस गया था
जालौन से एक काम के चक्कर में आठ नवंबर को आया था। जेब में सिर्फ तीन सौ रुपये ही फुटकर थे। नोट बंद होने से कोई भी काम नहीं हो पाया और खाना भी नहीं खा पा रहा था। तीन घंटे लाइन में लगकर पैसे मिल पाए हैं।
हाफिज आबिद, जालौन
परेशान कर दिया
ग्यारह हजार रुपये जमा करने के लिए ग्वालियर रोड स्थित बैक ऑफ इंडिया में गया। वहां रुपये जमा करने के लिए पहचानपत्र मांग रहे थे। काफी बहस के बाद रुपये जमा किए।
बीएन मिश्रा, सीपरी बाजार
सुबह आठ बजे से लाइन में लगा हूं। चार घंटे बाद नंबर आया है। दस के नोटों की गड्डी दे दी है। छोटे नोट न होने के कारण कोई काम ही नहीं कर पा रहा था। खाना पीना भी मुश्किल हो गया था। उधारी से काम चला रहा था।
शिवा, सैंयर गेट बाहर