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Jhansi News: एप के जरिये टीटीई जानेंगे यूटीएस टिकट की वैधताए फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद रेलवे ने लिया फैसला
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेलवे की अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) से जारी होने वाले सामान्य टिकटों में फर्जीवाड़े का हाल में खुलासा हुआ था। इसके बाद रेल प्रशासन ने चेकिंग स्टाफ को अलर्ट जारी कर सख्ती करने के निर्देश दिए। अब रेलवे की संस्था क्रिस ने फर्जी टिकटों को पकड़ने के लिए टीटीई एप उपलब्ध कराया है। इससे क्यूआर कोड स्कैन कर एवं यूटीएस नंबर डालकर फर्जी टिकट आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
जैसलमेर से जयपुर जाने वाली स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान सात यात्री यूटीएस से जारी फर्जी टिकट पर यात्रा करते हुए करीब हफ्तेभर पहले पकड़े गए थे। जबकि यूटीएस से जारी एक टिकट पर अधिकतम चार यात्री जा सकते हैं। जालसाजों ने एक यात्री के लिए जारी सामान्य श्रेणी के टिकट को एआई की मदद से सात लोगों का टिकट बनवा लिया था। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद रेलवे ने सभी टिकट चेकिंग स्टाफ को सख्ती से जांच के आदेश दिए हैं। क्रिस ने टीटीई एप भी उपलब्ध कराया है। यह एप सभी टिकट चेकिंग स्टाफ के मोबाइल पर इंस्टॉल किया जा रहा है।
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यह है यूटीएस प्रणाली : रेलवे ने ट्रेनों के सामान्य श्रेणी में यात्रा के लिए अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) लागू की है। यूटीएस मोबाइल एप के माध्यम से जारी किया जाता है। यूटीएस से एक टिकट अधिकतम चार यात्रियों के लिए जारी किया जा सकता है।
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जयपुर मंडल में जालसाजों ने एआई का उपयोग कर यूटीएस टिकट में डिजिटल हेरफेर किया था। इसे देखते हुए चेकिंग स्टाफ को अलर्ट किया गया है। सभी चेकिंग स्टॉफ को टीटीई एप इंस्टाल करना होगा। इसकी मदद से फर्जीवाड़ा पकड़ा जा सकेगा। - अमन वर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक
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झांसी। रेलवे की अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) से जारी होने वाले सामान्य टिकटों में फर्जीवाड़े का हाल में खुलासा हुआ था। इसके बाद रेल प्रशासन ने चेकिंग स्टाफ को अलर्ट जारी कर सख्ती करने के निर्देश दिए। अब रेलवे की संस्था क्रिस ने फर्जी टिकटों को पकड़ने के लिए टीटीई एप उपलब्ध कराया है। इससे क्यूआर कोड स्कैन कर एवं यूटीएस नंबर डालकर फर्जी टिकट आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
जैसलमेर से जयपुर जाने वाली स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान सात यात्री यूटीएस से जारी फर्जी टिकट पर यात्रा करते हुए करीब हफ्तेभर पहले पकड़े गए थे। जबकि यूटीएस से जारी एक टिकट पर अधिकतम चार यात्री जा सकते हैं। जालसाजों ने एक यात्री के लिए जारी सामान्य श्रेणी के टिकट को एआई की मदद से सात लोगों का टिकट बनवा लिया था। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद रेलवे ने सभी टिकट चेकिंग स्टाफ को सख्ती से जांच के आदेश दिए हैं। क्रिस ने टीटीई एप भी उपलब्ध कराया है। यह एप सभी टिकट चेकिंग स्टाफ के मोबाइल पर इंस्टॉल किया जा रहा है।
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यह है यूटीएस प्रणाली : रेलवे ने ट्रेनों के सामान्य श्रेणी में यात्रा के लिए अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) लागू की है। यूटीएस मोबाइल एप के माध्यम से जारी किया जाता है। यूटीएस से एक टिकट अधिकतम चार यात्रियों के लिए जारी किया जा सकता है।
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जयपुर मंडल में जालसाजों ने एआई का उपयोग कर यूटीएस टिकट में डिजिटल हेरफेर किया था। इसे देखते हुए चेकिंग स्टाफ को अलर्ट किया गया है। सभी चेकिंग स्टॉफ को टीटीई एप इंस्टाल करना होगा। इसकी मदद से फर्जीवाड़ा पकड़ा जा सकेगा। - अमन वर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक