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ग्रीन बेल्ट में निर्माणाधीन तीन कालोनियां ध्वस्त

Fri, 11 Dec 2015 01:05 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Fri, 11 Dec 2015 01:05 AM IST
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Three colonies under construction collapsed in the Green Belt
झांसी। ग्रीन बेल्ट में बन रहीं तीन अवैध कालोनियों में हुए निर्माण कार्य को झांसी विकास प्राधिकरण की टीम ने बृहस्पतिवार को ध्वस्त कर दिया। यह तीनों कालोनियां ग्वालियर रोड पर बनाई जा रहीं थीं, जिन्हें चार दिसंबर को सील कर दिया गया था। जेडीए की इस कार्रवाई से कॉलोनाइजर में हड़कंप की स्थिति है।
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ग्वालियर रोड पर करारी, करारी फ्लाई ओवर के पास शेखर द्वारा दो व नत्थू द्वारा एक कालोनी ग्रीन बेल्ट पर विकसित की जा रही थी। इन अवैध निर्माणों की सूचना मिलने पर झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी कर उक्त स्थानों पर निर्माण कार्य रोकने को कहा गया था।
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कार्य न रोकने पर चार दिसंबर को जेडीए ने तीनों कालोनियों को सीज कर दिया था। बृहस्पतिवार को नगर मजिस्ट्रेट आरपी मिश्रा के नेतृत्व में जेडीए सचिव तिलकधारी यादव सहायक अभियंता आरके वर्मा, सहायक अभियंता सोमेश, जेई आरपी गुप्ता, जेई मोहन यादव, सीओ कल्याण सिंह, एसओ थाना सीपरी बाजार कामता प्रसाद समेत पुलिस बल दो जेसीबी मशीनें लेकर सबसे पहले शेखर की कालोनी पर पहुंचे।
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यहां टीम ने कालोनी की बाउंड्रीवाल, स्टोर के लिए बनाया गया कमरा सहित एक लगभग तैयार मकान को ध्वस्त कर दिया। कालोनी में बने फव्वारे के बेस, डिवाइडर व प्लाटिंग के लिए लगाए गए निशानों को भी तोड़ दिया।

यहां कार्रवाई के बाद टीम एक किलोमीटर आगे नत्थू की कालोनी में पहुंची। इस कालोनी में बनी बॉउंड्रीवाल, गेट सहित कई प्लाटों की दीवारें तोड़ कर ध्वस्त की गईं। यहां पर करीब साठ प्लाट बिके थे, जिनकी रजिस्ट्री संतोष नाम के एक व्यक्ति ने की थी। संतोष का नत्थू से प्लाट बेचने के लिए एग्रीमेंट है।

जेडीए की कार्रवाई के दौरान प्लाटों के मालिक आ गए और अपनी रजिस्ट्री दिखा कर कार्रवाई का विरोध करने लगे। अफसरों ने उन्हें बताया कि यह ग्रीन लैंड है, यहां खेती और बागवानी ही की जा सकती है। भवन निर्माण की अनुमति इस क्षेत्र में नहीं है। इसके बाद टीम ने आगे जाकर शेखर की एक और कालोनी में हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

बिना नक्शे के कैसे हो गया लोन पास
अवैध कालोनी में ध्वस्त किए गए एक मकान का निर्माण बैंक से लोन लेकर कराया गया था। होम लोन में यह नियम है कि जेडीए से पास हुए नक्शे की कॉपी लगाए बिना कर्ज नहीं मिलता है। ऐसे में ग्रीन बेल्ट में बन रहे इस मकान के लिए होम लोन कैसे मिला यह जांच का विषय है। जेडीए इसे अवैध कालोनी बता रहा है और नक्शा पास करने का काम जेडीए का ही है। ऐसे में या तो नियमों को ताक पर रख कर नक्शा पास किया गया या फिर बैंक में नक्शा पास होने की फर्जी कॉपी लगाई गई है।


यह बरतें सावधानियां
अगर आप आवासीय प्लाट खरीदने जा रहे हैं तो तीन कार्य जरूर करें। सबसे पहले जेडीए कार्यालय से यह कंफर्म कर लें, कि जो भूमि आप खरीद रहे हैं, उसका लैंड यूज आवासीय ही है। इसके बाद नगर निगम जाएं और उसके रकवा की जानकारी कर लें कि वह भूमि सरकारी न हो। तहसील से उसका बारह साला निकलवा लें, जिससे उसके असली मालिक की जानकारी मिल जाएगी।
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