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37 मजरों में आज तक बिजली नहीं, वायदा था लाइट की रोशनी में पढ़ेंगे बच्चे
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बंगरा। मऊरानीपुर विधानसभा के 37 मजरों तक आज भी बिजली नहीं पहुंची। यहां लोग अभी भी लालटेन एवं ढिबरी के सहारे ही जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान इन जगहों को लाइट से जगमग कर देने का भरोसा दिलाया गया था। वायदा किया गया कि गांव के बच्चे लाइट की रोशनी में पढ़ेंगे लेकिन, आज भी बच्चों के लिए सिर्फ लालटेन ही सहारा है।
बंगरा कटेरा मार्ग, नवीन गल्ला मंडी, पड़रा का भरका, हरिजन बस्ती गोंडा का खिरक, पटपरा, बिजना, सकरार, नेगुआं का मुंड़ी, सिजोर का कछार, कवारा, बिजरवारा का वघेर, कटेरा, पुरैना, खोरयाना, मोरयाना, लुहारी का शंकर, पड़रा का पटपरा, मगरवारा के मंजुवार, छिंगेबारा, ढलई, बगबरी, बंगरा पहाड़ के पीछे हरिजन बस्ती, लोहापीटा, सकरार का पटपरा, बुड़ावली का झंजू महाराज इलाके समेत कई इलाके के लोगों आज भी लालटेन युग में जी रहे हैं। बिजली न होने से लालटेन, ढिबरी और दीये के सहारे रात गुजारने को मजबूर हैं।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यहां बिजली के लिए तमाम वायदे किए गए लेकिन, यह दावे आज भी हवा में हैं। बच्चों की रात में पढ़ाई नहीं हो पाती। जहां विद्युतीकरण हुआ, वहां लाइट नहीं आती। उल्दन इलाके में ओवरलोडिंग के चलते बिजली नहीं रहती। मऊरानीपुर में क्षमता के मुताबिक ट्रांसफार्मर नहीं हैं। ट्रांसफार्मर खराब होने पर कई महीने में यह ठीक हो पाता है। बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होती है। मऊरानीपुर में भड़रा, मंडन, रेवन, रानीपुर, कटेरा, बंगरा, सकरार, राजगिर, बंहोरी, सिजारी में बड़ी आबादी रहती है लेकिन, यहां भी बिजली मिलने का समय तय नहीं है।
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आदिवासी, हरिजन बस्ती इलाकों में सिर्फ खंभे लगे हैं। कई वर्ष बीत गए लेकिन, इनमें तार नहीं बिछाए गए। लोग अंधेरे में ही रहने को मजबूर हैं। कुलदीप
पड़रा, कटेरा इलाके में बिजली नहीं है। चुनाव के दौरान यहां बिजली पहुंचाने के वायदे किए गए। बिजली न होने के बावजूद बिल भेज दिए जाते हैं। जगदीश पटसारिया
चुनाव में बिजली पहुंचाने का वायदा किया जाता है लेकिन, आज तक बिजली के तार नहीं पहुंचे। बस्तियों में लोग अंधेरे में ही रह रहे हैं। भगवानदास
बिजली न होने से व्यापारी से लेकर किसान तक परेशान हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सीजनल कनेक्शन के नाम पर किसानों को परेशान किया जाता है। सुनवाई नहीं हुई। धर्मेश सोनी
लुहारी, सकरार आदि इलाकों में किसानों को नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है। लुहारी का शंकर, सिजोरा, नेगुआं में बिजली ही नहीं आती। कोई देखने वाला नहीं है। राजेंद्र सिंह
बिजली न होने से लोग परेशान हैं। बिजली की कई बार मांग की गई। विधायक से शिकायत हुई। आज भी यहां तार नहीं पहुंचे। इस इलाके के लोगों के अंधेरे में ही रहना पड़ता है। जितेंद राय
नोटा, हाटी, बांसार, खजराहा आदि इलाकों में बिजली मिलती ही नहीं है। चुनाव में इसका वायदा किया जाता है लेकिन, आज तक व्यवस्था जस की तस है। राघवेंद्र पस्तोर
किसानों को सीजनल कनेक्शन नहीं मिल रहा है। कनेक्शन लेने के लिए चक्कर लगना पड़ता है। बिजली के बिना बहुत दिक्कत होती है, कोई सुनने वाला नहीं है। राजू घोष
बोले विधायक
140 मजरों का करा दिया विद्युतीकरण, बिजली के बनवाए सबस्टेशन
विधायक बिहारीलाल आर्य ने कहना है कि इलाके की बिजली व्यवस्था बनाने के लिए उन्होंने साढ़े चाल में कई कार्य कराए। 140 मजरों का विद्युतीकरण करा दिया। मऊरानीपुर में नया विद्युत सबस्टेशन बनवाया। 40-40 केबीए के ट्रांसफार्मर लगवाए गए। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के जरिए 11 करोड़ खर्च करके बंच केबल डलवाई गई। मऊरानीपुर, रानीपुर, कटेरा, टोड़ीफतेहपुर में विद्युत लाइन का विस्तार कराया। 135 नए ट्रांसफार्मर लगवाए। 140 मजरों पर विद्युतीकरण के अलावा 120 ग्रामों में विद्युत लाइन डाली गई। विधायक का कहना है कि धमनाखुर्द, चुरारा, खरका, सानी, टहरौली के कई मजरों पर कार्य स्वीकृत हो गया है। यहां जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। उनका कहना है कि प्रयास किए जा रहे कि लोगों को 24 घंटे बिजली मिल सके।
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बंगरा कटेरा मार्ग, नवीन गल्ला मंडी, पड़रा का भरका, हरिजन बस्ती गोंडा का खिरक, पटपरा, बिजना, सकरार, नेगुआं का मुंड़ी, सिजोर का कछार, कवारा, बिजरवारा का वघेर, कटेरा, पुरैना, खोरयाना, मोरयाना, लुहारी का शंकर, पड़रा का पटपरा, मगरवारा के मंजुवार, छिंगेबारा, ढलई, बगबरी, बंगरा पहाड़ के पीछे हरिजन बस्ती, लोहापीटा, सकरार का पटपरा, बुड़ावली का झंजू महाराज इलाके समेत कई इलाके के लोगों आज भी लालटेन युग में जी रहे हैं। बिजली न होने से लालटेन, ढिबरी और दीये के सहारे रात गुजारने को मजबूर हैं।
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क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यहां बिजली के लिए तमाम वायदे किए गए लेकिन, यह दावे आज भी हवा में हैं। बच्चों की रात में पढ़ाई नहीं हो पाती। जहां विद्युतीकरण हुआ, वहां लाइट नहीं आती। उल्दन इलाके में ओवरलोडिंग के चलते बिजली नहीं रहती। मऊरानीपुर में क्षमता के मुताबिक ट्रांसफार्मर नहीं हैं। ट्रांसफार्मर खराब होने पर कई महीने में यह ठीक हो पाता है। बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होती है। मऊरानीपुर में भड़रा, मंडन, रेवन, रानीपुर, कटेरा, बंगरा, सकरार, राजगिर, बंहोरी, सिजारी में बड़ी आबादी रहती है लेकिन, यहां भी बिजली मिलने का समय तय नहीं है।
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आदिवासी, हरिजन बस्ती इलाकों में सिर्फ खंभे लगे हैं। कई वर्ष बीत गए लेकिन, इनमें तार नहीं बिछाए गए। लोग अंधेरे में ही रहने को मजबूर हैं। कुलदीप
पड़रा, कटेरा इलाके में बिजली नहीं है। चुनाव के दौरान यहां बिजली पहुंचाने के वायदे किए गए। बिजली न होने के बावजूद बिल भेज दिए जाते हैं। जगदीश पटसारिया
चुनाव में बिजली पहुंचाने का वायदा किया जाता है लेकिन, आज तक बिजली के तार नहीं पहुंचे। बस्तियों में लोग अंधेरे में ही रह रहे हैं। भगवानदास
बिजली न होने से व्यापारी से लेकर किसान तक परेशान हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सीजनल कनेक्शन के नाम पर किसानों को परेशान किया जाता है। सुनवाई नहीं हुई। धर्मेश सोनी
लुहारी, सकरार आदि इलाकों में किसानों को नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है। लुहारी का शंकर, सिजोरा, नेगुआं में बिजली ही नहीं आती। कोई देखने वाला नहीं है। राजेंद्र सिंह
बिजली न होने से लोग परेशान हैं। बिजली की कई बार मांग की गई। विधायक से शिकायत हुई। आज भी यहां तार नहीं पहुंचे। इस इलाके के लोगों के अंधेरे में ही रहना पड़ता है। जितेंद राय
नोटा, हाटी, बांसार, खजराहा आदि इलाकों में बिजली मिलती ही नहीं है। चुनाव में इसका वायदा किया जाता है लेकिन, आज तक व्यवस्था जस की तस है। राघवेंद्र पस्तोर
किसानों को सीजनल कनेक्शन नहीं मिल रहा है। कनेक्शन लेने के लिए चक्कर लगना पड़ता है। बिजली के बिना बहुत दिक्कत होती है, कोई सुनने वाला नहीं है। राजू घोष
बोले विधायक
140 मजरों का करा दिया विद्युतीकरण, बिजली के बनवाए सबस्टेशन
विधायक बिहारीलाल आर्य ने कहना है कि इलाके की बिजली व्यवस्था बनाने के लिए उन्होंने साढ़े चाल में कई कार्य कराए। 140 मजरों का विद्युतीकरण करा दिया। मऊरानीपुर में नया विद्युत सबस्टेशन बनवाया। 40-40 केबीए के ट्रांसफार्मर लगवाए गए। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के जरिए 11 करोड़ खर्च करके बंच केबल डलवाई गई। मऊरानीपुर, रानीपुर, कटेरा, टोड़ीफतेहपुर में विद्युत लाइन का विस्तार कराया। 135 नए ट्रांसफार्मर लगवाए। 140 मजरों पर विद्युतीकरण के अलावा 120 ग्रामों में विद्युत लाइन डाली गई। विधायक का कहना है कि धमनाखुर्द, चुरारा, खरका, सानी, टहरौली के कई मजरों पर कार्य स्वीकृत हो गया है। यहां जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। उनका कहना है कि प्रयास किए जा रहे कि लोगों को 24 घंटे बिजली मिल सके।