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महिलाएं कामकाज को निकलीं, यही क्रांति है

Fri, 27 May 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 27 May 2016 01:03 AM IST
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The women went to work , the revolution
woman gotsi, jhansi n - फोटो : amar ujala
झांसी। अंतर्राष्ट्रीय गांधीवादी विचारक डॉ. एसएन सुब्बाराव ने कहा कि महिलाएं घर से कामकाज को निकलकर आई हैं, यही क्रांति है। यह विचार बृहस्पतिवार को राजकीय संग्रहालय में नेशनल यूथ प्रोजेक्ट के तत्वावधान में जल संरक्षण एवं नारी सशक्तिकरण विषय पर आयोजित एक दिवसीय गोष्ठी में मुख्य अतिथि डॉ. सुब्बाराव ने व्यक्त किए।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं का जागरूक होना जरूरी है। उन्हें जल एवं धन बचाने एवं जोड़ने के लिए आगे होना चाहिए। अपने घर के पुरुषों को नशाखोरी से दूर करने के  लिए सशक्त प्रयास करना चाहिए। जीवन में पानी बचाना तथा समाज को चरित्रवान बनाना सभी का लक्ष्य होना जरूरी है। मकान व बाजार का निर्माण ही विकास नहीं है, बल्कि हरियाली व जल संरक्षण विकास का सूचक है। समाज कल्याण उपनिदेशक संदीप सिंह ने कहा कि महिलाएं स्वयं सहायता समूह के माध्यम से जल संरक्षण और नारी सशक्तिकरण को मजबूत कर सकती हैं।
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महापौर किरन वर्मा ने कहा कि भविष्य की पीढ़ी के लिए पानी को बचाने के लिए आगे आना होगा। इसके लिए महिलाओं की अहम जिम्मेदारी है। इस मौके पर नाबार्ड के डीडीएम अजय सोनी, डॉ. आरसी गुप्ता, ध्रुव सिंह यादव, डॉ. नीति शास्त्री, अमृता श्रीवास्तव, दयाराम राय, मोहन नेपाली आदि वक्ताओं ने बुंदेलखंड की नदी, तालाबों, कुओं व बावड़ियों को जीवित करने की बात उठाई।
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स्वयं सहायता समूहों को प्रशस्ति पत्र एवं पौधे प्रदान किए गए। इस अवसर पर शैलेंद्र, देवाशीष मंजूमदार, प्रमोद राजपूत, जगजीवन, मालती कुशवाहा, दिनेश, चंदा, प्रभा, किशोरी आदि मौजूद रहीं। संचालन कमलेश राय ने व आभार डॉ. आरसी गुप्ता ने जताया।


गंगा की सफाई में लगने वाला धन नौजवानों की प्रगति में लगे
समाजसेवी एवं गांधीवादी विचारक डॉ. एसएन सुब्बाराव ने कहा कि गंगा की सफाई में लगने वाले 15 हजार करोड़ रुपये नौजवानों की प्रगति में लगाएं जाएं तो बेहतर होगा। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कौशल विकास योजना सराहनीय है, इससे काम व संसाधन दोनों बढे़गा, लेकिन गंगा की सफाई में लग रहे 15 हजार करोड़ रुपये जो अफसरों व इंजीनियरों की जेब में जाएगा, उसे नौजवानों की प्रगति में लगाना अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक भेदभाव हो रहा है, जो बंद होना चाहिए। क्योंकि भारत सभी जाति एवं धर्मों का देश है। 
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