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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज की गुल हुई बिजली, मरीजों ने इमरजेंसी में पल-पल गिनकर गुजारे डेढ़ घंटे

Thu, 22 May 2025 02:36 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 May 2025 02:36 AM IST
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The power supply of the medical college was cut off, the patients spent one and a half hours counting the moments in the emergency

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। बुधवार की मध्यरात्रि को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की बिजली गुल हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक पूरा मेडिकल कॉलेज अंधेरे में डूबा रहा। इस दौरान इमरजेंसी सेवा पूरी तरह ठप पड़ गई। वार्डों में भी अंधेरा छा गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों के साथ चिकित्सक भी परेशान हो उठे। नाजुक हाल में भर्ती आठ मरीजों के सीटी स्कैन नहीं कराए जा सके। नाराज परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर नवाबाद पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया। मेडिकल कॉलेज में तैनात बिजली कर्मियों ने खासी मशक्कत के बाद किसी तरह आपूर्ति चालू कराई जब जाकर हालात सुधरे।

मेडिकल कॉलेज को आपूर्ति के लिए गल्ला मंडी से अलग केबल बिछाई गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि पांच दिन से बिजली आपूर्ति गड़बड़ा गई है। मध्यरात्रि 12:05 बजे मेडिकल कॉलेज की आपूर्ति ठप पड़ गई। वार्ड एवं इमरजेंसी में आए मरीजों के लिए एक-एक मिनट भारी पड़ने लगा। काफी देर तक बिजली न आने पर परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। नाराज परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इधर, ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) ने बिजली विभाग से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन, उनका फोन नहीं उठा। ईएमओ ने पुलिस को सूचना दे दी। थोड़ी देर में पुलिस भी पहुंच गई। उधर, मरम्मत कार्य के बाद रात 1.42 बजे आपूर्ति आरंभ हो सकी। तब तक इमरजेंसी सेवा ठप पड़ी रही। रोगियों को तत्काल सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड पर बड़ी एक्सरे मशीनों से जांच के लिए भेजा गया। वहीं, मेडिकल कॉलेज में बिजली जाने के बाद जब जेनरेटर चलते हैं तो एक घंटे में 350 लीटर डीजल खर्च होता है।
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कुछ दिनों से बिजली आपूर्ति बार-बार ठप हो रही। इससे दिक्कत हो रही है। बुधवार को भी कटौती रही। बिजली जाने के बाद जेनरेटर चलाने पर प्रतिघंटे 350 लीटर से ज्यादा डीजल खर्च होता है। इसके बावजूद सीटी स्कैन जैसी जांच प्रभावित होती है। - डॉ. मयंक सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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