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Jhansi News: महापौर ने किसी तरह पीछा छुड़ाया, सरकार से मंजूरी का मिलना आसान नहीं

Sat, 24 Jun 2023 12:16 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jun 2023 12:16 AM IST
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The mayor somehow got rid of the chase, it is not easy to get approval from the government
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। नगर निगम सदन ने हाउसटैक्स हाफ कराने का प्रस्ताव भले शासन को भेज दिया हो लेकिन, इससे आम लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद न के बराबर है। जानकारों का कहना है कि सीधे राजस्व से जुड़ा मामला होने के नाते नगर विकास महकमे से इसे मंजूर होने की उम्मीद बेहद कम है। सूबे के कई महानगरों ने पहले भी इस संबंध में प्रस्ताव भेजे थे लेकिन, इनको भी सरकार ने मंजूर नहीं किया।
महापौर बिहारी लाल आर्य हाउसटैक्स हाफ करने के वादे के साथ चुनावी मैदान में उतरे थे। उनको कार्यकारिणी से ही यह प्रस्ताव पास कराना था लेकिन, तकनीकी अड़चनों के चलते यह प्रस्ताव कार्यकारिणी मेें पेश नहीं किया जा सका। इस वजह से महापौर को चौतरफा आलोचना झेलनी पड़ी। विचार-विमर्श के बाद महापौर को सदन में यह प्रस्ताव पेश करने की सलाह दी गई। सदन से प्रस्ताव पास कराकर मंजूरी के लिए शासन भेज देने की रणनीति तैयार हुई। रणनीतिकारों को यह बात अच्छे से मालूम थी कि सरकार सदन के इस प्रस्ताव को मंजूर नहीं करेगी।
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शुक्रवार को निगम सदन से इसी रणनीति के तहत प्रस्ताव पास कराकर नगर विकास विभाग को भेजने का फैसला कराया गया। इससे महापौर को रणनीतिक तौर पर भले फायदा मिल जाए लेकिन, शहरवासियों को कोई फायदा नहीं मिलेगा। वहीं, इस पर भी ऊहापोह है कि सदन के फैसले को निगम अफसर शासन को भेजेंगे अथवा नहीं।
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इनसेट
प्रयागराज समेत अन्य निगम पहले भी कर चुके मांग
प्रयागराज नगर निगम में हाउसटैक्स बढ़ोत्तरी के मामले में तीन साल पहले पार्षद आंदोलन कर चुके। सदन से कई दफा प्रस्ताव पास करके शासन को भेजा गया लेकिन, सरकार ने कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद भी इस पर कोई फैसला नहीं लिया। इसी तरह अन्य निगमों से भी प्रस्ताव भेजे गए थे।




नगर निगम अधिनियम-1959 की धारा 172, 173 के जरिए नगर निगम सदन को सिर्फ वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर दस से पंद्रह फीसदी के बीच हाउसटैक्स तय करने का अधिकार है लेकिन, अधिनियम में टैक्स कम करने का अधिकार सदन को नहीं है। सरकार भी ऐसे प्रस्तावों को मंजूर नहीं करती। राजस्व घटने पर सदन के खिलाफ सरकार कार्रवाई भी कर सकती है।
कमलेश सिंह
पूर्व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
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