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कैंसर की आशंका पर 318 ने कराई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:54 AM IST
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- फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। अमर उजाला फाउंडेशन और भक्ति वेदांता कैंसर इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को आयोजित कैंसर जांच शिविर में भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 318 लोगों की जांच की, जिसमें 138 कैंसर के संदिग्ध मरीज पाए गए। इनमें सर्वाधिक संख्या मुंह के कैंसर के रोगियों की रही।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के सामने स्थित राघवेंद्र हॉस्पिटल में आयोजित शिविर का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद यादव ने किया। उन्होंने कहा कि कैंसर तेजी से पांव पसार रहा है। ऐसे में बेहतर होगा कि समय-समय पर जांच कराई जाती रहे, ताकि शुरुआत में ही इस पर काबू पाया जा सके।
शिविर में देश के मशहूर कैंसर विशेषज्ञ और हाल ही में साउथ कोरिया से रोबोटिक्स कैंसर सर्जरी का प्रशिक्षण लेकर लौटे डॉ. विष्णु अग्रवाल और उनकी टीम ने 318 मरीजों की जांच की। इनमें 138 कैंसर के संदिग्ध मरीज पाए गए। इनमें सर्वाधिक 58 मरीज मुख कैंसर के रहे।
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इसके अलावा पेट के कैंसर के 53, गले के कैंसर के 11, ब्रेस्ट कैंसर के नौ तथा सात मरीजों में फेंफड़े के कैंसर की आशंका जताई गई। शिविर में डॉ. विष्णु अग्रवाल के साथ वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता सिंह, डॉ. नेत्रपाल आदि ने मरीजों की जांच कर परामर्श दिया।
गरीबों का होगा नि:शुल्क इलाज
शिविर में कैंसर के चिह्नित मरीजों का मुंबई के भक्ति वेदांत हास्पिटल में आपरेशन किया जाएगा। तीस हजार तक सालाना आय वाले लोगों का नि:शुल्क आपरेशन होगा। जबकि, अधिकतम एक लाख रुपये वार्षिक आय वाले मरीजों का आपरेशन खर्च पचास फीसदी ही लगेगा। वैसे भी भक्ति वेदांत अस्पताल में रियायती दरों पर आपरेशन किया जाता है। सामान्यत: यहां कैंसर के आपरेशन का खर्च सत्तर-अस्सी हजार रुपये आता है।
दृढ़ निश्चय से छोड़ें गुटखा
शिविर में मुख कैंसर के संदिग्ध रोगियों की संख्या सर्वाधिक पाई गई। इक्का-दुक्का को छोड़ दिया जाए, तो सभी में रोगियों के कैंसर का कारण गुटखा ही रहा। डॉ. विष्णु अग्रवाल ने बताया कि गुटखा छोड़ने की कोई दवा नहीं है। इसे सिर्फ दृढ़ इच्छा शक्ति से ही छोड़ा जा सकता है। ध्यान-साधना की इच्छा शक्ति को प्रबल बनाया जा सकता है।
कैंसर से बचने को बदलें दिनचर्या
डॉ. विष्णु अग्रवाल ने बताया कि दिनचर्या में बदलाव कर कैंसर की सत्तर फीसदी संभावनाओं से बचा जा सकता है। नियमित रूप से व्यायाम करें। शुद्ध शाकाहारी भोजन को प्राथमिकता दें। जंक फूड व पैक्ड फूड से जितना हो सके, दूर ही रहें। इसके अलावा सिगरेट, गुटखा, शराब जैसी चीजों को भी अपने पास न फटकने दें। साथ ही तनाव को हावी न होने दें। ऐसा करने से कैंसर की संभावना बेहद कम रह जाती है।
दुष्प्रचार पर भारी पड़ रहा है प्रचार
तंबाकू कैंसर का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। इससे बचाव के लिए तंबाकू उत्पादों पर कैंसर की बड़ी सी भयावह तस्वीर भी छापी जा रही है। साथ ही रैपर पर चेतावनी भी अंकित रहती है। लेकिन, इस दुष्प्रचार पर पान मसाला आदि का होने वाला प्रचार भारी पड़ रहा है। नामचीन फिल्मी कलाकार पान मसाला के प्रचार करते नजर आते हैं। वह तेजी से युवा पीढ़ी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
शंकाओं का हुआ समाधान
शिविर में बरुआसागर से आए चंद्रभान ने बताया कि उनकी पत्नी उमा का बोन कैंसर का इलाज जारी है। कीमोथैरेपी कराने की सलाह दी गई है। इसे मन में तमाम शंकाएं थीं। शिविर में चिकित्सकों ने शंकाओं का समाधान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अमर उजाला का यह प्रयास सराहनीय है।
शक होने पर आए जांच कराने
शिविर में परसा टहरौली के राजदीप यादव अपने दोस्त नरेश यादव की जांच कराने आए थे। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त के मुंह में छाला है। ठीक न होने पर कैंसर का शक है, जिसकी वह जांच कराने शिविर में आए हैं। उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से शंका का समाधान बेहद आसान हो गया है।
जांच कराने में कोई हर्ज नहीं
मोंठ के कुम्हरार ग्राम के वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गाल में छाला है, जो काफी समय से ठीक नहीं हो रहा है। ऐसे में उन्हें शिविर की जानकारी हुई और वह इसकी जांच कराने आए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं लगता कि कैंसर होगा, लेकिन जांच कराने में कोई हर्ज भी तो नहीं है।
सूजन नहीं हो रही कम
दतिया के ग्राम ऊंचिया से नरेश अपनी पांच साल की बेटी के साथ शिविर में आए थे। उन्होंने बताया कि बेटी के हाथ में पिछले कई महीनों से सूजन है। तमाम इलाज के बाद भी यह कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसलिए वह बेटी को लेकर शिविर में जांच कराने चले आए हैं।
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के सामने स्थित राघवेंद्र हॉस्पिटल में आयोजित शिविर का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद यादव ने किया। उन्होंने कहा कि कैंसर तेजी से पांव पसार रहा है। ऐसे में बेहतर होगा कि समय-समय पर जांच कराई जाती रहे, ताकि शुरुआत में ही इस पर काबू पाया जा सके।
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शिविर में देश के मशहूर कैंसर विशेषज्ञ और हाल ही में साउथ कोरिया से रोबोटिक्स कैंसर सर्जरी का प्रशिक्षण लेकर लौटे डॉ. विष्णु अग्रवाल और उनकी टीम ने 318 मरीजों की जांच की। इनमें 138 कैंसर के संदिग्ध मरीज पाए गए। इनमें सर्वाधिक 58 मरीज मुख कैंसर के रहे।
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इसके अलावा पेट के कैंसर के 53, गले के कैंसर के 11, ब्रेस्ट कैंसर के नौ तथा सात मरीजों में फेंफड़े के कैंसर की आशंका जताई गई। शिविर में डॉ. विष्णु अग्रवाल के साथ वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता सिंह, डॉ. नेत्रपाल आदि ने मरीजों की जांच कर परामर्श दिया।
गरीबों का होगा नि:शुल्क इलाज
शिविर में कैंसर के चिह्नित मरीजों का मुंबई के भक्ति वेदांत हास्पिटल में आपरेशन किया जाएगा। तीस हजार तक सालाना आय वाले लोगों का नि:शुल्क आपरेशन होगा। जबकि, अधिकतम एक लाख रुपये वार्षिक आय वाले मरीजों का आपरेशन खर्च पचास फीसदी ही लगेगा। वैसे भी भक्ति वेदांत अस्पताल में रियायती दरों पर आपरेशन किया जाता है। सामान्यत: यहां कैंसर के आपरेशन का खर्च सत्तर-अस्सी हजार रुपये आता है।
दृढ़ निश्चय से छोड़ें गुटखा
शिविर में मुख कैंसर के संदिग्ध रोगियों की संख्या सर्वाधिक पाई गई। इक्का-दुक्का को छोड़ दिया जाए, तो सभी में रोगियों के कैंसर का कारण गुटखा ही रहा। डॉ. विष्णु अग्रवाल ने बताया कि गुटखा छोड़ने की कोई दवा नहीं है। इसे सिर्फ दृढ़ इच्छा शक्ति से ही छोड़ा जा सकता है। ध्यान-साधना की इच्छा शक्ति को प्रबल बनाया जा सकता है।
कैंसर से बचने को बदलें दिनचर्या
डॉ. विष्णु अग्रवाल ने बताया कि दिनचर्या में बदलाव कर कैंसर की सत्तर फीसदी संभावनाओं से बचा जा सकता है। नियमित रूप से व्यायाम करें। शुद्ध शाकाहारी भोजन को प्राथमिकता दें। जंक फूड व पैक्ड फूड से जितना हो सके, दूर ही रहें। इसके अलावा सिगरेट, गुटखा, शराब जैसी चीजों को भी अपने पास न फटकने दें। साथ ही तनाव को हावी न होने दें। ऐसा करने से कैंसर की संभावना बेहद कम रह जाती है।
दुष्प्रचार पर भारी पड़ रहा है प्रचार
तंबाकू कैंसर का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। इससे बचाव के लिए तंबाकू उत्पादों पर कैंसर की बड़ी सी भयावह तस्वीर भी छापी जा रही है। साथ ही रैपर पर चेतावनी भी अंकित रहती है। लेकिन, इस दुष्प्रचार पर पान मसाला आदि का होने वाला प्रचार भारी पड़ रहा है। नामचीन फिल्मी कलाकार पान मसाला के प्रचार करते नजर आते हैं। वह तेजी से युवा पीढ़ी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
शंकाओं का हुआ समाधान
शिविर में बरुआसागर से आए चंद्रभान ने बताया कि उनकी पत्नी उमा का बोन कैंसर का इलाज जारी है। कीमोथैरेपी कराने की सलाह दी गई है। इसे मन में तमाम शंकाएं थीं। शिविर में चिकित्सकों ने शंकाओं का समाधान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अमर उजाला का यह प्रयास सराहनीय है।
शक होने पर आए जांच कराने
शिविर में परसा टहरौली के राजदीप यादव अपने दोस्त नरेश यादव की जांच कराने आए थे। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त के मुंह में छाला है। ठीक न होने पर कैंसर का शक है, जिसकी वह जांच कराने शिविर में आए हैं। उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से शंका का समाधान बेहद आसान हो गया है।
जांच कराने में कोई हर्ज नहीं
मोंठ के कुम्हरार ग्राम के वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गाल में छाला है, जो काफी समय से ठीक नहीं हो रहा है। ऐसे में उन्हें शिविर की जानकारी हुई और वह इसकी जांच कराने आए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं लगता कि कैंसर होगा, लेकिन जांच कराने में कोई हर्ज भी तो नहीं है।
सूजन नहीं हो रही कम
दतिया के ग्राम ऊंचिया से नरेश अपनी पांच साल की बेटी के साथ शिविर में आए थे। उन्होंने बताया कि बेटी के हाथ में पिछले कई महीनों से सूजन है। तमाम इलाज के बाद भी यह कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसलिए वह बेटी को लेकर शिविर में जांच कराने चले आए हैं।