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Jhansi News: नहर फटने से खेतों में भरा पानी, फसले हुईं नष्ट
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खेत के समीप फटी नहरफोटो
- सूचना पाकर तहसील प्रशासन पहुंचा मौके पर
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊरानीपुर। मंगलवार रात में मथूपुरा के कुरार बांध से निकली माइनर पर पानी का अधिक दबाव पड़ने से वह ग्राम पंचायत घाटकोटरा के खेतों के निकट फट गई। जिससे रबी की फसल गेहूं व लाही जलमग्न हो गई। नहर का पानी बहते-बहते गांव तक पहुंच गया। जिससे गांव के किसानों में ज्यादा आक्रोश देखा गया। सूचना मिलने पर तहसील प्रशासन मौके पर पहुंच गया। मौदहा डिवीजन पंचम खंड प्रथम महोबा के आधीन मथूपुरा कुरार बांध से पुरवा मौजे तक माइनर निकली हुई है। इस नहर से ढ़करवारा, पठा, मथूपूरा, कदौरा, घाटकोटरा तथा पुरवा आदि आधा दर्जन गांवों के किसानों के खेतों की सिंचाई होती है। जिसका करीब डेढ़ वर्ष से अधिक समय से मरम्मतीकरण का कार्य चल रहा था। लेकिन मरम्मत गुणवत्ताविहीन होने के चलते घाटकोटरा प्रधान प्रतिनिधि व अन्य गांव के लोगों ने इसकी शिकायत पहले भी की थी। लेकिन इस ओर संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों ने कोई भी ध्यान नहीं दिया। मंगलवार दोपहर में नहर में पानी छोड़ा गया। रात में ग्राम घाटकोटरा के समीप पानी का दबाव अधिक बढ़ने से नहर फट गई। जिससे खेतों में लहलहाती लाही व गेहूं की हरी भरी फसलें पानी से जलमग्न हो गई। बुधवार की सुबह किसान जब खेतों पर पहुंचे तो जलमग्न फसलों को देख दंग रह गए। सूचना संबंधित विभाग को दी गई। नहर को बंद किया गया। गुणवत्ताविहीन मरम्मत होने से नहर का फटना किसानों द्वारा बताया जा रहा है।
ग्राम पंचायत घाटकोटरा निवासी किसान शत्रुघ्न सिंह कछुवाहे, सुदर्शन सिंह राजावत, विक्रम सिंह, बृजेंद्र सिंह, शुभम सिंह परिहार आदि किसानों के खेतों में बोई गई फसलों में पानी भर गया। जिससे खेत में लगी लाही व गेहूं की फसलें पूर्ण रूप से डूब गईं। पीड़ित किसानों ने बताया कि लगभग 22 बीघा जमीन में लगी फसलें नष्ट हो गई हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। वहीं, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हरमुख सिंह परिहार ने बताया कि नहर खोले जाने से पहले जब इसमें मरम्मत का कार्य किया जा रहा था तो इसकी गुणवत्ता की शिकायतें ग्रामीणों ने की थी। लेकिन उसके बाद भी इसे गुणवत्तापूर्वक नहीं बनाया गया। नहर फटने से किसानों के खेतों में पानी भर गया है। जिससे फसल में भारी नुकसान हुआ है।
उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने बताया कि टीम नहर की मरम्मत कार्य में लगी हुई है। किसानों की फसलों का जो नुकसान हुआ है, उसका सर्वे किया जा रहा है। सिंचाई विभाग महोबा को आदेशित कर दिया गया है कि वह ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करें ताकि आगे ऐसी कोई भी समस्या न आ सके। गुणवत्ताविहीन कराए गए कार्य की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मऊरानीपुर। मंगलवार रात में मथूपुरा के कुरार बांध से निकली माइनर पर पानी का अधिक दबाव पड़ने से वह ग्राम पंचायत घाटकोटरा के खेतों के निकट फट गई। जिससे रबी की फसल गेहूं व लाही जलमग्न हो गई। नहर का पानी बहते-बहते गांव तक पहुंच गया। जिससे गांव के किसानों में ज्यादा आक्रोश देखा गया। सूचना मिलने पर तहसील प्रशासन मौके पर पहुंच गया। मौदहा डिवीजन पंचम खंड प्रथम महोबा के आधीन मथूपुरा कुरार बांध से पुरवा मौजे तक माइनर निकली हुई है। इस नहर से ढ़करवारा, पठा, मथूपूरा, कदौरा, घाटकोटरा तथा पुरवा आदि आधा दर्जन गांवों के किसानों के खेतों की सिंचाई होती है। जिसका करीब डेढ़ वर्ष से अधिक समय से मरम्मतीकरण का कार्य चल रहा था। लेकिन मरम्मत गुणवत्ताविहीन होने के चलते घाटकोटरा प्रधान प्रतिनिधि व अन्य गांव के लोगों ने इसकी शिकायत पहले भी की थी। लेकिन इस ओर संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों ने कोई भी ध्यान नहीं दिया। मंगलवार दोपहर में नहर में पानी छोड़ा गया। रात में ग्राम घाटकोटरा के समीप पानी का दबाव अधिक बढ़ने से नहर फट गई। जिससे खेतों में लहलहाती लाही व गेहूं की हरी भरी फसलें पानी से जलमग्न हो गई। बुधवार की सुबह किसान जब खेतों पर पहुंचे तो जलमग्न फसलों को देख दंग रह गए। सूचना संबंधित विभाग को दी गई। नहर को बंद किया गया। गुणवत्ताविहीन मरम्मत होने से नहर का फटना किसानों द्वारा बताया जा रहा है।
ग्राम पंचायत घाटकोटरा निवासी किसान शत्रुघ्न सिंह कछुवाहे, सुदर्शन सिंह राजावत, विक्रम सिंह, बृजेंद्र सिंह, शुभम सिंह परिहार आदि किसानों के खेतों में बोई गई फसलों में पानी भर गया। जिससे खेत में लगी लाही व गेहूं की फसलें पूर्ण रूप से डूब गईं। पीड़ित किसानों ने बताया कि लगभग 22 बीघा जमीन में लगी फसलें नष्ट हो गई हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। वहीं, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हरमुख सिंह परिहार ने बताया कि नहर खोले जाने से पहले जब इसमें मरम्मत का कार्य किया जा रहा था तो इसकी गुणवत्ता की शिकायतें ग्रामीणों ने की थी। लेकिन उसके बाद भी इसे गुणवत्तापूर्वक नहीं बनाया गया। नहर फटने से किसानों के खेतों में पानी भर गया है। जिससे फसल में भारी नुकसान हुआ है।
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उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने बताया कि टीम नहर की मरम्मत कार्य में लगी हुई है। किसानों की फसलों का जो नुकसान हुआ है, उसका सर्वे किया जा रहा है। सिंचाई विभाग महोबा को आदेशित कर दिया गया है कि वह ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करें ताकि आगे ऐसी कोई भी समस्या न आ सके। गुणवत्ताविहीन कराए गए कार्य की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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