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एक लाख का दम, कुर्सी दस हजार से भी कम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2016 12:28 AM IST
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bjp , jhansi news
- फोटो : amar ujala
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परिवर्तन यात्रा की रैली में एक लाख लोगों की भीड़ एकत्र करने का दावा करने वाले भाजपा नेताओं ने सभा स्थल पर दस हजार से भी कम कुर्सियां रखवाई थीं। प्रदेश व क्षेत्रीय नेताओं के साथ जिला व महानगर के नेताओं ने होटलों में बैठक कर भीड़ जुटाने को खूब मंथन किया, लेकिन सभा के आखिरी समय तक वहां रखीं सारी कुर्सियां तक नहीं भर सकीं। हालत यह रही कि जनसभा के बाद जिम्मेदार नेता एक-दूसरे से आंखें चुराते नजर आए।
बुंदेलखंड से निकलने वाली परिवर्तन यात्रा का शुभारंभ पहले ललितपुर के देवगढ़ से कराने की योजना था। चूंकि, सभा में एक लाख लोगों की भीड़ एकत्र करने का लक्ष्य बनाया गया था, इस कारण ललितपुर के नेताओं ने सभा कराने से हाथे पीछे खींच लिए थे। उनका तर्क था कि देवगढ़ तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग खराब है व ट्रेन मार्ग नहीं है। ललितपुर के नेताओं के मना करने के बाद यात्रा का शुभारंभ झांसी से कराने का निर्णय लिया गया ताकि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सुनने के लिए एक लाख लोगों की भीड़ जुट सके।
भीड़ जुटाने के लिए पिछले एक हफ्ते से प्रदेशीय व क्षेत्रीय झांसी के होटलों में डेरा डाल लिया था। बैठक पर बैठक होती रहीं थीं। स्थानीय नेतृत्व भीड़ जुटाने का भरोसा दिलाए रहा। पीले चावल लोगों को बांटे गए। बावजूद, स्थिति यह थी कि सभा स्थल में दस हजार से कम कुर्सियां बिछाई गई थीं, वे भी अंतिम समय तक पूरी नहीं भर सकी। इससे साफ हो गया कि क्षेत्रीय नेताओं द्वारा होटलों में बैठकर बनाई गई रणनीति काम नहीं आ सकी।
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प्रशासन के सिर फोड़ा ठीकरा
सदर विधायक रवि शर्मा का कहना है कि प्रशासन ने रैली फ्लॉप करने के सारे प्रयास किए। दूर-दूर से जो बसें आईं, उन्हें व्यवस्था के नाम पर शहर के बाहर खड़ा करा दिया गया। लोग चलकर पैदल आए तो अलग-अलग चौराहों पर उनको रोककर दूसरे रास्ते दिखाए गए। इस कारण आधे से ज्यादा भीड़ सड़कों पर ही रह गई।
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बुंदेलखंड से निकलने वाली परिवर्तन यात्रा का शुभारंभ पहले ललितपुर के देवगढ़ से कराने की योजना था। चूंकि, सभा में एक लाख लोगों की भीड़ एकत्र करने का लक्ष्य बनाया गया था, इस कारण ललितपुर के नेताओं ने सभा कराने से हाथे पीछे खींच लिए थे। उनका तर्क था कि देवगढ़ तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग खराब है व ट्रेन मार्ग नहीं है। ललितपुर के नेताओं के मना करने के बाद यात्रा का शुभारंभ झांसी से कराने का निर्णय लिया गया ताकि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सुनने के लिए एक लाख लोगों की भीड़ जुट सके।
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भीड़ जुटाने के लिए पिछले एक हफ्ते से प्रदेशीय व क्षेत्रीय झांसी के होटलों में डेरा डाल लिया था। बैठक पर बैठक होती रहीं थीं। स्थानीय नेतृत्व भीड़ जुटाने का भरोसा दिलाए रहा। पीले चावल लोगों को बांटे गए। बावजूद, स्थिति यह थी कि सभा स्थल में दस हजार से कम कुर्सियां बिछाई गई थीं, वे भी अंतिम समय तक पूरी नहीं भर सकी। इससे साफ हो गया कि क्षेत्रीय नेताओं द्वारा होटलों में बैठकर बनाई गई रणनीति काम नहीं आ सकी।
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प्रशासन के सिर फोड़ा ठीकरा
सदर विधायक रवि शर्मा का कहना है कि प्रशासन ने रैली फ्लॉप करने के सारे प्रयास किए। दूर-दूर से जो बसें आईं, उन्हें व्यवस्था के नाम पर शहर के बाहर खड़ा करा दिया गया। लोग चलकर पैदल आए तो अलग-अलग चौराहों पर उनको रोककर दूसरे रास्ते दिखाए गए। इस कारण आधे से ज्यादा भीड़ सड़कों पर ही रह गई।