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जिले में बनाई जा रही है अवैध तरीके से शराब
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:47 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। रेक्टीफाइड स्प्रिट (ओपी) से बनी शराब की बोतलों पर हरियाणा और मध्यप्रदेश की मोहर लगाकर बेचने का धंधा जिले में फलफूल रहा है। इसकी भनक लगने के साथ ही पुलिस की टीमें ठिकानों की तलाश में जुटी हुई हैं।
आठ जनवरी को जब पुलिस की टीम ने कंबल मिल खुशीपुरा में बने आलीशान मकान पर छापा मारा था, तो वहां से कई ड्रम ओपी, ब्रांडेड शराब की खाली बोतलें, यूरिया, रैपर और मोहरें बरामद हुई थी। वहां बड़े पैमाने पर ओपी से शराब बनाई जा रही थी, जिसे शहर की दुकानों पर खपाया जा रहा था। आसपास के जिलों में हरियाणा और मध्यप्रदेश की शराब बताकर बेची जा रही थी।
विगत दिनों कोतवाली पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के माध्यम से आई ओपी के पांच ड्रम को बरामद किया था। पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला कि इससे बड़े पैमाने पर अंग्रेजी शराब बनाई जानी थी। सुराग हाथ लगने के बाद से पुलिस की टीम उस गिरोह के गिरेबां तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है। एक ड्रम ओपी से करीब 800 बोतल शराब तैयार की जाती है।
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एसएसपी मनोज तिवारी का कहना है कि कोतवाली क्षेत्र में पिछले दिनों जिस तरह से ओपी के ड्रम बरामद हुए हैं, उससे स्पष्ट है कि इससे अवैध तरीके से शराब बनाने का काम चल रहा है। पुलिस की टीमों को पूरे मामले की तह में जाने के लिए लगा दिया गया है।
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आठ जनवरी को जब पुलिस की टीम ने कंबल मिल खुशीपुरा में बने आलीशान मकान पर छापा मारा था, तो वहां से कई ड्रम ओपी, ब्रांडेड शराब की खाली बोतलें, यूरिया, रैपर और मोहरें बरामद हुई थी। वहां बड़े पैमाने पर ओपी से शराब बनाई जा रही थी, जिसे शहर की दुकानों पर खपाया जा रहा था। आसपास के जिलों में हरियाणा और मध्यप्रदेश की शराब बताकर बेची जा रही थी।
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विगत दिनों कोतवाली पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के माध्यम से आई ओपी के पांच ड्रम को बरामद किया था। पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला कि इससे बड़े पैमाने पर अंग्रेजी शराब बनाई जानी थी। सुराग हाथ लगने के बाद से पुलिस की टीम उस गिरोह के गिरेबां तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है। एक ड्रम ओपी से करीब 800 बोतल शराब तैयार की जाती है।
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एसएसपी मनोज तिवारी का कहना है कि कोतवाली क्षेत्र में पिछले दिनों जिस तरह से ओपी के ड्रम बरामद हुए हैं, उससे स्पष्ट है कि इससे अवैध तरीके से शराब बनाने का काम चल रहा है। पुलिस की टीमों को पूरे मामले की तह में जाने के लिए लगा दिया गया है।