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शहर में दो साल से नहीं हुई टंकियों की सफाई..अब तो करा दो जम गई है काई

Mon, 06 Dec 2021 01:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 01:24 AM IST
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The cleaning of the tanks in the city has not been done for two years.. now it has frozen.
झांसी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर एक बार फिर लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। कोरोना में साफ- सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है लेकिन जलसंस्थान की पानी की टंकियों से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कारण, इन टंकियों की दो साल से सफाई नहीं हुई है। विभाग में पानी की तेरह टंकियां और सीडब्लूआर (भूतल जलाशय) हैं।
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महानगर की आबादी करीब 5.90 लाख है। इसमें से करीब चार लाख लोगों को 13 टंकियों से पानी उपलब्ध कराया जाता है। इन टंकियों को भरने के लिए पास में भूतल जलाशय बने हैं। प्रति वर्ष इन टंकियों और सीडब्लूआर (भूतल जलाशय) की सफाई होनी चाहिए, मगर दो साल से सफाई नहीं हुई है। ऐसे में टंकियों के अंदर काई जमा हो गई है। इस काई की वजह से दूषित पानी की आपूर्ति होने के कारण पेट की बीमारियों की आशंका है। एक सीडब्लूआर साफ करने में 80 हजार रुपये और टंकी साफ करने में 50 हजार रुपये का खर्च आता है।
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प्रधानमंत्री आए तो हो गई दो टंकियों की सफाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 नवंबर को शहर में आए थे। इस कारण किले के पास मोहल्ला नरसिंहराव टौरिया में बनीं दो टंकिेयों की सफाई करा दी गई। जबकि, शहर की अन्य टंकियों की ओर ध्यान नहीं दिया गया। यहां पर बनी पुरानी टंकी की भी सफाई करा दी गई।
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टंकियों में पानी की क्षमता
बबीना फिल्टर प्लांट से आने वाले पानी को सीडब्लूआर (भूतल जलाशय) के पास बने जोनल पंपिंग स्टेशन के माध्यम से ओवर हैड टैंक (पानी की टंकी) में भरा जाता है। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति की जाती है। मोहल्ला दरीगरान पंचवटी पर 1600 किलोलीटर क्षमता की एक टंकी, खंडेराव गेट पर 1500- 1500 किलोलीटर क्षमता की दो टंकी, तालपुरा व सागरगेट1800- 1800 किलोलीटर क्षमता की एक- एक, सिविल लाइन में 450 किलोलीटर क्षमता की एक, सीपरी बाजार में 900 किलोलीटर क्षमता की एक, मिशन कंपाउंड में 2500 किलोलीटर क्षमता की एक, खुशीपुरा में1600 किलोलीटर क्षमता की एक, खाती बाबा पर 2500 किलोलीटर क्षमता की एक, नगरा और पुलिया नंबर में 450- 450 किलोलीटर क्षमता की एक- एक व नरसिंह राव टौरिया पर 800 किलोलीटर क्षमता की एक टंकी हैं।
काफी समय से पानी की टंकी की सफाई नहीं हुई है, जबकि प्रत्येक वर्ष सफाई कराई जानी चाहिए। सफाई नहीं होने से काई जम जाती है, जो बीमारियों का कारण बनती है।
- संतोष कुमार, मिशन कंपाउंड
नियमित सफाई नहीं हो रही है। हमें तो याद ही नहीं कि कब सफाई कराई गई थी। यही कारण है कि हम लोगों को अक्सर पेट में गड़बड़ी की शिकायत रहती है। जल्द सफाई कराई जाए।
- अनवार खान, उन्नाव गेट बाहर
टंकियों की सफाई कराना बहुत आवश्यक है। सफाई नहीं होने से टंकियों में काई जमा होने से पानी दूषित हो जाता है। हमारे घर पर पानी को छानकर ही इस्तेमाल किया जाता है।

- विवेक गोस्वामी, सीपरी बाजार
माताटीला बांध से आने वाले पानी में बालू नहीं आती है। इस कारण टंकियों में बालू नहीं पहुंचती है। इसके बाद भी समय पर टंकियों की सफाई नहीं कराई जाती, यह बहुत गलत है।
- बॉबी हयारण, टंडन रोड
दूषित पानी पीने से पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। पीलिया और हैपेटाइटिस जैसे रोग भी हो सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि पानी को उबाल कर पीया जाए।
- डॉ.डीएस गुप्ता, फिजीशियन जिला अस्पताल
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