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जितनी क्षमता, उतना पानी तो छोड़ा जा चुका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jul 2016 01:33 AM IST
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river, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। राजघाट बांध इस बार इस कदर लबालब हुआ कि उसकी जितनी क्षमता है उतना ही पानी अभी तक यहां से छोड़ा जा चुका। जुलाई माह में ऐसा पहली बार हुआ है कि पंद्रह दिन में 71 हजार मिलियन क्यूबिक (टीएमसी) पानी छोड़ा गया। अभी भी बांध में लगातार पानी बढ़ रहा है। इसके पीछे भोपाल व आसपास क्षेत्रों में हुई जबरदस्त बारिश के कारण बेतवा नदी में बढ़ा पानी है। अब सिंचाई और पेयजल की समस्या का समाधान किसी हद तक हो जाएगा।
मध्य प्रदेश के भोपाल से उद्गम होकर आने वाली बेतवा नदी का पानी सबसे पहले ललितपुर क्षेत्र में स्थित राजघाट बांध में रोका जाता है। इस बांध से छूटा पानी माताटीला बांध को भरता है। माताटीला बांध से छोड़ा गया पानी सुकुवां ढुकुवां व पारीछा बांध से होता हुआ उरई जालौन, हमीरपुर तक नहर के जरिये सिंचाई के लिए पहुंचता है। माताटीला बांध के पानी से ही झांसी महानगर व बबीना से झांसी मार्ग पर स्थित क्षेत्रों को जलापूर्ति होती है। अगर पूरे साल सिंचाई व पेयजल के लिए पर्याप्त पानी चाहिए तो राजघाट बांध का भरना जरूरी है। राजघाट बांध भरने के लिए मध्य प्रदेश में बारिश होना जरूरी है।
जुलाई माह के शुरूआती दिनों में मध्यप्रदेश के भोपाल व आसपास क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश से बेतवा नदी में पानी तेजी से दौड़ा। नतीजतन पांच जुलाई को ही बांध अपने पूर्ण जलस्तर से 370.90 मीटर के सापेक्ष 369.00 मीटर भर चुका था। बांध की कुल भराव क्षमता 71 टीएमसी है। पांच जुलाई के बाद से ही लगातार बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। 23 जुलाई को 149 क्यूमेक पानी बांध से छोड़ा गया।
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सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता (स्तर वन) वीके गुप्ता ने बताया कि राजघाट बांध से अभी तक 71 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है, जो पांच जुलाई से बीस जुलाई के मध्य एक नया रिकार्ड है।
इन बांधों में भी खूब पानी
माताटीला बांध का जलस्तर 308.46 मीटर की तुलना में 306.84 मीटर, सुकुवां ढुकुवां बांध का 273.71 मीटर की तुलना में 271.40 मीटर, पारीछा बांध 194.65 मीटर की तुलना में 193.09 मीटर भरा हुआ है। पारीछा बांध से 57 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इधर, झांसी जनपद में हुई अब तक वर्षा से धसान नदी पर बने पहाड़ी बांध का जलस्तर 195.93 मीटर की तुलना में 194.06 मीटर, लहचूरा बांध का 182.27 मीटर की तुलना में 180.35 मीटर पहुंच गया है।
इन दोनों बांधों का जलस्तर बारिश होने पर यकायक न बढ़ जाए, इसके देखते हुए क्रमश: 257 व 263 क्यूमेक पानी बांध से छोड़ा जा रहा है। मऊरानीपुर के निकट सपरार नदी पर बने सपरार बांध का जलस्तर 224.64 मीटर व 220.73 मीटर पर पहुंच गया है।
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मध्य प्रदेश के भोपाल से उद्गम होकर आने वाली बेतवा नदी का पानी सबसे पहले ललितपुर क्षेत्र में स्थित राजघाट बांध में रोका जाता है। इस बांध से छूटा पानी माताटीला बांध को भरता है। माताटीला बांध से छोड़ा गया पानी सुकुवां ढुकुवां व पारीछा बांध से होता हुआ उरई जालौन, हमीरपुर तक नहर के जरिये सिंचाई के लिए पहुंचता है। माताटीला बांध के पानी से ही झांसी महानगर व बबीना से झांसी मार्ग पर स्थित क्षेत्रों को जलापूर्ति होती है। अगर पूरे साल सिंचाई व पेयजल के लिए पर्याप्त पानी चाहिए तो राजघाट बांध का भरना जरूरी है। राजघाट बांध भरने के लिए मध्य प्रदेश में बारिश होना जरूरी है।
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जुलाई माह के शुरूआती दिनों में मध्यप्रदेश के भोपाल व आसपास क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश से बेतवा नदी में पानी तेजी से दौड़ा। नतीजतन पांच जुलाई को ही बांध अपने पूर्ण जलस्तर से 370.90 मीटर के सापेक्ष 369.00 मीटर भर चुका था। बांध की कुल भराव क्षमता 71 टीएमसी है। पांच जुलाई के बाद से ही लगातार बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। 23 जुलाई को 149 क्यूमेक पानी बांध से छोड़ा गया।
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सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता (स्तर वन) वीके गुप्ता ने बताया कि राजघाट बांध से अभी तक 71 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है, जो पांच जुलाई से बीस जुलाई के मध्य एक नया रिकार्ड है।
इन बांधों में भी खूब पानी
माताटीला बांध का जलस्तर 308.46 मीटर की तुलना में 306.84 मीटर, सुकुवां ढुकुवां बांध का 273.71 मीटर की तुलना में 271.40 मीटर, पारीछा बांध 194.65 मीटर की तुलना में 193.09 मीटर भरा हुआ है। पारीछा बांध से 57 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इधर, झांसी जनपद में हुई अब तक वर्षा से धसान नदी पर बने पहाड़ी बांध का जलस्तर 195.93 मीटर की तुलना में 194.06 मीटर, लहचूरा बांध का 182.27 मीटर की तुलना में 180.35 मीटर पहुंच गया है।
इन दोनों बांधों का जलस्तर बारिश होने पर यकायक न बढ़ जाए, इसके देखते हुए क्रमश: 257 व 263 क्यूमेक पानी बांध से छोड़ा जा रहा है। मऊरानीपुर के निकट सपरार नदी पर बने सपरार बांध का जलस्तर 224.64 मीटर व 220.73 मीटर पर पहुंच गया है।