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अब 40 मीटर तक दूरी तक ही अस्थायी कनेक्शन

Sat, 21 Jan 2017 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 21 Jan 2017 12:44 AM IST
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Temporary connections to 40 meters distance
electricity news - फोटो : demo
भवन निर्माण के लिए बिजली का कनेक्शन अब खंभे से 40 मीटर दूरी तक ही मिल सकेगा। यह निर्णय बिजली विभाग ने इसलिए लिया कि लोग अस्थायी कनेक्शन को स्थायी नहीं करवाते। दरअसल स्थायी कनेक्शन तभी जारी किया जाता है, जब विद्युतीकरण बिल्डर करे या फिर कालोनी के निवासी। नया नियम लागू होने के बाद लोग अस्थायी कनेक्शन न मिलने पर परेशान होंगे तो खुद ही कालोनियों में विद्युतीकरण करवाने के लिए आगे आएंगे।  
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नियमानुसार यदि कोई बिल्डर या कोलोनाइजर कालोनी विकसित करता है तो वहां के विद्युतीकरण की जिम्मेदारी भी उसी की होती है। इसी शर्त पर वहां बिजली सप्लाई की जाती है। नियम है कि अगर किसी कोलोनाइजर की ओर से विकसित किसी कालोनी के दस फीसदी उपभोक्ता एकसाथ बिजली कनेक्शन के आवेदन करेंगे तो बिजली विभाग वहां विद्युतीकरण के लिए इस्टीमेट बना देगा। यदि कालोनी के पचास फीसदी उपभोक्ता 35 रुपये प्रति वर्ग फुट (जिस जमीन पर भवन का निर्माण हुआ है) के हिसाब से पैसा जमा कर दें तो वहां विद्युतीकरण करवा दिया जाएगा।
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दरअसल शहर के बाहरी इलाकों में विकसित कॉलोनियों में कई लोग भूखंड खरीदने के बाद उसे ज्यादा कीमत मिलने पर उसे बेच हैं। जमीन खरीदने वाला वहां मकान बनाकर बिजली का अस्थायी कनेक्शन तो ले लेता है लेकिन स्थायी के लिए परेशान हो जाता है, क्योंकि तब उसे पता लगता है कि विद्युतीकरण तो बिल्डर का कोलोनाइजर को करवाना है। तब वह अस्थायी कनेक्शन पर ही बिजली इस्तेमाल करता रहता है। हालत यह है कि नई कॉलोनियों में पांच सौ से अधिक लोगों ने अस्थायी कनेक्शन ले रखे हैं, जोे स्थायी नहीं करा रहे हैं। विद्युत विभाग ने अस्थायी कनेक्शनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन पर रोक लगा दी है। अब सिर्फ उन लोगों को ही भवन निर्माण के लिए अस्थायी कनेक्शन दिया जाएगा, जिनका प्लाट विद्युत खंभे से 40 मीटर की दूरी तक है, वरना बिजली के लिए उन्हें जनरेटर लगवाना पड़ेगा।
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‘नई कॉलोनियों में अस्थायी कनेक्शनों की बढ़ती संख्या के कारण यह निर्णय लिया गया है। ऐसा करने पर ही लोग कॉलोनियों में विद्युतीकरण कराने के लिए आगे आएंगे।’
पंकज अग्रवाल, अधिशासी अभियंता (द्वितीय)

इन कॉलोनियों में समस्या
विद्युतीकरण न होने के कारण भट्टागांव स्थित सैनिक नगर, बाहर बड़ागांव गेट स्थित बाबा का अटा, उन्नाव गेट बाहर स्थित शिव परिवार कॉलोनी पंचवटी के आसपास क्षेत्र, प्रेमनगर स्थित शिव परिवार और गणेश कॉलोनी, नंदनपुरा स्थित लहर इनक्लेव समेत कई कालोनियों के लोग परेशान हैं।  

 दिक्कतें 
- अस्थायी कनेक्शन पर कामर्शियल रेट के हिसाब से हर तीन माह में बिल देना पड़ता है।
- कॉलोनी के लोग विद्युतीकरण के लिए खुद निर्धारित शुल्क देने को तैयार नहीं होते हैं। 

फायदे 
- अस्थायी कनेक्शन नहीं मिलने पर लोग विद्युतीकरण के लिए आगे आएंगे। 
- जिन्हें अपने प्लाट पर भवन बनाना है, उनको कनेक्शन लेने में परेशानी नहीं होगी। 
- स्थायी कनेक्शन पर मिलने पर सामान्य टैरिफ पर ही बिल अदा करना होगा।  

नियम
बिजली विभाग भवन निर्माण और सिंचाई के लिए अस्थायी कनेक्शन देता है। यह अवधि पांच साल तक हो सकती है। ढाई साल के बाद उपभोक्ता को बिल राशि के अलावा दस प्रतिशत अधिक भुगतान करना पड़ता है।

क्या करें
मकान बनाते समय दो साल के लिए बिजली का अस्थायी कनेक्शन लिया था। समय पूरा हो गया। अब तीन महीने की मोहलत दी गई है। इसके बाद कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद बिजली कैसे जलाएंगे?  परेशान हैं।

एसके शाह, सैनिक नगर
फोटो
बड़ी समस्या है
बड़ी मुश्किलों में मकान बनाया है। बिजली कनेक्शन कटने पर वह घर में कैसे रहेंगे? विद्युत विभाग की दोहरी नीति ने उनको परेशान कर रखा है। कोलोनाइजर का भी पता नहीं है।
रमाकांत त्रिपाठी, सैनिक नगर
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