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Jhansi News: आयुर्वेदिक चिकित्सा के विद्यार्थी करेंगे संस्कृत की पढ़ाई
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में संस्कृत अध्ययन केंद्र की शुरुआत हो गई है। यहां केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने सर्टिफिकेट कोर्स व डिप्लोमा कोर्स शुरू कर दिए हैं। इससे छात्र-छात्राओं को आयुर्वेदिक चिकित्सा की संस्कृत में लिखी किताबों को पढ़ने में आसानी होगी।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि बीएएमएस के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के दौरान संस्कृत शब्द आने पर काफी दिक्कत होती है। औषधियों के नाम याद करने और लिखने में परेशानी होती है। इन समस्याओं के मद्देनजर पिछले साल दिल्ली के केंद्रीय संस्कृत विवि से एमओयू किया गया। इसके तहत कॉलेज परिसर में संस्कृत अध्ययन केंद्र खोला गया है। इस अध्ययन केंद्र में छात्र-छात्राओं के लिए छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स और एक साल का डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया है। खास बात यह है कि न सिर्फ विद्यार्थियों को संस्कृृत शिक्षा के प्रमाण-पत्र मिलेंगे बल्कि बीएएमएस में क्रेडिट अंक भी मिलेंगे।
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प्राचार्य डॉ. राम कृष्ण राठौर ने बताया कि अधिकांश छात्र-छात्राएं संस्कृत के शब्दों अथवा औषधियों के नाम पढ़ने और समझने में आने वाली दिक्कत के निदान के लिए पंजीकरण करा रहे हैं।
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