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सड़कों के काम अटके, अब फिर से टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Nov 2016 12:48 AM IST
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nagar nigm, jhansi news
- फोटो : demo
खस्ताहाल सड़कों के दुरुस्त होने की आस लगाए बैठे शहर वासियों के लिए यह खबर अच्छी नहीं है। अभी कुछ महीने और शहर वासियों को सड़क गड्ढों से जूझना पड़ेगा। तीन से कम टेंडर आने के कारण नगर निगम द्वारा बनाई जाने वाली चार सड़कों के टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। 14 वे वित्त आयोग से प्राप्त चार करोड़ रुपये से यह सड़कें बननी हैं।
14 वें वित्त आयोग से मिली राशि से रिसाला चुंगी से बकरा मंडी, नारायण बाग से बड़ागांव गेट बाहर तिराहा, कचहरी से जेल चौराहा और रेलवे स्टेशन से इलाहाबाद बैंक चौराहा तक सड़क किनारे वाली निर्माण के लिए करीब चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके बाद सड़कों का टेंडर निकाला गया। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए, लेकिन जब सात नवंबर को टेंडर खोले गए तो ज्यादातर कार्यों के टेंडर एक या दो आए, जबकि नियमत: तीन टेंडर आने अनिवार्य हैं। इसके अलावा जब पहले चरण में इनकी टेक्नीकल बिड खोली गई तो वह भी पास नहीं हुई। इस तरह से मानक पूरे नहीं होने पर टेंडर निरस्त कर दिए गए।
टेंडर निरस्त हो जाने से सड़कों के निर्माण का कार्य कम से कम तीन माह पीछे चला गया है। क्योंकि, अब फिर नये सिरे से टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी और इसे पूरा होने में कम से कम दो माह लग जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
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नोटों का नया संकट
एक तो नगर निगम के ठेकेदार पहले से ही भुगतान को लेकर परेशान थे, दूसरे नोटों का संकट आ जाने के कारण ठेकेदारों की परेशानी और बढ़ गई है। क्योंकि, ठेेकेदारों के यहां काम करने वाले मजदूर या तो मिल नहीं रहे हैं, या मिल रहे हैं तो ठेकेदार उनमें दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, क्योंकि मजदूर सौ और पचास रुपये के नोट मांग रहे हैं, जबकि ठेकेदारों के पास अभी सौ के नोट इतनी संख्या में नहीं आ सके हैं कि वह मजदूरों का भुगतान कर सकें।
लटका है पैसा
14 वें वित्त आयोग की धनराशि से विकास कार्य कराए जाते हैं। यह पैसा रोका नहीं जाता, बल्कि प्रयास किया जाता है कि जल्दी से जल्दी इससे सड़कों का कार्य करा दिया जाए। लेकिन, यह पैसा टेंडर के चक्कर में लटका पड़ा है।
इन सड़कों के लिए पैसा जारी
शासन के उप सचिव रंग बहादुर ने नगरीय सड़क सुधार योजना के अंतर्गत 2016-17 में नगर निगम सीमा के अंतर्गत वार्ड नंबर 13 गरिया गांव में गोविंद दास अहिरवार से दिलीप महाराज के मकान तक नाली एवं इंटर लाकिंग सीसी ब्लाक से सड़क निर्माण पर 18.20 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। इसी तरह साहू ट्रेडर्स से कन्या प्राथमिक विद्यालय तक नाली एवं इंटर लाकिंग सीसी ब्लाक से सड़क निर्माण के लिए 33.55 लाख रुपये, वार्ड नंबर 42 सिविल लाइंस में परमानंद चौक से बी आर पेट्रोल पंप तक सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य पर 21.99 लाख रुपये, वार्ड नंबर 41 में चूना भट्टी से राधाकृष्ण शर्मा के मकान तक सड़क सुधार कार्य पर 27.27 लाख रुपये, इसी वार्ड में अंजनी हनुमान मंदिर से नारायण बाग तिराहा तक सड़क सुधार कार्य 38.06 लाख रुपये, वार्ड नंबर 41 में महाकालेश्वर मंदिर तिराहा से कानपुर बाईपास तिराहा तक सड़क सुधार कार्य पर 38.21 लाख रुपये और वार्ड नंबर 39 पीरिया में नहर के पास से ठाकुर जी मंदिर तक सीसी ब्लाक सड़क और नाली निर्माण पर 31.20 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही सड़कों का टेंडर निकाला जाएगा और निर्माण कार्य शुरू कराए जाएंगे।
टेंडर डाले गए थे, लेकिन किसी में दो तो किसी कार्य में एक ही ठेकेदार ने रुचि दिखाई थी। इस कारण टेंडर निरस्त कर दिए गए। अब दुबारा टेंडर डाले जाएंगे। इसके अलावा शासन ने सात सड़कों का पैसा स्वीकृत कर दिया है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।
- आर के वर्मा
मुख्य अभियंता
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14 वें वित्त आयोग से मिली राशि से रिसाला चुंगी से बकरा मंडी, नारायण बाग से बड़ागांव गेट बाहर तिराहा, कचहरी से जेल चौराहा और रेलवे स्टेशन से इलाहाबाद बैंक चौराहा तक सड़क किनारे वाली निर्माण के लिए करीब चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके बाद सड़कों का टेंडर निकाला गया। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए, लेकिन जब सात नवंबर को टेंडर खोले गए तो ज्यादातर कार्यों के टेंडर एक या दो आए, जबकि नियमत: तीन टेंडर आने अनिवार्य हैं। इसके अलावा जब पहले चरण में इनकी टेक्नीकल बिड खोली गई तो वह भी पास नहीं हुई। इस तरह से मानक पूरे नहीं होने पर टेंडर निरस्त कर दिए गए।
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टेंडर निरस्त हो जाने से सड़कों के निर्माण का कार्य कम से कम तीन माह पीछे चला गया है। क्योंकि, अब फिर नये सिरे से टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी और इसे पूरा होने में कम से कम दो माह लग जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
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नोटों का नया संकट
एक तो नगर निगम के ठेकेदार पहले से ही भुगतान को लेकर परेशान थे, दूसरे नोटों का संकट आ जाने के कारण ठेकेदारों की परेशानी और बढ़ गई है। क्योंकि, ठेेकेदारों के यहां काम करने वाले मजदूर या तो मिल नहीं रहे हैं, या मिल रहे हैं तो ठेकेदार उनमें दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, क्योंकि मजदूर सौ और पचास रुपये के नोट मांग रहे हैं, जबकि ठेकेदारों के पास अभी सौ के नोट इतनी संख्या में नहीं आ सके हैं कि वह मजदूरों का भुगतान कर सकें।
लटका है पैसा
14 वें वित्त आयोग की धनराशि से विकास कार्य कराए जाते हैं। यह पैसा रोका नहीं जाता, बल्कि प्रयास किया जाता है कि जल्दी से जल्दी इससे सड़कों का कार्य करा दिया जाए। लेकिन, यह पैसा टेंडर के चक्कर में लटका पड़ा है।
इन सड़कों के लिए पैसा जारी
शासन के उप सचिव रंग बहादुर ने नगरीय सड़क सुधार योजना के अंतर्गत 2016-17 में नगर निगम सीमा के अंतर्गत वार्ड नंबर 13 गरिया गांव में गोविंद दास अहिरवार से दिलीप महाराज के मकान तक नाली एवं इंटर लाकिंग सीसी ब्लाक से सड़क निर्माण पर 18.20 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। इसी तरह साहू ट्रेडर्स से कन्या प्राथमिक विद्यालय तक नाली एवं इंटर लाकिंग सीसी ब्लाक से सड़क निर्माण के लिए 33.55 लाख रुपये, वार्ड नंबर 42 सिविल लाइंस में परमानंद चौक से बी आर पेट्रोल पंप तक सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य पर 21.99 लाख रुपये, वार्ड नंबर 41 में चूना भट्टी से राधाकृष्ण शर्मा के मकान तक सड़क सुधार कार्य पर 27.27 लाख रुपये, इसी वार्ड में अंजनी हनुमान मंदिर से नारायण बाग तिराहा तक सड़क सुधार कार्य 38.06 लाख रुपये, वार्ड नंबर 41 में महाकालेश्वर मंदिर तिराहा से कानपुर बाईपास तिराहा तक सड़क सुधार कार्य पर 38.21 लाख रुपये और वार्ड नंबर 39 पीरिया में नहर के पास से ठाकुर जी मंदिर तक सीसी ब्लाक सड़क और नाली निर्माण पर 31.20 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही सड़कों का टेंडर निकाला जाएगा और निर्माण कार्य शुरू कराए जाएंगे।
टेंडर डाले गए थे, लेकिन किसी में दो तो किसी कार्य में एक ही ठेकेदार ने रुचि दिखाई थी। इस कारण टेंडर निरस्त कर दिए गए। अब दुबारा टेंडर डाले जाएंगे। इसके अलावा शासन ने सात सड़कों का पैसा स्वीकृत कर दिया है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।
- आर के वर्मा
मुख्य अभियंता