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Jhansi News: स्मार्ट सिटी के कामों में पकड़ी गई 40 लाख की स्टांप चोरी, महज 100-100 रुपये के स्टांपों पर कर दी गईं आठ लीज
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। निबंधन विभाग ने स्मार्ट सिटी के कामों में स्टांप शुल्क की बड़ी चोरी पकड़ी है। महज 100-100 रुपये के स्टांप का इस्तेमाल कर आठ लीज कर दी गईं, जबकि इनमें 40 लाख रुपये से अधिक के स्टांपों का उपयोग किया जाना चाहिए था। सभी फर्मों के खिलाफ वाद दायर कर दिए गए हैं। साथ ही नोटिस भी जारी किए गए हैं।
निबंधन विभाग की जांच में सामने आया कि स्मार्ट सिटी की ओर से स्मार्ट वेंडिंग जोन की 10 साल की लीज के लिए महज 100 रुपये के स्टांप पेपर का इस्तेमाल किया गया, जबकि इसमें 2,53,700 रुपये के स्टांपों का इस्तेमाल होना था। इसी प्रकार डिजिटल साइन बोर्ड की तीन साल साल की लीज भी 100 रुपये के स्टांप पर कर दी गई, जबकि इसमें 6,08,860 रुपये के स्टांप लगने थे।
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ओपन जिम की पांच साल लीज में भी 100 रुपये का स्टांप लगाया था, जबकि इसमें नियमानुसार 3,52,180 रुपये के स्टांप लगाए जाने थे। इसी तरह से पांच अन्य मामले निबंधन विभाग ने पकड़े गए हैं। इन सभी मामलों में 40 लाख रुपये से अधिक के स्टांप का उपयोग किया जाना था, लेकिन महज 100-100 रुपये के स्टांपों पर ही लीज कर दी गई।
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मामले पकड़े जाने के बाद निबंधन विभाग की ओर से सभी आठ फर्मों के खिलाफ अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर कर दिए गए हैं। सभी फर्मों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
और दस्तावेज भी खंगाले जा रहे
आठ लीज में लाखों की स्टांप चोरी पकड़े जाने के बाद अब निबंधन विभाग ने स्मार्ट सिटी की ओर से किए गए अन्य अनुबंधों के दस्तावेज भी खंगालना शुरू कर दिए हैं। विभाग की इस कार्रवाई से हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
स्मार्ट सिटी की ओर से की गईं लीज में 40 लाख रुपये से अधिक के स्टांप कम पाए गए हैं। संबंधित फर्मों के खिलाफ वाद दायर कर दिए गए हैं। सभी से नियमानुसार स्टांप ड्यूटी की वसूली की जाएगी। - प्रवीण सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन