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कचरा निस्तारण का प्रबंध न होने से बढ़ रहा प्रदूषण
Sat, 27 Apr 2019 12:54 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sat, 27 Apr 2019 12:54 AM IST
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kachara gadi
- फोटो : demo
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झांसी। नगर निगम रोजाना तीन सौ टन कचरा ढो रहा है। लेकिन, उस कचरे के निस्तारण का कोई इंतजाम नहीं है। जबकि, झांसी स्मार्ट सिटी में चयनित है। इसके लिए खाका कई बार खींचा गया, पर अभी तक योजना धरातल पर नहीं उतरी है। इस कारण क्षेत्र में कचरा प्रदूषण बढ़ रहा है।
महानगर के 60 वार्डों से रोजाना लगभग तीन सौ टन कचरा नगर निगम के वाहन और डोर-टू-डोर कलेक्शन वाले ढोते हैं। लेकिन, इस कचरे को निस्तारित करने का कोई प्रबंध अब तक नगर निगम नहीं कर सका है। यही कारण है डंपिंग जोन अब पहाड़ नजर आने लगे हैं। सीपरी बाजार स्थित डंपिंग जोन जहां पहले कभी कई फुट गहरी खाई हुआ करती थी, वह आज कचरे के कारण पट गई है। अब आलम ये है कि कचरा निस्तारण का प्रबंध न होने से अब खाई पहाड़ का रूप लेने के लिए तैयार हो रही है। दूसरी ओर पंचवटी स्थित डंपिंग जोन पहाड़ का रूप लेने ही लगा है।
प्रति परिवार से ले रहे 40 रुपये
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए एक प्राइवेट कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। इसके एवज में प्रत्येक घर से 40 रुपये वसूले जाते हैं। घर से एकत्र किया जाने वाला सूखा और गीला कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाना चाहिए पर ज्यादातर कर्मचारी ऐसा नहीं कर रहे हैं। बस, कचरा एकत्र कर डंपिंग जोन में डंप कर रहे हैं।
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1600 कर्मचारियों पर सफाई का जिम्मा
नगर निगम के दायरे में 60 वार्ड आते हैं, जिसमें पांच लाख से अधिक की आबादी है। इन सब की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी 1600 कर्मचारियों की है। इनमें से मात्र 280 कर्मचारी स्थायी हैं। जबकि, 740 आउटसोर्स तथा 580 संविदा कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों पर क्षेत्र में कचरा कंटेनरों, नाली, सड़क सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने का जिम्मा है।
ये लगे हैं प्लांट
- कंपोस्ट खाद प्लांट : सीपरी बाजार के कांशीराम पार्क में कंपोस्ट खाद प्लांट लगा हुआ है। इसमें घरों ओर अन्य स्थानों से निकलने वाला गीला कचरा री-साइकिल कर उससे खाद बनाने का काम किया जा रहा है।
- प्लास्टिक वेस्ट प्लांट: बिजौली में कचरे से निकलने वाले प्लाटिक और पॉलिथीन को री-साइकिल करने का काम किया जा रहा है। प्लास्टिक की खरीद न होने के कारण उसका उपयोग सड़कों में हो रहा है।
- फीकल स्लज प्लांट: बिजौली में स्थापित इस प्लांट में घरों से सेप्टिक टैंक से निकलने वाली गंदगी को री-साइकिल किया जाता है। मलबे से खाद और पानी को फिल्टर कर उसे सींचने के लायक बनाया जाता है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत प्रदेश स्तर पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इसके लिए एक नहीं बल्कि 17 नगर निगम में सॉलिस्ट वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किया जाना है। मंजूरी मिलते ही प्लांट स्थापित कर कचरे को री-साइकिल करना शुरू कर दिया जाएगा। - रामतीर्थ सिंघल, महापौर
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महानगर के 60 वार्डों से रोजाना लगभग तीन सौ टन कचरा नगर निगम के वाहन और डोर-टू-डोर कलेक्शन वाले ढोते हैं। लेकिन, इस कचरे को निस्तारित करने का कोई प्रबंध अब तक नगर निगम नहीं कर सका है। यही कारण है डंपिंग जोन अब पहाड़ नजर आने लगे हैं। सीपरी बाजार स्थित डंपिंग जोन जहां पहले कभी कई फुट गहरी खाई हुआ करती थी, वह आज कचरे के कारण पट गई है। अब आलम ये है कि कचरा निस्तारण का प्रबंध न होने से अब खाई पहाड़ का रूप लेने के लिए तैयार हो रही है। दूसरी ओर पंचवटी स्थित डंपिंग जोन पहाड़ का रूप लेने ही लगा है।
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प्रति परिवार से ले रहे 40 रुपये
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए एक प्राइवेट कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। इसके एवज में प्रत्येक घर से 40 रुपये वसूले जाते हैं। घर से एकत्र किया जाने वाला सूखा और गीला कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाना चाहिए पर ज्यादातर कर्मचारी ऐसा नहीं कर रहे हैं। बस, कचरा एकत्र कर डंपिंग जोन में डंप कर रहे हैं।
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1600 कर्मचारियों पर सफाई का जिम्मा
नगर निगम के दायरे में 60 वार्ड आते हैं, जिसमें पांच लाख से अधिक की आबादी है। इन सब की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी 1600 कर्मचारियों की है। इनमें से मात्र 280 कर्मचारी स्थायी हैं। जबकि, 740 आउटसोर्स तथा 580 संविदा कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों पर क्षेत्र में कचरा कंटेनरों, नाली, सड़क सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने का जिम्मा है।
ये लगे हैं प्लांट
- कंपोस्ट खाद प्लांट : सीपरी बाजार के कांशीराम पार्क में कंपोस्ट खाद प्लांट लगा हुआ है। इसमें घरों ओर अन्य स्थानों से निकलने वाला गीला कचरा री-साइकिल कर उससे खाद बनाने का काम किया जा रहा है।
- प्लास्टिक वेस्ट प्लांट: बिजौली में कचरे से निकलने वाले प्लाटिक और पॉलिथीन को री-साइकिल करने का काम किया जा रहा है। प्लास्टिक की खरीद न होने के कारण उसका उपयोग सड़कों में हो रहा है।
- फीकल स्लज प्लांट: बिजौली में स्थापित इस प्लांट में घरों से सेप्टिक टैंक से निकलने वाली गंदगी को री-साइकिल किया जाता है। मलबे से खाद और पानी को फिल्टर कर उसे सींचने के लायक बनाया जाता है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत प्रदेश स्तर पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इसके लिए एक नहीं बल्कि 17 नगर निगम में सॉलिस्ट वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किया जाना है। मंजूरी मिलते ही प्लांट स्थापित कर कचरे को री-साइकिल करना शुरू कर दिया जाएगा। - रामतीर्थ सिंघल, महापौर